बिजली बिल कम कराने के लिए यूनिट चोरी का खेल, 'जुगाड़' में उपभोक्ताओं का ही होता नुकसान
कानपुर देहात में बिजली विभाग द्वारा अलग-अलग दरों पर बिल जारी किए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग यूनिट चोरी करके बिल कम कराने की कोशिश करते हैं। मीटर रीडर इसम ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। बिजली विभाग द्वारा व्यावसायिक और घरेलू कनेक्शनों के लिए अलग अलग दरों का निर्धारण किया गया। लेकिन कई बार बिजली बिल कम कराने को यूनिट चोरी का खेल होता है हालांकि बाद में उपभोक्ताओं को ही इसका नुकसान होता है। कर्मी तो सुविधा शुल्क लेकर चलते बनते हैं।
विद्युत भार और यूनिट के आधार पर बिल तैयार होता है। घरेलू कनेक्शन पर 100 यूनिट तक बिजली खपत होने पर साढ़े पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल बनता है। 101 से 150 यूनिट होने पर छह रुपये और इससे अधिक होने पर साढ़े छह रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चार्ज किया जाता है।
बिल कम कराने के लिए यूनिट चोरी का खेल भी खूब चलता है। इस मामले में मीटर रीडरों की अहम भूमिका रहती है। बिजली की अलग-अलग दरें होने की वजह से उपभोक्ता यूनिट कम करवाकर अगले महीने वाले बिल में जुड़वाने की जुगत में रहते है । इसमें जुगाड़ करने पर उपभोक्ताओं को कुछ समय के लिए लाभ तो मिल जाता है परंतु टीम के द्वारा चेकिंग या आखिरी बिल में पकड़े जाने पर उपभोक्ता को बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।
अकबरपुर के सतीश कुमार, रूरा के आदित्य बताते हैं कि कई बार कर्मियों ने यूनिट कम कर सुविधा का झांसा दिया पर हम लोग इस चक्कर में नहीं आए। वहीं कई बार जब खेल पकड़ में आता है तो पूरी वसूली होती है ऐसे में नुकसान होता है क्योंकि सुविधा शुल्क भी दिया जा चुका होता है। साथ ही बिल में ब्याज अलग से जुड़कर आता है।
धीक्षण अभियंता सुमित व्यास ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है, सभी को लगातार जागरूक किया जाता है कि कोई सुविधा अलग से देना चाहे या रुपये की मांग करें तो सीधे आकर बताएं या विभाग में शिकायत करें।
स्मार्ट मीटर से रुकेगा खेल
बिजली चोरी व यूनिट का खेल स्मार्ट मीटर से रुकेगा, तेजी से इसको ल गाने का काम हो रहा है। जल्द ही पूरे जिले में यह लग जाएंगे अभी कस्बों में प्राथमिकता के आधार पर इनको लगवाया जा रहा है।

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