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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कानपुर में महिला ने पति को दी ट्रिपल तलाक में फंसाने की धमकी

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sat, 15 Apr 2017 07:09 PM (IST)Updated: Sat, 15 Apr 2017 08:14 PM (IST)

कानपुर में एक महिला ने अपने पति को ट्रिपल तलाक के मामले में फंसा देने की धमकी देकर सनसनी फैला ...और पढ़ें

कानपुर में महिला ने पति को दी ट्रिपल तलाक में फंसाने की धमकी
कानपुर में महिला ने पति को दी ट्रिपल तलाक में फंसाने की धमकी

कानपुर (जेएनएन)। देश में इन दिनों ट्रिपल तलाक का मामला चरम पर है। तमाम समाजिक संगठन के साथ ही मुस्लिम संगठन भी इसके विरोध में हैं। इसके विपरीत कानपुर में एक महिला ने अपने पति को ट्रिपल तलाक के मामले में फंसा देने की धमकी देकर सनसनी फैला दी है। पति अब परिवार न्यायालय की शरण में है। 

तीन तलाक को लेकर चर्चा बेहद गरम है। मुस्लिम महिलाएं भी इसका विरोध कर रही हैं। इसके विपरीत शहर में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें महिला ने पति को तीन तलाक में फंसाने की धमकी दी है। परेशान पति इंसाफ मांगने प्रमुख पारिवारिक न्यायालय पहुंचा। दलील दी कि वह पत्नी से बहुत प्रेम करता है। उसकी गलतियों को भी माफ कर देगा। सब कुछ भूलकर उसको घर लाना चाहता है। पत्नी वैवाहिक जीवन का निर्वहन करे इसके लिए पति ने न्यायालय से आदेश देने की अपील भी की है। प्रमुख पारिवारिक न्यायाधीश ने मामला दर्ज कर लिया है।

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जूही परमपुरवा के जालपानगर के इम्तियाज का निकाह मार्च 2016 में हुआ। चार-पांच माह तक सब ठीक रहा। उसके बाद पत्नी छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद करने लगी, जिसकी ससुराल वाले अनदेखी कर देते। इस मामले में इम्तियाज ने समझाने का प्रयत्न किया तो पत्नी झगडऩे लगी। उसने कहा कि निकाह मेरी मर्जी से नहीं हुआ है और फरवरी 2017 को मायके चली गई। इम्तियाज विदा कराने घर पहुंचा तो नहीं आई। रिश्तेदारों ने दबाव बनाया तो तीन तलाक में फंसाने की धमकी दी।

चर्चा में हैं सहायक श्रमायुक्त

श्रम विभाग के सहायक श्रमायुक्त का पत्र के जरिये पत्नी को तीन तलाक भेजने का मामला इस समय चर्चा में बना हुआ है। पिछले दिनों महिला ने पत्र लिखा था।

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बिना तलाक कर ली दूसरी शादी, मुकदमा

कानपुर के चकेरी में एक युवक ने पहली पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी महिला से शादी कर ली। चकेरी के रामादेवी निवासी 32 वर्षीय महिला के मुताबिक उसके गिरजा नगर निवासी एक युवक से प्रेम संबंध हो गए थे। इस पर युवक ने उनका धर्म परिवर्तन करा आर्य समाज मंदिर से 2010 में शादी कर ली। आरोप है कि पति के घर वाले उसे अपनाने को तैयार नहीं थे लेकिन किसी तरह वह ससुराल में रही।

आरोप है कि कुछ दिनों बाद पति का बर्ताव बदला और दोस्तों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध पर उनकी पिटाई की गई। दो वर्ष पहले पति ने बिना तलाक दिए दूसरी महिला से शादी कर ली और उसे घर से भगा दिया। वह थाने गई पर सुनवाई नहीं हुई जिस पर कोर्ट की शरण में गई। चकेरी इंस्पेक्टर सतीश सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है।

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पति से सभी तकरार भूल थाम लिया पत्नी ने हाथ

छोटी छोटी सी बातों में पति से झगड़ बैठी पत्नियों को गलती का एहसास हुआ तो पति ने भी अपने गुस्से में आपा खोने की गलती स्वीकारी। मध्यस्थता केंद्र में आमना सामना हुआ तो गलती स्वीकारने के बाद एक दूसरे का हाथ थामने में जरा भी देर नहीं की। इससे कचहरी के चक्कर लगा रहे दो परिवार फिर बस गए। नौबस्ता के इरशाद का पत्नी से विवाद हो गया था। ससुराल पक्ष का आरोप था कि गर्भ जान बूझकर गिरा दिया जबकि मायके पक्ष का कहना था कि ऐसा वह क्यों करेंगे। विवाद बढ़ा तो दोनों परिवारों में खटास बढऩे लगी और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। मामला मध्यस्थता केंद्र ने संभाला और दोनों के बीच गलतफहमी दूर कर दी।

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ऐसे ही कल्याणपुर के राकेश कनौजिया का पत्नी से विवाद शुरू हुआ। पत्नी का आरोप था कि पति उसे अहमियत नहीं देते। मामला मध्यस्थता केंद्र पहुंचा तो आपसी मनमुटाव और अहम समाप्त हो गया। आमने सामने हुई बातचीत में जहां पति अपनी पत्नी को घर ले जाने के लिए राजी हो गया वहीं पत्नी भी साथ रहने को तैयार थी। अंत में दोनों के बीच समझौता करा दिया गया।

मकान के लिए पत्नी को घर से निकाला

मकान के लिए पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया। मामला कोर्ट पहुंचा तो मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट शबिस्तां अकील ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। बाबूपुरवा निवासी मो. तौफीक ने अपनी बेटी सबीना की शादी नई सड़क के फकरुद्दीन के साथ की थी। शादी के कुछ समय तक तो सब ठीक रहा। इसके बाद ससुराल पक्ष ने मकान की मांग करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

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इन आरोपों के साथ सबीना ने मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दिया। यह भी आरोप लगाया कि जब वह मायके में थी तब ससुराली जन आए और मकान की बात फिर छेड़ी। उसने कहा कि पिता कैंसर पीडि़त हैं, मकान कैसे दे पाएंगे। इस पर पति ने मारपीट की। अधिवक्ता सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि न्यायालय ने पीडि़ता की दलील सुनने के बाद मुकदमे के आदेश दिए।

आलिया ने बनाई हेल्पलाइन

तीन तलाक मामले में चर्चा में आयी आलिया सिद्दीकी अपनी जैसी अन्य महिलाओं के लिए भी लड़ाई लड़ेंगी। इसके लिए उन्होंने हेल्पलाइन नंबर (7703099933) जारी किया है। अपने पति सहायक श्रमायुक्त नासिर खां के तीन तलाक देने के बाद से आलिया लगातार इस मुद्दे पर मुखर हैं। उनका कहना है कि तीन तलाक से पीडि़त महिलाओं की मदद वह अपने खर्चे पर करेंगी। इस प्रकरण में जल्द ही प्रतिनिधिमंडल प्रमुख लोगों से मुलाकात कर इंसाफ की गुहार लगाएगा।

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