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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

योगी सरकार की अनूठी पहल, 18 साल से कम आयु के बच्चों को हर महीने मिल रहे 4 हजार रुपये; ये है पात्रता

Published: Wed, 25 Dec 2024 02:18 PM (IST)Updated: Wed, 25 Dec 2024 02:23 PM (IST)

Sponsorship Yojana UP उत्तर प्रदेश सरकार की स्पांसरशिप योजना जरूरतमंद बच्चों के लिए एक वरदान है। इस योजना के तहत ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, कानपुर। दैनिक जागरण प्रत्येक बुधवार को केंद्र व प्रदेश सरकार की लाभार्थी योजनाओं की जानकारी आपके सामने ला रहा है। इससे वे लोग, जो योजना के पात्र हैं, उन्हें मदद मिलती है। इस बार प्रदेश सरकार की ओर से संचालित स्पांसरशिप योजना जैसी अनूठी पहल के बारे में बता रहे हैं जागरण संवाददाता शिवा अवस्थी।

जिंदगी कई बार कठिन परीक्षा लेती है। इसमें बचपन से ही संघर्ष भरे दिन शुरू हो जाते हैं। ऐसे ही समय से निपटने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकारें जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित करती हैं। ऐसे ही कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले परिवारों के बच्चों की उचित देखभाल व उनकी अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार ने अनूठी पहल की है। स्पांसरशिप योजना लाई गई है। इसके तहत पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक चार हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। आवेदन करने के बाद पात्रता की जांच होती है और फिर लाभ मिलता है।

ये हैं योजना के लिए पात्र

  • वे बच्चे, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई हो, मां तलाकशुदा या परिवार से अलग हो गई हो।
  • जिनके माता-पिता या उनमें से कोई एक गंभीर अथवा जानेलवा बीमारी से ग्रसित हों।
  • ऐसे बच्चे, जो बेघर हैं, निराश्रित हैं या विस्थापित परिवार के साथ रह रहे हैं।
  • जो कानून से संघर्षरत हैं, जिन्हें बाल तस्करी, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया हो।
  • ऐसे बच्चे जो किसी प्राकृतिक आपदा के शिकार हों, दिव्यांग, लापता या घर से भागे हुए हैं।
  • जिनके माता-पिता या उनमें से एक कारागार में निरुद्ध हैं या एचआइवी एड्स से ग्रसित बच्चे
  • जिन बच्चों के माता-पिता आर्थिक, शारीरिक या मानसिक रूप से देखभाल में असमर्थ हों।
  • वे बच्चे, जिनको सहायता एवं पुनर्वास की आवश्यकता हो।
  • जो बच्चे फुटपाथ पर जीवनयापन कर रहे, प्रताड़ित, उत्पीड़ित या शोषित हों।

अभिभावक की आय सीमा

  • ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 72 हजार रुपये वार्षिक
  • शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 96 हजार रुपये सालाना
  • (माता-पिता दोनों अथवा वैध संरक्षक की मृत्यु होने की स्थिति में अधिकतम आय सीमा का नियम लागू नहीं)

आवेदन के लिए ये चाहिए

माता-पिता या अभिभावक व बच्चे का आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, अभिभावक का मृत्यु प्रमाण पत्र, शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाण पत्र।

यहां करें आवेदन

आवेदन पत्र जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय कलेक्ट्रेट में जमा करा सकते हैं। अधिक ब्योरा जानने के लिए https://mahilaklyan.up.nic.in अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन संख्या 1098 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

जिला प्रोबेशन अधिकारी, कानपुर नगर, जयदीप सिंह ने बताया

स्पांसरशिप योजना प्रदेश सरकार की अति महत्वपूर्ण लाभार्थी योजना है। इसमें आवेदन के बाद जांच कराई जाती है। जांच के दौरान आवेदन में प्रस्तुत तथ्यों व कागजातों का परीक्षण किया जाता है। इसके बाद योजना के पात्रों को लाभ मिलता है। किसी तरह की गलत जानकारी पर आवेदन निरस्त कर अपात्र घोषित किया जाता है।

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