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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kanpur News: रक्षाबंधन पर शुभम की फोटो को देख रो पड़ी बहन आरती, बोलीं- भैया राखी बांधने आई हूं

By Shailendra Tripathi Edited By: Anurag Shukla1
Published: Sat, 09 Aug 2025 03:42 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 09 Aug 2025 03:43 PM (GMT+05:30)

पहलगाम हमले में शहीद शुभम द्विवेदी की बहन आरती रक्षाबंधन पर भावुक हो गईं। भाई की तस्वीर पर रोचना लगाकर ...और पढ़ें

शुभम के चित्र को राखी बांधतीं उनकी बहन आरती। जागरण
शुभम के चित्र को राखी बांधतीं उनकी बहन आरती। जागरण

HighLights

  1. बहन आरती ने फोटो में रोचना लगा बांधी राखी, आरती उतार शुभम को दी श्रद्धांजलि
  2. पहलगाम हमले में आतंकी घटना का शिकार हुए शुभम द्विवेदी के घर में माहौल रहा गमगीन
  3. चचेरे भाइयों को बहन आरती ने बांधी राखी, एक दूसरे को देते रहे सांत्वना

संवाद सहयोगी, जागरण, महाराजपुर( कानपुर)। रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के प्रेम का पर्व है। आतंकी हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी की बहन आरती शनिवार को रक्षाबंधन पर जब घर पहुंची तो वो भावुक हो गई। यह वह पल जिसने हर किसी की आंखों को नम कर दिया। एक बहन का भाई को पुकारना और उससे बात करके पुराने दिन याद करना दिल को झकझाेर कर देने वाला था।

दअरसल, पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शुभम के साथ उनकी बहन भी गई थीं। हादसे के बाद यह पहला रक्षा बंधन था। इस बार शुभम नहीं हैं। जैसे ही बहन घर पहुंची तो शुभम को याद कर आंखों से आंसू बहने लगे। शुभम की फोटो हाथ में पकड़ वो भाई को निहारे जा रही थी। कह रही थीं कि भैया हर बार की तरह आपको राखी बांधने आ गई लेकिन इस बार आप हैं नहीं। घर वालों ने समझाया और सांत्वना दी तब जाकर आरती ने अपने आपको संभाला।

Rakshabandhan Shubham

पिछली बार रक्षाबंधन के मौके पर शुभम ने कुछ इस तरह बयां की थी खुशी। स्वजन

श्यामनगर स्थित चाचा मनोज द्विवेदी के घर में शनिवार को जब आरती राखी लेकर पहुंची।तो वहां माहौल बेहद गमगीन हो गया।शुभम को याद कर सभी की आंखें भर आईं।सभी पिछले रक्षाबंधन की यादों को याद कर शांत हो गए। उस घड़ी को कोसने लगे जब शुभम को काल ने लील लिया।बहन आरती ने सबसे पहले शुभम के चित्र पर रोचना लगाया। फिर चित्र पर राखी बांधी। मिठाई अर्पित की और उसके बाद दीप जलाकर आरती उतारी।इतना करते ही वो रोने लगी।

चचेरे भाइयों सौरभ व सौमित्र ने संभाला। आरती ने चचेरे भाइयों को राखी बांधी। इस दौरान पिता संजय, चाचा मनोज समेत सभी स्वजन शुभम को याद कर भावुक हो गए। चाचा मनोज ने बताया आरती शुभम के साथ सौरभ व सौमित्र के भी एक साथ राखी बांधती थी। लेकिन इस पर शुभम का न होना, सभी को दुख देता रहा। शुभम के बिना पहली बार रक्षा बंधन पर्व मनाया जा रहा है हर किसी का मन उदास है।