कानपुर: गोलों के खोखे बनाने वाले ओएफसी के प्लांट में लगी आग, बड़ा हादसा टला
अर्मापुर स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री (ओएफसी) के शेल फोर्ज प्लांट में हाइड्रोलिक तेल पाइपलाइन फटने से आग लग गई। फैक्ट्री के दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, कानपुर। अर्मापुर स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री (ओएफसी) में साल के पहले ही दिन बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। शेल फोर्ज प्लांट में गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे हाइड्रोलिक आयल की पाइप लाइन फटने से आग लग गई। हाइड्रोलिक आयल (तेल) का प्रयोग तोप के गोलों के खोखे बनाने वाली मशीनों को चलाने के लिए होता है। इन्हें पाइपलाइन के जरिये अत्यधिक दबाव से मशीनों तक पहुंचाया जाता है।
गनीमत रही कि आग भड़कने से पहले ही फैक्ट्री के अंदर स्थापित दमकल विभाग के कर्मचारियों ने चार गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। शाम 4:30 बजे के बाद प्लांट में हालात सामान्य हो सके। कर्मचारियों के अनुसार, आग से बड़ा हादसा हो सकता था, वहीं अधिकारियों ने नुकसान न होने का दावा किया है।
रक्षा मंत्रालय के डीपीएसयू एडब्ल्यूईआइएल (एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड) की अर्मापुर स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) में शेल फोर्ज प्लांट है। यहां धनुष, पिनाक और बोफोर्स जैसी हावित्जर तोपों के लिए 105 और 125 एमएम के गोलों के खोखे बनते हैं।
ओएफसी के जनसंपर्क अधिकारी व संयुक्त महाप्रबंधक सुधीर यादव के अनुसार, शेल फोर्ज प्लांट में हाइड्रोलिक आयल के पाइप लाइन फटने से आग लगने की छोटी घटना हुई थी। त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्माणी में स्थापित फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर काबू पा लिया गया। एहतियातन फजलगंज स्थित दमकल विभाग को भी सूचना दी गई थी। घटना में जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। प्रभावित शेल फोर्ज प्लांट जल्द शुरू हो जाएगा।
वर्तमान शेल फोर्ज प्लांट की पूरी हो चुकी मियाद, पिछले साल नवंबर से शुरू होना था नया प्लांट
आर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान शेल फोर्ज प्लांट की मियाद पूरी हो चुकी है। यहां आग से बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। वर्ष 2024 से यहां नया फोर्जिंग शेल प्लांट भी बन रहा है। नवंबर 2025 तक प्लांट बनकर चालू हो जाना था, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हो सका है। अधिकारी इस संबंध में कोई भी जानकारी देने से कतरा रहे हैं। इस प्लांट के बनने के बाद यहां 155 मिमी आकार के गोलों के खोखे तैयार किए जाएंगे। इससे ओएफसी की नागपुर के अंबाझारी स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।

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