कानपुर, जागरण संवाददाता। नवरात्र पर शहर में दुर्गा पूजा पंडाल सजे हैं और रोजाना दर्शन पूजन का सिलसिला जारी है। सोमवार को अष्टमी पर पूजा पंडाल विशेष छटा बिखेर रहे हैं, षष्ठी को भी विशेष पूजन के आयोजन में अमृत महोत्सव और नारी सशक्तिकरण से शुरुआत हुई है। मां के दरबार में भक्त दर्शन कर पुष्प अर्पित करने के साथ मनोकामना भी रख रहे हैं। चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर में मां के करुणायमी स्वरूप देखने को मिला।

नवरात्र में षष्ठी पूजन के साथ ही शहर में बंगाली पूजन की शुरुआत हो चुकी है। डीएवी लान में श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा समिति की ओर से 103वां पूजन उत्सव आजादी के अमृत महोत्सव की थीम पर मनाया जा रहा है। तिरंगामय पंडाल में मां की प्रतिमा के दर्शन को भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। 

श्री श्री बारावारी दुर्गा पूजा समिति की ओर से एबी विद्यालय अर्मापुर में पूजन किया गया। इसमें देवी मां की नव प्रत्रिका प्रवेश और सप्तमी विहित पूजा तथा पुष्पांजलि भक्तों ने की। दुर्गा पूजा समिति के सचिव राजा बासु ने बताया कि षष्ठी पूजन और बोधन पूजन विधिवत रूप किया गया है। बंगाली समाज के साथ भक्तों ने मां की आराधना कर दर्शन कर रहे हैं। मां के दरबार में आजादी के अमृत महोत्सव की झलक देखने के लिए भक्तों का तांता लगा है।

चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर में अमार दुर्गा यानी हमारी दुर्गा थीम पर नारी सशक्तीकरण पर पंडाल सजा है। यहां  कार्यक्रम में बंगाली समाज की महिलाओं ने नारी शक्ति के रूप से समाज को परिचित कराया।

विधिवत रूप से बोधन पूजन में बंगाली छटा देखने को मिली। परंपरागत वेशभूषा में बंगाली समाज के लोगों ने मां के भजन गाकर मां के महिषासुर मर्दिनी स्वरूप की आराधना की। वहीं मोतीझील में बंगाली पूजन के रंग देखने को मिले।

मां के कालरात्रि स्वरूप का पूजन विधि-विधान से किया और चुनरी और श्रीफल अर्पित कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। देवी मां के पंडालों में बंगाली रीति-रिवाज से पूजन जारी है। सोमवार को अष्टमी पर घर-घर माता महागौरी का पूजन शोभन योग में किया गया। मां के दर्शन को देर रात तक दरबार में भक्त पहुंचते रहे।

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Edited By: Abhishek Agnihotri

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