फर्रुखाबाद, जेएनएन। National Civil Services Day 2021 युवा आइएएस मुख्य विकास अधिकारी एम अरुन्मोली ने जिला पंचायत परिसर में बने कोविड कमांड सेंटर से ही कोरोना के खिलाफ जंग छेड़ रखी है। सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक कर चुकी सीडीओ ने कमांड सेंटर में कार्य कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटर्स के लिए चिकित्सकों के पैनल से विचार-विमर्श कर विशेष क्वेश्चनायर भी तैयार किया है। प्रतिदिन 500 मरीजों से फोन पर बात कर उनका डाटा एकत्र किया जा रहा है। इसके अलावा पंचायत चुनाव में कार्मिक प्रभारी की व्यस्तता के बीच समय निकाल कर वह क्वारंटाइन सेंटरों की मॉनीटरिंग भी कर रही हैं।

कौन हैं अरुन्मोली: तामिलनाडु राज्य की मूल निवासी एम अरुन्मोली उत्तर प्रदेश कैडर की वर्ष 2017 बैच की सीधी भर्ती की आइएएस अधिकारी हैं। वह आईटी से बीटेक पास हैं। सीडीओ के तौर पर उनका यह पहला चार्ज है। विगत माह ही उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया है। इसके बावजूद उन्होंने आते ही विकास विभाग के योजनाओं पर नकेल कस दी है। कोरोना संक्रमण बढ़ते ही उन्होंने अपना फोकस कोविड कमांड सेंटर पर बढ़ा दिया। उनकी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड का लाभ भी सेंटर को मिल रहा है।

प्रतिदिन पांच सौ मरीजों से प्रतिपुष्टि का लक्ष्य: अरुन्मोली ने चिकित्सकों से विचार विमर्श कर विशेष प्रश्नावली तैयार की है। जिसके आधार पर मरीज की वर्तमान स्थिति और उसे अग्रिम चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता का तत्काल आंकलन हो जाता है। उन्होंने बताया कि कमांड सेंटर के पास संक्रमित मरीजों का पूरा डाटा है। सेंटर में फिलहाल 15 ऑपरेटर लगाए गए हैं। प्रतिदिन कम से कम 500 मरीजों से बात कर फीडबैक लेने का लक्ष्य है। विशेष ’1क्वेश्चनायर’ से सही स्थिति का आकलन करने में असानी हो रही है। कमांड सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर ही सोमवार को दो मरीजों को एल-2 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यदि कोई मरीज घर में आइसोलेशन की सुविधा न होने की बात कहता है तो उसे भी कमांड सेंटर एल-2 अस्पताल के लिए रेफर कराता है।

क्या कहती हैं अरुन्मोली: वे बोलीं कि गांव वार्ड स्तर पर निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है। कमांड सेंटर इन समितियों के भी संपर्क में रहता है। बाहर से आने वाले प्रवासियों और कंटेनमेंट जोन के बारे में लगातार अपडेट लिया जा रहा है। इस पूरी व्यवस्था का जनपद में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण में लाभ मिल रहा है। शीघ्र ही कमांड सेंटर को कलेक्ट्रेट में बड़े भवन में स्थानांतरित कर वहां अतिरिक्त कंप्यूटर ऑपरेटर लगाकर क्षमता वृद्धि किए जाने की भी योजना है। ग्रामीण क्षेत्र में 14 और जिला मुख्यालय पर एक क्वारंटाइन सेंटर तैयार कर लिया है। हम आकस्मिक स्थिति से निपटने को तैयार हैं।

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