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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कानपुर में MBBS छात्रा की हार्ट अटैक से मौत, पोस्टमार्टम में गायब थी एक तरफ की किडनी; फिर परिवार ने बताई सच्चाई!

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
Published: Sun, 26 Jan 2025 01:13 PM (IST)

कानपुर के रामा विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की छात्रा स्नेहा पाठक की अचानक मौत हो गई। डॉक्टरों ने जांच के लिए ...और पढ़ें

एमबीबीएस छात्रा की हार्ट अटैक से हुई थी मौत
एमबीबीएस छात्रा की हार्ट अटैक से हुई थी मौत

HighLights

  1. एमबीबीएस छात्रा की हार्ट अटैक से हुई थी मौत
  2. डाक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी कराई गई
  3. विसरा सुरक्षित रखा गया, शरीर में पैदाइशी एक गुर्दा नहीं था

जागरण संवाददाता, कानपुर। रामा विश्वविद्यालय में एमबीबीएस की छात्रा 26 वर्षीय स्नेहा पाठक की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। डॉक्टरों ने जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा है। पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया, जबकि इसकी वीडियोग्राफी भी कराई थी। जांच में पता चला है कि छात्रा का दाहिने ओर का गुर्दा पैदाइशी नहीं था।

शुरू में परिजनों ने इस पर डॉक्टर और पुलिस से सवाल किए और फिर शव लेकर चले गए। कहा कि शायद उसके पैदाइशी गुर्दा नहीं होगा। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी किसी तरह के निशान न होने की बात कही है।

अचानक हो गई थी बेहोश

मथुरा के नटवर नगर के कारोबारी और इंटर कॉलेज संचालक जय प्रकाश पाठक की 26 साल की बेटी स्नेहा पाठक रामा मेडिकल कॉलेज से एमएमबीएस कर रही थीं। वह शिशु वार्ड में इंटर्न थी। शुक्रवार दोपहर में स्नेहा शिशु वार्ड में मरीजों को बुलाने पर बाहर आई और बेहोश हो गई। आनन फानन आईसीयू ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया।

स्नेहा की मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया। पिता जयप्रकाश पाठक बेटी के शव को लेकर वापस मथुरा चले गए। वही कॉलेज में दो मिनट का मौन रख स्नेहा को श्रद्धांजलि दी गयी। इससे पूर्व पोस्टमार्टम में स्नेहा के भाई ने उसकी एक किडनी न होने की बात कहकर सनसनी फैला दी थी।

हार्ट अटैक से हुई थी मौत

इसी बीच परिवार के अन्य सदस्य ने पैदाइशी किडनी न होने की बात कहकर माहौल ठीक किया। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने मृत्यु की वजह हार्ट अटैक बताई है। हालांकि जब इस संबंध में परिवार से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बात नहीं की।

घर पर बैठे हाईवे के प्रशासनिक अधिकारी की हालत बिगड़ी, मौत

वहीं उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रशासनिक अधिकारी की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। फ्रेंड्स कालोनी आइआइटी के पास रहने वाले 47 वर्षीय किशोर यादव पुत्र अशर्फीलाल राष्ट्रीय राजमार्ग 19 में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात थे।

शुक्रवार रात करीब 10 बजे घर पर बैठे थे, तभी अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाक्टर ने उन्हें आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के लिए रेफर कर दिया। वहां डाक्टर ने देखने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चचेरे भाई मंगेश ने बताया कि किशोर यादव की मौत हृदय गति रुकने के कारण हुई है। उनके दो बेटी और एक बेटा है। पत्नी शशि यादव के साथ पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।

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