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कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी पुल के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू, 2 गांव में सौ से अधिक किसानों की भूमि का सर्वे पूरा

Published: Wed, 07 Oct 2026 06:14 PM (IST)

कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी फोरलेन पुल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। कटरी शंकरपुर और लोधवा ...और पढ़ें

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है। विभाग

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है। विभाग

HighLights

  1. ट्रांसगंगा सिटी पुल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू

  2. कटरी शंकरपुर, लोधवा खेड़ा में किसानों की जमीन का सर्वे पूरा

  3. 500.50 करोड़ रुपये का टेंडर फाइनल, जल्द निर्माण शुरू

जागरण संवाददाता, कानपुर। एक दशक तक फाइलों और बैठकों में उलझा रहा ट्रांसगंगा सिटी फोरलेन पुल परियोजना अब जमीन पर उतरने लगी है। पुल निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कटरी शंकरपुर और लोधवा खेड़ा में सौ से अधिक किसानों की जमीन का सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब जमीन का अधिग्रहण कर निर्माण एजेंसी को साइट उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ ही रानीघाट, धोबीघाट और भैरोघाट क्षेत्र में आवासों का अधिग्रहण किया जाएगा।


गंगा पर बनने वाले इस वाई आकार के फोरलेन पुल का टेंडर बीते 14 मई को 500.50 करोड़ रुपये में फाइनल हो चुका है। आगरा की पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड और हरियाणा की एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड संयुक्त रूप से इसका निर्माण करेंगी। भूमि अधिग्रहण समेत परियोजना की कुल लागत 753 करोड़ रुपये है।


पुल के लिए कटरी शंकरपुर और लोधवा खेड़ा में सौ से अधिक किसानों की जमीन चिह्नित की गई है। राजस्व विभाग की टीम ने जमीन का सर्वे पूरा कर लिया है। अब अभिलेखों के मिलान, भूमि की प्रकृति और प्रभावित किसानों का विवरण तैयार किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।प्रशासन का प्रयास है कि भूमि संबंधी प्रक्रिया में तेजी लाकर निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द कार्यस्थल उपलब्ध कराया जाए।

वहीं, सेतु निगम ने भैरोघाट और धोबीघाट पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम को पत्र भेजा है। इन स्थानों पर मौजूद अतिक्रमण भी हटाया जाएगा। रानीघाट स्थित जलकल पंपिंग स्टेशन के पास बने 33 आवासों को पहले ही निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। इन आवासों के स्थान पर भैरोघाट के पास नए मकान बनाए जाएंगे। पुनर्वास पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।


करीब चार किलोमीटर लंबा पुल रानीघाट और धोबीघाट से शुरू होकर उन्नाव स्थित ट्रांसगंगा सिटी के गेट नंबर-दो के पास जुड़ेगा। इसमें लगभग 1825 मीटर हिस्सा गंगा नदी के ऊपर होगा। पुल बनने से कानपुर से ट्रांसगंगा सिटी की दूरी और यात्रा समय कम होगा तथा औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

2015 में तैयार हुआ था खाका

परियोजना का खाका वर्ष 2015 में तैयार किया गया था। शुरुआत में पुल को सरसैया घाट से जोड़ने की योजना थी, लेकिन यातायात दबाव को देखते हुए डिजाइन बदला गया। इसके बाद रानीघाट-धोबीघाट से ट्रांसगंगा सिटी को जोड़ने की योजना बनी। डीपीआर संशोधन, बजट और स्वीकृतियों के कारण परियोजना करीब एक दशक तक अटकी रही। अब टेंडर फाइनल होने और भूमि अधिग्रहण शुरू होने से इसके निर्माण की उम्मीद जगी है।

 

टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। भूमि उपलब्ध होते ही आगामी एक माह में निर्माण कार्य शुरू कराने का लक्ष्य है।
धर्मवीर सिंह, प्रबंध निदेशक, सेतु निगम

 


कटरी शंकरपुर और लोधवा खेड़ा में भूमि सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। किसानों की भूमि से संबंधित अभिलेखीय प्रक्रिया पूरी कर नियमानुसार अधिग्रहण की कार्रवाई एडीएम भूमि अध्यापित कार्यालय से आगे बढ़ाई जाएगी।
विवेक चतुर्वेदी, एडीएम वित्त एवं राजस्व

 

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