Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    आज से गाड़ियों की प्रदूषण जांच कराना होगा महंगा, कमर्शियल वाहनों पर लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना होगा अनिवार्य

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 09:04 AM (IST)

    कानपुर में परिवहन विभाग ने नए साल से व्यावसायिक वाहनों के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया है। नए वाहनों पर ...और पढ़ें

    Hero Image

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, कानपुर। परिवहन विभाग ने नए साल के पहले ही दिन से व्यावसायिक वाहन मैक्सी कैब, कार और बसों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग ने व्यावसायिक वाहनों के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) के साथ पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य कर दिया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    नए वाहनों पर यह व्यवस्था एक जनवरी से प्रभावी होगी, जबकि एआरटीओ कार्यालय में पूर्व पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों को मार्च तक का समय दिया गया है। प्रदेश की एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (आईटी) की तरफ से इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिया गया है।

    कानपुर नगर के उप संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत 205 मैक्सी कैब, 3895 मोटर कैब, 7527 बस सहित 11,627 व्यावसायिक वाहन ऐसे हैं जो अभी तक बिना वीएलटीडी के चल रहे थे। अब एआरटीओ की टीम एक अप्रैल से ऐसे वाहनों की जांच करके चालान व सीज करने की कार्रवाई करेगी।

    वीएलटीडी और पैनिक बटन लगने का फायदा यह होगा कि आपात स्थिति में वाहन की लोकेशन ट्रेस करके फौरन राहत बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सकेगा। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के निर्देश पर मुख्यालय में स्थापित कमांड सेंटर से वाहनों की लाइव ट्रैकिंग, लोकेशन और निगरानी की जाएगी।

    एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि पुराने वाहनों में वीएलटीडी की अनिवार्यता एक अप्रैल 2026 से लागू होगी। हालांकि, इसके बाद जिन वाहन मालिकों ने डिवाइस नहीं लगवाई होगी, उनके नवीनीकरण, फिटनेस और पीयूसीसी से जुड़े कार्य नहीं किए जाएंगे।

    आज से प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र बनवाना होगा महंगा

    एआरटीओ आलोक ने बताया कि एक जनवरी 2026 से पीयूसी जांच शुल्क पेट्रोल चलित दोपहिया वाहन के लिए 70, तीन पहिया और चार पहिया वाहन यानी पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी के लिए 90 रुपये, डीजल वाहन के लिए 120 रुपये निर्धारित किया गया है।

    उन्होंने बताया कि एक जनवरी से शुल्क वृद्धि जिले के सभी प्रदूषण जांच केंद्रों में प्रभावी होंगे। पहले दोपहिया वाहन के लिए 65, तीन पहिया और चार पहिया के लिए 85 और डीजल वाहन के लिए 115 रुपये शुल्क तय था। अब हर श्रेणी में पांच रुपये की शुल्क वृद्धि की गई है।