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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ये कार्रवाई अच्छी है...एंबुलेंस को रास्ता नहीं दिया, जाम में फंसी, ऐसा करने वाले वाहन चालकों को मिली ये सजा

Published: Mon, 15 Sep 2025 03:24 PM (IST)

कानपुर में एंबुलेंस को रास्ता न देने वाले पांच वाहनों पर यातायात पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया ...और पढ़ें

एंबुलेंस को रास्ता न देने पर कार्रवाई की गई।
एंबुलेंस को रास्ता न देने पर कार्रवाई की गई।

HighLights

  1. बीते सप्ताह यातायात बाधित करने में 250 वाहनों का दो-दो हजार का चालान
  2. रास्ता न देने पर पांच वाहनों का 50 हजार का चालान,डीएल निलंबन की संस्तुति

जागरण संवाददाता,कानपुर। एंबुलेंस को रास्ता न देने के मामले में यातायात पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पांच वाहनों का 10-10 हजार रुपये का चालान किया है। एंबुलेंस को रास्ता न देने पर पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए आरटीओ को संस्तुति की गई है। एलएलआर अस्पताल से लेकर रावतपुर तक यातायात व्यवस्था सुधारने को यह कार्रवाई की है। इसके साथ ही बीते सप्ताह यातायात व्यवस्था में बाधक बनने वाले करीब 250 वाहनों के खिलाफ दो हजार रुपये के चालान की कार्रवाई की गई है।

31 अगस्त को मेडिकल कालेज पुल और एलएलआर के पास जाम में फंसकर वृद्ध और युवक की जान चली गई थी। जिसके बाद डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने मोतीझील से लेकर रावतपुर गटैया के बीच एलएलआर अस्पताल,मेडिल कालेज पुल,कार्डियोलाजी,रावतपुर गुटैया,रेवमोती और माडल रोड का निरीक्षण किया था।

गुटैया में वन-वे खत्म करने के साथ, एलएलआर अस्पताल से वाहन स्टैंड खत्म कर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनात की है। जिससे यातायात व्यवस्था में पहले से काफी सुधार हुआ है। रावतपुर जीटी रोड से लेकर मोतीझील तक जेके कैंसर, मुरारीलाल चेस्ट हास्पिटल, कार्डियोलाजी, आइडीएच, जीएसवीएम मेडिकल कालेज और एलएलआर अस्पताल हैं।

आटो,टेंपो की अराजकता के चलते अक्सर एंबुलेंस यहां पर फंस जाती हैं। जिसमें कई वाहन चालक जानबूझकर एंबुलेंस को रास्ता नहीं देते हैं। इसे देखते हुए डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार के निर्देश पर शनिवार को रावतपुर गुटैया और क्रासिंग के आसपास टीएसआइ ने जाम में फंसी एबुलेंस को जानबूझकर रास्ता न देने के मामले में पांच वाहनों का 10-10 हजार रुपये का चालान किया है। इसके साथ ही इन वाहन चालकों का लाइसेंस निलंबित करने के लिए आरटीओ को संस्तुति की गई है।

फोटो में साफ नजर आ रहा है कि कार व आटो चालक एंबुलेंस को जानबूझकर रास्ता नहीं दे रहे हैं। एलएलआर अस्पताल और कार्डियोलाजी जाने के दौरान अक्सर एंबुलेंस गुटैया और रावतपुर क्रासिंग के पास जाम में फंस जाती है। सड़क पर वाहन खड़ा करके यातायात बाधित करने में 250 वाहन चालकों का दो-दो हजार रुपये का चालान भी किया गया है।

रावतपुर गुटैया के आसपास अक्सर एलएलआर अस्पताल या कार्डियोलाजी जाने के दौरान अक्सर एंबुलेंस फंस जाती है। इसे देखते हुए वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 2019 की धारा 194 इ के तहत 10-10 रुपये का चालान करने के साथ उनके लाइसेंस को निलंबित करने के लिए आरटीओ से संस्तुति की गई है।

- अर्चना सिंह,एडीसीपी ट्रैफिक

इस अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई

एंबुलेंस या आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को रास्ता न देने के अपराध में मोटर वाहन अधिनियम, 2019 की धारा 194 इ के तहत दस हजार रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल हो सकती है। ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है। ऐसे मामलों में, दंड की तीव्रता और संबंधित व्यक्तियों द्वारा की गई कार्रवाइयों के आधार पर कुल चालान राशि और लाइसेंस निलंबन का अधिकार होता है।