कानपुर दक्षिण का किदवई नगर थाना जानलेवा हो गया, सच्चाई जानकर रह जाएंगे दंग
दक्षिण के थानों की बात करें तो बाबूपुरवा के बाबूपुरवा और जूही थाने के अपने भवन है। गोविंद नगर में भी नौबस्ता बर्रा और गोविंद नगर थाने का अपना भवन है। ...और पढ़ें

कानपुर, जेएनएन। दक्षिण के छह थानों में वीआइपी के लिहाज से किदवई नगर थाने को जाना जाता है। यहां कई पूर्व मंत्री, विधायक आवास भी हैं, लेकिन अन्य थानों की अपेक्षा सबसे जर्जर हालात का है। लेबर कॉलोनी के जर्जर भवन में संचालित थाना अब जानलेवा हो चुका है। पूर्व में यहां कई बार छत का प्लास्टर गिरने से हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी हो या फिर जनप्रतिनिधि किसी ने भी थाने के भवन के बारे में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यहां ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मी 24 घंटे मौत के साये में रहकर काम करते हैं।
दक्षिण के थानों की बात करें तो बाबूपुरवा के बाबूपुरवा और जूही थाने के अपने भवन है। गोविंद नगर में भी नौबस्ता, बर्रा और गोविंद नगर थाने का अपना भवन है। सिर्फ किदवई नगर थाना ही जर्जर हो चुकी श्रम विभाग की कॉलोनी में संचालित है। पूरे थाने में सिर्फ पांच कमरे हैं। दो में मालखाना, एक में हवालात, चौथे में थाना प्रभारी का कार्यालय, पांचवे में सीसीटीएनएस कार्यालय है। यहां बने मंदिर के बगल में टीनशेड डालकर एक कमरा बनाया गया है, जिसमें यहां का मुंशियाना है। हालात यह है कि दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है। पुराने दस्तावेज कंबल में बंधे थाने के जनरेटर वाले टीनशेड के नीचे रखे हैं।
चार साल से थाना प्रभारी फाजिल सिद्दकी कर रहे थे सुनवाई
करीब चार साल पहले यहां तैनात रहे थाना प्रभारी फाजिल सिद्दकी जनसुनाई कर रहे थे। तभी अचानक उनके कार्यालय की छत का प्लास्टर भरभराकर ढह गया। मेज, कुर्सी क्षतिग्रस्त हो गई थी और वह बाल-बाल बच गए थे। उसके बाद दो साल पहले फिर से उसी कमरे का प्लास्टर गिरा था, जिसमें एक कांस्टेबल को चोट आयी थी। केडीए के नक्शे में थाने के लिए भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन बाद में प्लाटिंग में आवंटित भूखंड चला गया। उसके स्थान पर केडीए की ओर से कोई दूसरी भूमिक का आवंटन थाने के लिए नहीं किया गया। इसकी जानकारी होने पर पूर्व में तैनात रहे थाना प्रभारी शेषनारायण पांडेय ने लिखा पढ़ी की तो तत्कालीन एसएसपी और डीएम ने आसपास केडीए की भूमि तलाशने को कहा था।
दारोगा का कब्जा गिरा खाली कराई गई जमीन
एसएसपी और जिलाधिकारी के आदेश के बाद साकेत नगर के कंजरनपुरवा में पूर्व में किदवई नगर चौकी में तैनात आरपी सिंह ने एक हजार वर्ग गज जमीन पर कब्जा कर रखा था। मामले की जानकारी के बाद पुलिस ने उनके कब्जे को गिराया था। वहीं अवैध रूप से चल रहे टाइल्स फैक्ट्री का ध्वस्तीकरण करके केडीए अफसरों ने जमीन पर कब्जा लिया था, जिसके बाद उक्त भूमि को थाने के नाम पर आवंटित करने के लिए थाना प्रभारी ने फाइल बढ़ाई, लेकिन अफसरों और थानेदार के तबादले के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
थाना बन जाए तो लगेगी अपराध पर लगाम
जहां पर थाने के लिए जमीन खाली कराई गई है यहां आसपास नशे का बड़ा कारोबार होता है। कंजरनपुरवा दक्षिण की सबसे बड़ी स्मैक बिक्री की मंडी है। दिन हो या रात नशे के लती यहां 24 घंटे सड़क पर चलते नजर आते हैं। अक्सर यही नशेबाज लूट, चोरी और टप्पेबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। थाना बनने के बाद यहां होने वाले अपराध पर लगाम लगेगी।
इनका ये है कहना
थाने के लिए जो प्रस्ताव भेजा गया था उसके बारे में जानकारी कराई जा रही है। अगर थाने के लिए भूमि को खाली कराया गया है तो उसकी कार्रवाई को आगे बढ़ाकर थाने के भवन निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा।
दीपक भूकर, एसपी साउथ

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