इंदौर हादसे के बाद कानपुर में अलर्ट मोड में प्रशासन, रामबाग में पेयजल के नमूने जांचे
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद कानपुर प्रशासन अलर्ट पर है। एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने भैरोघाट जोन चार स्थित जलकल के पंपिंग स्टेशन और फिल्टर प् ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। इंदौर में दूषित व जहरीले पानी पीने से हुई मौतों की घटना का संज्ञान लेकर शासन ने जिलों में तैनात सभी अफसरों को चेताया है कि पेयजल आपूर्ति में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
शनिवार देर शाम एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने तहसील के अधिकारियों के साथ ही भैरोघाट जोन चार में जलकल के पंपिंग स्टेशन पहुंचकर आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया।
एसडीएम ने जलकल कैंपस स्थित 280 एमएलडी क्षमता के फिल्टर प्लांट, रा-वाटर इनलेट, सेटलिंग टैंक और संपूर्ण जल शोधन प्रक्रिया की तकनीकी समीक्षा की। जांच के दौरान क्लोरीन अवशेष निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। इसके बाद एसडीएम ने मलिन बस्ती रामबाग का निरीक्षण किया।
यहां चार अलग-अलग स्थानों से पेयजल के नमूने लेकर ओटी टेस्ट कराया गया। सभी नमूनों में क्लोरीन अवशेष सामान्य पाया गया, जिससे क्षेत्र में आपूर्ति हो रहे पानी की गुणवत्ता सुरक्षित मानी गई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमित सैंपलिंग, समयबद्ध क्लोरीनेशन और पाइपलाइन लीकेज की सख्त निगरानी की जाए। कहा कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेयजल की शुद्धता सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ी है, इसलिए सतत निगरानी होनी चाहिए।

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