यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कानपुर में सफाई का संकट: अधिकारी गायब, कचरे का अंबार
कानपुर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। अधिकारियों के निरीक्षण पर न निकलने से सफाई कर्मचारी लापरवाह हो गए हैं। ...और पढ़ें

नगर आयुक्त के स्थानांतरण के बाद ही सफाई व्यवस्था चरमरायी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर नगर आयुक्त सुधीर कुमार के तबादले के बाद फिर सफाई व्यवस्था से जुड़े अफसर पुराने ढर्रे पर आ गए है। सुबह सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 45 अफसरों की टीम लगायी गयी थी। दो दिन से टीम सुबह नजर नहीं आ रही है। कर्मचारी भी समय पर नहीं पहुंच रहे है। हालत यह है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे है। कर्मचारी कूड़ाघर के अंदर गंदगी न डालकर सड़क पर डाल रहे है। देर से गंदगी उठ रही है।
इस मामले को नगर निगम सदन में पार्षदों ने उठाया था कि घर-घर से कूड़ा उठाने को लगी कंपनी कार्य नहीं कर रही है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इसको लेकर पार्षदों में आक्रोश है। साथ ही कर्मचारी कूड़ा उठाने के बजाए जला रहे है। इसके चलते आसपास लोगों का रहना मुश्किल हो गया है।
दैनिक जागरण की टीम ने सुबह पड़ताल की तो देखा कि जेके मंदिर लाजपत नगर में मंदिर से करीब सौ मीटर दूरी पर गंदगी का ढेर लगा हुआ है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पिछले चार दिन से गंदगी के ढेर लगे हुए है। इसके अलावा वहीं पर कूड़ा उठाने के बजाए जलाया जा रहा है। यहीं हाल शारदा नगर क्रासिंग से गुरुदेव जाने वाले रास्ते में पीछे की तरफ कई दिनों से गंदगी फैली है। आसपास स्कूल है ऐसे में बच्चों को निकलने के लिए जूझना पड़ता है।
इसके अलावा न्यू सिविल लाइंस, छपेड़ापुलिया, किदवईनगर, गोविंदनगर, डिफेंस कालोनी जाजमऊ समेत कई जगह गंदगी फैली पड़ी है।
पार्षद लक्ष्मी कोरी ने बताया कि दीक्षांत कंपनी घर-घर से कूड़ा उठाने में लापरवाही बरत रही है। साथ ही कांग्रेस पार्षद दल के नेता सुहेल अहमद, अवधेश त्रिपाठी, शिवम दीक्षित, शालू कनौजिया, रेनू अर्पित यादव समेत कई पार्षदों ने कहा कि सफाई ठीक से नहीं हो रही है।
कूड़े का हाल
- रोज कूड़ा निकलता - 1350 मीट्रिक टन
- रोज उठता - 1250 मीट्रिक टन
- दो दिन से उठ रहा - 11 सौ मीट्रिक टन
- सफाई के लिए लगे कर्मचारी - 5500
- उठाने को लगे वाहन - 65
ये हैं जिम्मेदार
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी मनमोहन आर्या, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा अजय संखवार, डा अमित सिंह व डा चंद्रशेखर. 30 जोनल स्वास्थ्य अफसर व सेनेटरी इंस्पेक्टर
सफाई व्यवस्था को लेकर समीक्षा करेंगी। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घर-घर से कूड़ा उठाने में लापरवाही बरतने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है।
- प्रमिला पांडेय महापौर
