Kanpur RTO Raid: आरटीओ कार्यालय में छापा... दोनों गेट बंद कर ड्रोन से निगरानी, दीवार फांद भागे दलाल, 11 गिरफ्तार
कानपुर आरटीओ कार्यालय में क्राइम ब्रांच ने दोपहर 12:50 बजे छापेमारी की, जिसमें 42 संदिग्ध पकड़े गए। पुलिस बल की ...और पढ़ें
HighLights
एसडीएम सदर व एडीसीपी आपरेशन की टीम ने 42 संदिग्धों को पकड़ा, दो बाबू सहित 15 पर केस
ले गई काकादेव थाना, 31 को पूछताछ के बाद छोड़ा, 11 दलाल गिरफ्तार, दो बाबू और दो दलाल की तलाश
काउंटर में जमा टैक्स से कम रुपये तो कहीं अधिक, अधिकारियों से हाथ जोड़ माफी मांगता रहा लिपिक
जागरण संवाददाता, कानपुर। आरटीओ (संभागीय परिवहन कार्यालय) में सोमवार दोपहर 12:50 बजे डीएम के आदेश पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त छापेमारी से दलालों में भगदड़ मच गई। ड्रोन से निगरानी करते हुए टीम ने दोनों गेट बंद कर परिसर की घेराबंदी की तो कई दलाल बाउंड्री फांदकर रेलवे लाइन की ओर भाग निकले। पुलिस ने दौड़ाकर 42 संदिग्धों को पकड़ा। सभी को दो पुलिस वैन से काकादेव थाना ले जाया गया।
टीम ने 31 को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। वहीं, काकादेव चौकी प्रभारी की शिकायत पर दो बाबुओं समेत 15 के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई, जबकि 11 दलाल गिरफ्तार कर लिए गए। दो बाबू और दो दलालों की तलाश जारी है। कार्रवाई शाम चार बजे तक चली।

गेट बंद कर किसी को भी नहीं जाने दिया गया। जागरण
आरटीओ में लंबे समय से दलाल सक्रिय हैं। इस मामले को दैनिक जागरण लगातार प्रकाशित कर रहा है। 22 अगस्त को हैवी कमर्शियल व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) का फर्जी तरीके से किए जा रहे नवीनीकरण की खबर छपने के बाद डीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती दिखाई। सोमवार को एसडीएम सदर अनुभव सिंह और एडीसीपी आपरेशंस सुमित सुधाकर रामटेके की नेतृत्व में छापा मारा गया।

बाहर दुकान छोड़कर भागे दलाल। जागरण
बार-बार हाथ जोड़ता रहा लिपिक
अधिकारी सीधे एआरटीओ प्रशासन चेंबर के सामने कैशियर के कमरे में घुस गए, जहां वरिष्ठ लिपिक विपिन श्रीवास्तव रुपये गिनते मिले। इस काउंटर पर फिटनेस, रोड व अन्य टैक्स जमा होता है। अधिकारियों ने हिसाब मिलवाया तो सात हजार रुपये कम निकले। वरिष्ठ लिपिक ने सफाई देकर कहा कि पता नहीं कौन था, काउंटर पर कागज डालकर रसीद काटो आ रहा हूं बोलकर चला गया। इस पर उन्होंने बिना टैक्स के रुपये लिए सात हजार की रसीद काट दी। लिपिक गलती हो गई साहब... कहते हुए बार-बार हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा।

एक लाख का हिसाब नहीं दे सके एआरटीओ प्रवर्तन का लिपिक
ऐसे ही एआरटीओ प्रवर्तन के कार्यालय में लिपिक नीलामी वाले वाहनों से जमा राशि में एक लाख रुपये का हिसाब नहीं दे पाए। यह रकम उनके काउंटर पर रखी मिली। एसडीएम सदर यहां 35 मिनट तक फाइलें और जुर्माना राशि की रसीदें देखते रहे। कर्मचारी मधुर मिश्र पूछताछ में जांच अधिकारियों को संतुष्ट नहीं कर सके। दोपहर तीन बजे एसडीएम सदर व एडीसीपी आपरेशंस सारथी भवन पहुंचे, यहां भी उन्होंने डीएल बनने और अन्य मामलों पर कर्मियों से पूछताछ की।

आरटीओ प्रवर्तन के कार्यालय में जांच कर रहे एसडीएम सदर के सहयोगियों ने बताया कि पटल पर नीलामी का 1 लाख रुपए रखे हुए हैं। जिसका जवाब नहीं दे पा रहे हैं यह धनराज किस मद की है।
संगठित होकर अपराध और धोखाधड़ी करने में दारोगा ने दर्ज कराई एफआईआर
आरटीओ कार्यालय के मामले में सर्वोदयनगर पुलिस चौकी प्रभारी डालचंद्र ने काकादेव थाने में दो बाबू विपिन श्रीवास्तव व मधुर मिश्र और 13 दलाल समेत कुल 15 लोगों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई है। इनके विरुद्ध पुलिस कार्य में बाधा उत्पन्न करना, धोखाधड़ी और संगठित होकर अपराध करने के आरोप में एफआइआर हुई है।
आरटीओ में हुई छापेमारी पर जानें एसडीएम सदर अनुभव सिंह ने क्या कहा #rtokanpur #kanpur pic.twitter.com/rMCtD5gzmy
— Anurag shukla (@Aanuragshukla) August 24, 2026
दो क्लर्क सहित 12 दलाल। सौजन्य: पुलिस
ये हुए गिरफ्तार
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि नामजद अभियुक्तों में दोनों बाबू और दलाल संजय व हरेंद्र पुलिस की पकड़ से दूर हैं। जिन दलालों की गिरफ्तारी हो गई है, उनमें वीरेंद्र बहादुर सिंह, सौरभ तिवारी, दिलीप कुमार सिंह, विशाल अवस्थी, राम चंद्र शुक्ल, ब्रजमोहन नेगी, विपिन गुप्ता, आदेश कुमार बाजपेयी, मनीष गौतम, कमल धारिया, धर्मेंद्र दिवाकर हैं।
11 संदिग्ध दलालों को पकड़ा गया। सभी से पूछताछ के साथ उनकी भूमिका और एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों से संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में नकदी और लेखा-अभिलेखों के मिलान में कुछ विसंगतियां सामने आई हैं। संबंधित रिकार्ड का दोबारा मिलान कर विसंगतियों के कारण और जिम्मेदारी का पता लगाया जा रहा है। किसी अधिकारी-कर्मचारी की बिचौलियों से मिलीभगत अथवा वित्तीय अनियमितता सामने आई तो जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। ये भी जांचा जा रहा है कि संदिग्ध बिचौलियों की एआरटीओ कार्यालय के भीतर पहुंच किस स्तर तक थी और क्या उन्हें किसी अधिकारी-कर्मचारी का संरक्षण मिल रहा था।
- जितेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
आरटीओ में दलालों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। वाहनों के टैक्स को लेकर कुछ अनियमितताएं मिली हैं, जिसपर संबंधित दस्तावेज भी जब्त किया है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
- अनुभव सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर
प्रशासन और पुलिस की टीमों ने कार्यालय में आकर जांच की है। जांच में क्या मिला और किसके विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी। इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है।
- आलोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन
आरटीओ में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। साक्ष्य एकत्र किए हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
सुमित सुधाकर रामटेके, एडीसीपी आपरेशन
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