जेन अल्फा के तेवर देख अधिकारी अलर्ट, कानपुर में छुट्टी के दिन स्कूलों में हुई सफाई, छत से कक्ष तक चमचमाए
कानपुर में जेन अल्फा के विरोध के बाद प्रशासन ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने का फैसला किया है। रविवार ...और पढ़ें

सिंघपुर कछार में स्कूल की जा रही सफाई । विभाग
HighLights
जेन अल्फा के विरोध के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय।
कानपुर के 100 सरकारी विद्यालयों में विशेष सफाई अभियान।
छत से लेकर परिसर तक की गई गहन सफाई।
जागरण संवाददाता, कानपुर नगर। विद्यालयों की अव्यवस्था, जर्जर सड़कों को लेकर कानपुर और आसपास के जिलों में जेन अल्फा (वर्ष 2012 के बाद जन्मे बच्चे) की ओर से विरोध के सुर फूटने के बाद अब प्रशासन विद्यालयों की व्यवस्था दुरुस्त कराने में जुट गया है। रविवार को अवकाश के दिन जिले की न्याय पंचायतों के 100 सरकारी विद्यालयों में जलभराव, गंदगी और संक्रमण की आशंका को लेकर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
सफाई कर्मियों की टीमों ने चयनित विद्यालयों में परिसर से लेकर छत तक सफाई की। कक्ष, शौचालय और बाउंड्रीवाल साफ करने के साथ घास-झाड़ियों की कटाई कर कूड़े का निस्तारण किया। छतों से पेड़-पौधे हटाकर जलनिकासी कराई गई।
विद्यालयों में कक्षों और शौचालयों की सफाई के साथ जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी कराई गई। वर्षा के दौरान छतों पर पानी न ठहरे, इसके लिए वहां उगी घास और अन्य वनस्पतियों को भी हटाया गया। इससे भवन में सीलन और पानी के रिसाव की समस्या रोकने में मदद मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे.जैन के पर्यवेक्षण में अभियान चला। खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। अभियान की निगरानी के लिए विकास भवन में काल सेंटर स्थापित किया गया था।
जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर द्वितीय और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने प्राथमिक विद्यालय गंभीरपुर का निरीक्षण किया। अन्य अधिकारियों ने भी सिंहपुर कछार व अन्य चयनित विद्यालयों में सफाई कार्य की गुणवत्ता परखी। डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सभी सरकारी विद्यालयों में रोस्टर के अनुसार नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ इसकी लगातार निगरानी की जाएगी।
