कानपुर उद्यमियों का दर्द: KESCO MD से बोले- विद्युत विभाग कर रहा उत्पीड़न, कर्मचारियों की मनमानी और बिलिंग पर जताई आपत्ति
कानपुर के उद्यमियों ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर केस्को एमडी से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों की मनमानी, बिलिंग सिस्टम ...और पढ़ें

उद्यमियों की समस्या सुनतीं एमडी नेहा जैन। जागरण
HighLights
उद्यमियों ने केस्को एमडी से बिजली समस्याओं पर चर्चा की
कर्मचारियों की मनमानी और बिलिंग सिस्टम पर आपत्ति जताई
मनमाने लोड वृद्धि व सिक्योरिटी मनी बढ़ाने का विरोध किया
जागरण संवाददाता, कानपुर। उद्यमियों ने बिजली मामले में विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को केस्को एमडी से मुलाकात की। उन्होंने फील्ड में मनमानी करने वाले कर्मचारी के बारे में भी बताया और बिलिंग सिस्टम पर भी आपत्ति जताई। आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के स्तर पर उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केस्को एमडी से मुलाकात के दौरान उद्योग व्यापार संघ (फीटा) के प्रदेश महासचिव उमंग अग्रवाल ने केस्को एमडी से कहा कि जब से केस्को की व्यवस्थाएं केन्द्रीयकृत हुई हैं, तब से उपभोक्ताओं को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी समस्या के निराकरण के लिये कोई अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर उत्तरदायी नही है, जिसके कारण समस्याएं अनसुलझी रह जाती हैं, जबकि पूर्व में क्षेत्रीय स्तर पर ऐसी समस्याएं यथासंभव बहुत जल्द निस्तारित हो जाती थीं।
राजकीय औद्योगिक आस्थान से शिव कुमार गुप्ता ने कहा कि नया बल्क कनेक्शन लेने में पूर्व में 30 दिन में कार्य हो जाता था, परन्तु केन्द्रीयकृत व्यवस्था के कारण इस कार्य में लगभग 3 से 4 माह तक का समय लग रहा है। जिससे उद्यमी का उत्पीड़न होता है।
इसी प्रकार बिजली के बिल संशोधन में ऑनलाइन आवेदन के बाद, बिना किसी कार्यवाही के समस्या को 'निस्तारित' बता दिया जाता है। जिससे उपभोक्ता को विद्युत विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। और उसको मानसिक प्रताड़ना से गुजरतना पड़ता है। उन्होंने केस्को एमडी से कहा कि इस व्यवस्था को तत्काल वापस लिये जाने की आवश्यकता है।
पीआईए के आदर्श अग्रवाल और ब्रजेश अवस्थी ने एमडी को बताया कि उपभोक्ताओं को केस्को के सम्बन्ध में अन्य कई समस्याएं हैं, जिनका निराकरण न होने की दशा में, उद्योगों का विकास बाधित हो रहा है और निकट भविष्य में उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच जायेंगे।
उद्यमी मनोज बंका, आरके अग्रवाल ने कहा कि केस्को द्वारा वर्तमान में बिना उपभोक्ता को सूचना दिये ही मनमाने ढंग से कनेक्शन के लोड बढ़ा दिये गये हैं और साथ ही उनकी सिक्योरिटी मनी की दरें भी बढ़ा दी गयी है। उपभोक्ता को बिना सूचना दिए हुए लोड और सिक्योरिटी की दर बढ़ाना अन्यायपूर्ण है। इसी के साथ पूर्व स्वीकृत लोड पर भी वर्तमान सिक्योरिटी की दरों से बकाया वसूला जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है और उपभोक्ताओं का उत्पीड़न है।
उद्यमियों ने मांग की कि लोड बढ़ाने से पूर्व उपभोक्ता को नोटिस देते हुए, जांच की जाए और औचित्यपूर्ण ढंग से आवश्यकतानुसार लोड बढ़ाया जाए। साथ ही बढ़ी हुई सिक्योरिटी मनी को केवल बढ़े हुए लोड पर ही लिया जाए।
इस मौके पर केस्को एमडी नेहा जैन ने उद्यमियों को भरोसा दिया कि जो समस्याएं केस्को के स्तर से निस्तारित हो सकती है, उन्हें वह जल्द ही समाप्त कर देंगी। इसके अलावा अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को पत्राचार करेंगी।
