Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    कानपुर के LLR अस्पताल में स्टाफ नर्स ने लगाया पोटेशियम का गलत इंजेक्शन, 19 दिन बाद मरीज की मौत

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 10:14 PM (IST)

    कानपुर के एलएलआर अस्पताल में एक स्टाफ नर्स की कथित लापरवाही से 15 वर्षीय किशोर सतीश की मौत हो गई। 16 दिसंबर को बिना डॉक्टर की सलाह के नर्स ने उसे पोटे ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    जागरण संवाददाता, कानपुर। एलएलआर अस्पताल में स्टाफ नर्स की लापरवाही ने किशोर की जान ले ली। वार्ड छह में भर्ती किशोर को 16 दिसंबर की रात बिना डाक्टर की सलाह के स्टाफ नर्स ने पोटेशियम का इंजेक्शन लगा दिया।

    हालत बिगड़ने पर उसे आइसीयू में शिफ्ट कर दिया गया, जहां शनिवार देर रात मरीज की मौत हो गई। प्राचार्य ने आरोपित को हटा दिया है। इधर आरोपित इंजेक्शन लगाने से इन्कार कर रहा है।

    उरई निवासी 15 वर्षीय सतीश पेट में दर्द की समस्या के साथ भर्ती हुए थे। उनका इलाज मेडिसिन के वार्ड छह में चल रहा था। 16 दिसंबर की रात वार्ड में तैनात पुरुष स्टाफ नर्स रनवीर ने बिना डाक्टर से परामर्श किए मरीज को पोटेशियम का इंजेक्शन लगा दिया था।

    इसके बाद मरीज की हालत बिगड़ी थी। आंख पलटने के साथ उल्टी-दस्त के गंभीर लक्षणों पर मरीज को आइसीयू में भर्ती किया गया था। प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि घटना के अगले दिन ही स्टाफ नर्स को हटा दिया गया था।

    पीड़ित परिवार को लिखित शिकायत देने को कहा था लेकिन परिवार ने कोई पत्र नहीं दिया। हालांकि घटना के दिन से ही स्टाफ नर्स इंजेक्शन नहीं लगाने की बात कह रहा है लेकिन जांच में वार्ड के अन्य कर्मचारी और स्टाफ ने रनवीर के इंजेक्शन लगाने की पुष्टि की थी।

    शारीरिक कमजोरी और दिल के मरीजों की दवा है पोटेशियम

    मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि पोटेशियम नसों की कमजोरी और दिल की बीमारियों में दी जाने वाली दवा है। यह मरीज के शरीर में पोटेशियम की कमी पूरी करने को लगाई जाती है। बिना लक्षण वाले मरीजों में इसके लगने से उल्टी, दस्त और उलझन जैसे लक्षण दिख सकते हैं।