यूपी में फिर शुरू होगा पराग डेयरी प्लांट, एक सप्ताह बाद हो सकता है MOU; 166 करोड़ की लागत से बनकर हुआ था तैयार
Parag Milk Plant कानपुर के निराला नगर स्थित पराग डेयरी प्लांट एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) अब इस आधुनिक प्लांट को चलाएगा। इस प्लांट की क्षमता चार लाख लीटर है और इसके शुरू होने से लोगों को रोजगार के साथ ही पराग की फिर से पहचान मिलेगी। एक सप्ताह बाद इसका मोऊ साइन हो सकता है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। 62 सालों में कई उतार-चढ़ाव के बाद निराला नगर स्थित पराग डेयरी प्लांट एक बार फिर पल्लवित होगा। पराग के चार लाख लीटर क्षमता के आधुनिक प्लांट को अब नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) चलाएगा। शासन से भी प्रस्ताव पास हो चुका है।
शनिवार को सांसद रमेश अवस्थी ने पराग के जीएम के साथ प्लांट का निरीक्षण किया और एक सप्ताह बाद पराग का एनडीडीबी के बीच एमओयू होने की संभावना जताई। प्लांट चलने के बाद लोगों को रोजगार के साथ ही पराग की फिर पहचान मिलेगी।
2020 में बनकर हुआ था तैयार
निराला नगर स्थित पराग डेयरी परिसर में 12 अप्रैल 2016 को आधुनिक प्लांट का शिलान्यास हुआ था। वर्ष 2020 में करीब 166 करोड़ की लागत से दो लाख लीटर दूध और दो लाख लीटर पाउडर बनाने की क्षमता का प्लांट बनकर तैयार हो गया था लेकिन कर्मचारियों से लेकर विभिन्न विभागों की करीब 26 करोड़ रुपये से ज्यादा देनदारी होने से पराग उबर नहीं पा रहा था। इसी वजह से आधुनिक प्लांट भी चालू नहीं हो पा रहा था।
22 अगस्त 2023 को प्रदेश सरकार ने गोरखपुर, कानपुर, नोएडा, प्रयागराज, आजमगढ़ व मुरादाबाद पराग प्लांट को 10 साल के लिए लीज पर देने की स्वीकृति दी थी। अक्टूबर 2023 में निजी क्षेत्र के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। मदर डेयरी और सुधा समेत कंपनियां आगे आईं, पर पराग पर देनदारी ज्यादा होने पर कदम पीछे हटा लिए। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई लेकिन शासन से पराग प्लांट को नेशनल डेयरी द्वारा संचालित करने का प्रस्ताव आया तो कानपुर दुग्ध संघ ने प्रस्ताव पर सहमति दे दी थी। इसके बाद शासन ने भी नेशनल डेयरी पर मुहर लगा दी।
शनिवार को सांसद रमेश अवस्थी ने पराग के पुराने व आधुनिक प्लाट की स्थिति देखी और पराग के अधिकारी द्वारा देनदारी चुकाने के लिए सात करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से बात करने की बात कही है। सांसद ने कहा कि प्लांट चालू होने पर कर्मचारियों का बकाया वेतन मिलेगा। साथ ही पशु पालक जो निजी कंपनियों में दूध दे रहे हैं अब वह पराग में देंगे। इससे पराग का नाम फिर लोगों की जुबां पर आने लगेगा।
पराग के जीएम सुनील कुमार ने बताया कि आधुनिक पराग प्लांट की क्षमता चार लाख लीटर है। अब जब प्लांट चलेगा तो दो लाख लीटर पाउडर दूध, डेढ़ लाख लीटर पैकेट और एक टन पनीर व आठ टन घी बनाया जाएगा।
वर्ष 2013 में थी 20 हजार लीटर होती दूध की बिक्री
निराला नगर में वर्ष 1962 में पराग डेयरी का 50 हजार लीटर क्षमता का प्लांट बना था। उस समय कानपुर नगर और कानपुर देहात से दूध आता था। करीब 20 हजार लीटर पराग दूध की बिक्री होती थी लेकिन धीरे-धीरे समय बीता और मशीनें खराब होने लगीं। वर्ष 2013 में प्लांट बंद कर दिया गया, जिससे पराग की बिक्री भी ठप हो गई और निजी कंपनियों ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए।
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