कानपुर के इन इलाकों को दूषित पानी से मिलेगी निजात, 15 हजार अवैध कनेक्शनों पर चलेगा जलकल का 'हंटर'
कानपुर में मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर जलकल विभाग ने दूषित जलापूर्ति की समस्या से निपटने की तैयारी की है। शहर में 15 हजार अवैध कनेक्शन, लीकेज और ना ...और पढ़ें
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जागरण संवादाता, कानपुर। इंदौर में दूषित जलापूर्ति के पीने से मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अफसर हरकत में आए है। वर्तमान समय में शहर में करीब 15 हजार अवैध कनेक्शन , लीकेज और नालियों से जा रहे पाइप जलापूर्ति के लिए मुसीबत बन गए है।
हालत यह है कि कई इलाकों में दूषित जलापूर्ति हो रही है। इसके चलते लोगों में आक्रोश है। इनको चिह्नित करने के लिए जलकल विभाग द्वारा सर्वे टीम बनायी गयी है। सोमवार से एक-एक मुहल्ले में सर्वे करेगी और अवैध कनेक्शन काटने के साथ ही लीकेज ठीक किए जाएगे। इसके अलावा नालियों से गुजर रहे पाइपों को भी हटाया जाएगा।
जलकल विभाग की अपनी प्रयोगशाला है यहां पर क्लोरीन से लेकर बैक्टीरिया की जांच होती है। जलापूर्ति से पहले गंगा और लोअर गंगा कैनाल से लिए जाने वाले कच्चे पानी की जांच की जाता है। उसके आधार पर फिटकारी डाली जाती है और क्लोरीन दी जाती है।

वर्तमान समय में गंगा का हैजेन 30 होने के चलते छह मीट्रिक टन फिटकरी दी जा रही है और साढ़े नौ सौ किलोलीटर क्लोरीन दी जाती है।
जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि सभी जोनों में टीमें बनायी गयी है जो सर्वे करने के साथ ही कार्रवाई भी करेगी। इसके अलावा रोज लीकेज भी ठीक किए जाएगे और मौके पर पानी की जांच भी की जाएगी। कमियों को दूर किया जाएगा।
वर्तमान समय में ओटी टेस्ट किया जाता है इससे पता चल जाता है कि क्लोरीन है या नहीं है। इसके अलावा बैक्टीरिया की भी जांच की जाती है।रोज करीब 20 से 22 जांच होती है। जहां पर कमियाों मिलती है।उसको दूर किया जाता है।
यहां पर अवैध कनेक्शन
चमनगंज, अफीम कोठी, दर्शनपुरवा, बेकनगंज, जनरलगंज, गांधीनगर, रामबाग, जवाहर नगर, नई सड़क समेत कई इलाकों में अवैध कनेक्शन है।
यहां पर दूषित जलापूर्ति की समस्या
गोविंदनगर, बर्रा, चमनगंज, परेड, दर्शनपुरवा, जूही, सरायमीता, पनकी, रामबाग, जवाहर नगर, नेहरू नगर समेत कई इलाकों में आ रहा दूषित पानी
लीकेज-
पीरोड, तिलकनगर, रामबाग, नेहरू नगर, गांधीनगर, पनकी, श्यामनगर समेत कई जगह लीकेज है।इसके चलते रोज हजारों लीटर पानी बहता है।
गजट वैरीफेकेशन में फंसी होटल, स्कूल व नर्सिंग होमें की जांच
नगर निगम सदन ने आदेश दिए ते कि जहां पर जनता का जुड़ा है उन प्रतिष्ठानों को हर हाल में साल में एक बार जांच जलकल विभाग से करानी अनिवार्य होगा।इसके तहत स्कूल, नर्सिंगहोम,.अस्पताल, रेस्टोेरेंट समेत जहां भी पानी का प्रयोग होता है।
इसके बाद जलकल ने तैयारी भी कर ली है लेकिन अभी तक गजट नहीं जारी हो पाया है।जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि गजट जारी होते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। तैयारी पूरी है।
प्रयोगशाला जलकल विभाग में ही है। फरवरी तक गजट जारी हो जाएगा। इसके बाद संबधित प्रतिष्ठानों को अनिवार्य जांच करानी होगी नहीं तो जांच के साथ ही जुर्माना भी लगेगा।

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