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    Kanpur Ghatampur Accident: ड्योढ़ी घाट पर 26 शवों का अंतिम संस्कार, गांव जाकर पीड़ितों को सीएम ने बंधाया ढांढस

    Kanpur Ghatampur Accident कानपुर के घाटमपुर में साढ़ मार्ग पर ट्रैक्टर ट्राली खंती में पलटने के बाद 26 लोगों की मौत से कोरथा गांव में पूरी रात मातम पसरा रहा और सुबह पोस्टमार्टम के बाद शवों का गांव पहुंचना शुरू हुआ तो चीत्कार गूंजने लगीं।

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek AgnihotriUpdated: Sun, 02 Oct 2022 01:41 PM (IST)
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    कानपुर के घाटमपुर के कोरथा गांव में हर ओर मातम।

    कानपुर, जागरण संवाददाता। Kanpur Ghatampur Accident : साढ़ थानाक्षेत्र में बेकाबू ट्रैक्टर ट्राली पलटने से 26 मौतों के बाद शनिवार पूरी रात शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद रविवार सुबह कोरथा गांव पहुंचाए गए। जिलाधिकारी के अनुरोध के बाद परिवार वालों ने सहमति दी तो एंबुलेंस से सभी शव ड्योढ़ी घाट पर लाए गए। यहां रामशंकर ने सबसे पहले पत्नी रानी का अंतिम संस्कार किया तो मौजूद लोगों की आखें नम हो गईं।

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    बलरामपुर दौरा रद करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कानपुर पहुंच गए। उनका हेलीकाप्टर पुलिस लाइन के हेलीपैड पर उतरा और सबसे पहले एलएलआर अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल लिया। इसके बाद वह कोरथा गांव पहुंचे और दिवंगतजनों के परिवार में लोगों से मिलकर ढांढस बंधाया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मंत्री अजीत पाल, राकेश सचान समेत भाजपा नेता और उनके साथ डीजीपी डीएस चौहान और प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद समेत प्रशासनिक अफसर भी मौजूद हैं।

    शनिवार की रात हादसे के बाद रविवार सुबह चार बजे तक 18 शवों के पोस्टमार्टम हो गए थे और एक शव के पोस्टमार्टम में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगा। सुबह छह बजे तक सभी शवों का पोस्टमार्टम पूरा हुआ।एक-एक करके सुबह साढ़े पांच बजे से शवों को लेकर एंबुलेंस गांव पहुंचती रही तो 250 घरों वाले गांव में हर व्यक्ति बदहवास दिखा।

    कोई दहलीज पर रखे शव देखकर आसमान की ओर निहारता तो कोई अपलक उन्हें देखे जा रहा था। मानो कह रहे हों कि हे भगवान आखिर उनसे ऐसी कौन सी गलती हुई जो स्वजन छीन लिए। बुजुर्ग स्वयं के कर्मों को दोष दे रहे थे तो युवा अपनी किस्मत को कोसते नजर आए।

    उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन न होना भी मौतों का एक कारण बन। देर रात ही कानपुर के एलएलआर अस्पताल से भी दोनों शव भीतरगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आए गए थे। इसके बाद वहीं चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम शुरू किए। मंत्रियों राकेश सचान, अजीत पाल सिंह, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, विधायक अभिजीत सिंह सांगा भी रात में मौके पर डटे रहे। डीएम विशाख जी ने पलक भी नहीं झपकाई।

    ड्योढी घाट पर हाेगा अंतिम संस्कार, आ सकते सीएम

    महाराजपुर में गंगा तट पर 26 शवों का अंतिम संस्कार ड्योढ़ी घाट पर किया जाएगा। पुलिस प्रशासन शवों के साथ डयोढ़ी घाट जाएगा, वहां पर पहले से व्यवस्था कर ली गई है ताकि कोई समस्या न हो। इसके लिए जिलाधिकारी विशाख जी ने हर घर मे जाकर शव ड्योढ़ी घाट ले चलने को कहना शुरू किया तो लोगों ने भी सहमति दी है।  ड्योढ़ी घाट पर 13 शवों के लिए चिताएं तैयार कर ली गई हैं, जबकि मृत 13 नाबालिग बच्चों को भूसमाधि दी जाएगी।

    अर्थियां उठाने को लेकर लोगों ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी हेलीपैड के लिए ड्योढ़ीघाट में स्थान खोजने की कवायद में लग गए हैं।

    सुबह सात बजे से बनने लगी अर्थियां

    कोरथा गांव में सुबह सात बजे पुलिस प्रसाशन की मौजूदगी में सभी शवों को उठाने की तैयारी पर फिर लोग रो पड़े। पुलिस प्रसाशन ने सभी शवों के अंतिम संस्कार की सामग्री की व्यवस्था कराई है। सभी अर्थियां बनाने की शुरुआत हो गई।

    छह शव देख सियाराम गश खाकर गिरे : 75 वर्षीय सियाराम के दरवाजे छह शव, देख हुए बदहवास, पत्नी, दो बहुएं, दो पौत्री, एक पौत्र की मौत हुई है।

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