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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मौत के 'समंदर' में आंसुओं के 'ज्वार', चीखें...सिसकियां और नम आंखें, पुलिसकर्मी और लोगों के शव देख निकले आंसू

By Nitesh MishraEdited By:
Published: Sat, 01 Oct 2022 11:10 PM (IST)Updated: Sun, 02 Oct 2022 04:48 AM (IST)

Kanpur Big Accident कानपुर के साढ़ क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्राली खंती में पलटने से करीब 27 लोगों की मौत हो गई। ...और पढ़ें

Kanpur Big Accident कानपुर के घाटमपुर में हादसे से मची चीखपुकार।
Kanpur Big Accident कानपुर के घाटमपुर में हादसे से मची चीखपुकार।

कानपुर, [शिवा अवस्थी]। Kanpur Big Accident हर तरफ चीत्कार... सिसकियां...सड़क किनारे खंती में भरे पानी में उफनाता मौत का 'समंदर' और आंसुओं के 'ज्वार भाटे'। टार्च और वाहनों की रोशनी के बीच पानी से बाहर निकल रहे लोगों के हाथों में गंभीर हालात में कोई बच्चा या महिला थी तो कुछ लुंज-पुंज स्थिति में शव लिए सड़क किनारे रख रहे थे।

ऐसा खौफनाक मंजर देखकर कुछ की रो-रोकर आंखें सूख गईं तो सैकड़ों लोगों के दिल दहल उठे। बच्चे के मुंडन संस्कार में शामिल होकर लौटते समय खुश करीबी, परिचित और रिश्तेदारों के एक पल में ट्रैक्टर-ट्राली सड़क किनारे खंती में पलटने से जलसमाधि में चले जाने का यह दर्दनाक दृश्य देखकर आसपास गांवों के लोग, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी भी सिहर उठे।

साढ़ से घाटमपुर मार्ग पर डेढ़ साल पहले खोदा गया गड्ढा शनिवार को मौत के समंदर के रूप में कई जिंदगियों को निगल गया। छह फीट गहरी खंती में वर्षा के दौरान ही पानी भरा था। जब बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के बाद कोरथा गांव के लोग खुशी के पलों को संजोते हुए लौट रहे थे, तभी उन्हें बड़ा दर्द मिल गया।

घटना के बाद राहगीरों ने जैसे ही आसपास हादसे की खबर दी तो जो जैसे था, वैसे ही घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। किसी के पांव में चप्पल नहीं थे तो कोई कच्छा-बनियान में ही खंती तक पहुंचा। इसके बाद बिना देर लगाए ही पानी में उतर गए। महिलाएं भी पीछे-पीछे उतरीं। अपनों को ढूंढने के लिए कुछ देर के लिए हर कोई यह भूल गया कि गहरी खंती में उतरने पर उन्हें कुछ दिक्कत न हो जाए।

साढ़ और घाटमपुर समेत आसपास थानों के पुलिसकर्मी भी पहुंचे तो वर्दी उतारे बिना ही गहरे पानी में उतर गए। ये लोग जलसमाधि बन चुकी खंती में शव ढूंढने में लगे रहे। लोग एक शव बाहर निकालकर लाते तब तक दूसरा व्यक्ति भी पीछे से बच्चे या महिला को लिए बाहर निकलता नजर आता। घटना के बाद प्रसारित हुए वीडियो में वीभत्स दृश्य देखकर हर कोई रो उठा।

डेढ़ दर्जन परिवारों के बच्चे और महिलाएं चपेट में

कोरथा गांव के डेढ़ दर्जन परिवारों के बच्चे और महिलाएं ट्रैक्टर-ट्राली पर थीं। ग्रामीणों के मुताबिक, जिस समय ट्राली पलटी तो बच्चे और महिलाएं खुद को संभाल नहीं सके और उसके नीचे ही दब गए। मृतकों में उनकी संख्या भी ज्यादा रही।

ट्राली के नीचे दबने से निकालने में आई दिक्कत

ट्राली पर सवार बच्चों और महिलाओं को निकालने में दिक्कत आई, क्योंकि ऊपर से ट्राली ने ढक्कन की तरह उन्हें ढक लिया। आसपास के लोगों के पानी में उतरकर ट्राली सीधी करने पर शव ढूंढे जा सके।

मरने वालों की सूचना

13 वर्षीय नेहा देवी पुत्री सुंदर लाल

17 वर्षीय प्रीति पुत्री राजाराम

50 वर्षीय मिथिलेश पत्नी रामसजीवन

36 वर्षीय अनीता पत्नी वीरेंद्र

15 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र शिवनारायण

04 वर्षीय पारुल पुत्री रामआधार

35 वर्षीय केशकली पत्नी देशराज

17 वर्षीय मनीषा पुत्री रामदुलारे

45 वर्षीय लीलावती पत्नी रामदुलारे

गुड़िया पत्नी संजय

50 वर्षीय तारादेवी पत्नी केवट

45 वर्षीय ऊषा देवी पत्नी बृजलाल

50 वर्षीय गीता सिंह पत्नी शंकर (पूर्व प्रधान)

05 वर्षीय रोहित पुत्री राम दुलारे

08 वर्षीय रवि पुत्र शिवराम

45 वर्षीय जयदेवी पत्नी शिवराम

50 वर्षीय मायावती पत्नी रामबाबू

15 वर्षीय सुनीता पुत्री

रंपत निषाद

50 वर्षीय रानी पत्नी रामशंकर

फूलमती पत्नी स्व. शिवराम

12 वर्षीय शिवानी पुत्री राम खिलावन

04 वर्षीय शिवम पुत्र कल्लू

05 वर्षीय जाह्नवी पुत्री कल्लू

04 वर्षीय पलक पुत्री रामआधार

13 वर्षीय अंजली पुत्री रामसजीवन

15 वर्षीय किरन पुत्री शिवनारायण

50 वर्षीय कलावती पत्नी रामदुलारे

50 वर्षीय छोटू पुत्र राम बाबू

60 वर्षीय रामजानकी पत्नी सिद्दू

36 वर्षीय विनीता पत्नी कल्ल

03 वर्षीय विद्या उर्फ रिया

12 वर्षीय रचना उर्फ कल्लो