कानपुर में KYC न कराने पर 23 हजार से अधिक गैस बुकिंग रद्द, उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही परेशानी
कानपुर में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी न कराना बड़ी समस्या बन गया है, जिससे पांच दिनों में 23 ...और पढ़ें

HighLights
पांच दिन में 23 हजार से अधिक गैस बुकिंग रद्द हुईं
बिना केवाईसी उपभोक्ताओं को व्यावसायिक सिलिंडर खरीदने पड़ रहे हैं
केवाईसी निशुल्क होने पर भी 300 रुपये की अवैध वसूली
अमन तिवारी, कानपुर। घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी न कराना अब बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। जिले में 30 सितंबर के बाद बिना केवाईसी वाले उपभोक्ताओं की रसोई गैस बुकिंग लगातार निरस्त हो रही है। बीते पांच दिनों में ही 23 हजार से अधिक बुकिंग रद्द हो चुकी हैं, जिससे हजारों परिवारों को समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं के मोबाइल पर बुकिंग निरस्त होने के संदेश भी पहुंचने लगे हैं।
समय सीमा में नहीं करवाई केवाईसी
जिले में करीब साढ़े 11 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग पौने दो लाख उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय सीमा तक केवाईसी नहीं कराई। पूर्ति विभाग के अनुसार अब ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू दर पर सब्सिडी वाला सिलिंडर नहीं मिलेगा। जब तक वे केवाइसी पूरी नहीं करा लेते, उन्हें व्यावसायिक दरों पर ही सिलिंडर खरीदना होगा।
एजेंसियों की लगा रहे चक्कर
इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर आम और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। अचानक बुकिंग निरस्त होने से लोगों को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें अंतिम समय तक यह जानकारी नहीं थी कि केवाईसी न होने पर घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी जाएगी।
घरेलू रसोई का खर्च कई गुना बढ़ा
वर्तमान व्यवस्था के तहत बिना केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को 10 किलो का व्यावसायिक सिलिंडर 1595 रुपये तथा पांच किलो का व्यावसायिक सिलिंडर 785.50 रुपये में लेना पड़ेगा। इससे घरेलू रसोई का खर्च कई गुना बढ़ गया है। हालांकि पूर्ति विभाग का कहना है कि केवाइसी की सुविधा अभी भी जारी है और प्रक्रिया पूरी होते ही संबंधित उपभोक्ता को फिर से सामान्य घरेलू सिलिंडर और सब्सिडी का लाभ मिलने लगेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द गैस एजेंसी या अधिकृत केंद्र पर जाकर आधार व आवश्यक दस्तावेजों के साथ केवाईसी कराने की अपील की है, ताकि बुकिंग निरस्त होने और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके।
मुफ्त केवाईसी पर भी 300 रुपये वसूलने का आरोप
केवाईसी प्रक्रिया निशुल्क होने के बावजूद कई गैस एजेंसियों और जनसेवा केंद्रों पर उपभोक्ताओं से 300-300 रुपये तक वसूले जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि मुफ्त में होने वाले कार्य के लिए उनसे जबरन शुल्क लिया जा रहा है। कई लोगों ने शिकायत की कि रुपये न देने पर उन्हें बार-बार लौटाया गया या प्रक्रिया टाल दी गई। इससे आर्थिक बोझ के साथ उपभोक्ताओं में नाराजगी भी बढ़ रही है।
केवाईसी पूरी तरह निशुल्क
पूर्ति विभाग का कहना है कि केवाइसी पूरी तरह निशुल्क है। यदि कहीं भी अवैध वसूली की जा रही है तो उपभोक्ता लिखित शिकायत करें। जांच में आरोप सही मिलने पर संबंधित एजेंसी या केंद्र के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
| कंपनी | एजेंसियां / कनेक्शनधारक |
|---|---|
| इंडेन आयल | एजेंसियां : 56 कनेक्शनधारक : 7,21,109 |
| बीपीसीएल | एजेंसियां : 15 कनेक्शनधारक : 2,22,530 |
| एचपीसीएल | एजेंसियां : 19 कनेक्शनधारक : 2,06,226 |
| कुल योग | एजेंसियां : 90 कनेक्शनधारक : 11,49,865 |
जहां तक कनेक्शन ट्रांसफर होने की बात है तो उस पर फिलहाल रोक लगी हुई है। इसके बाद रही बात सिलिंडिर महंगे दाम में मिलने की तो पहले से लगातार हमने सूचनाएं दी हैं कि 30 सितंबर तक केवाइसी करा लें लेकिन तब लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया। अभी भी मौका है केवाइसी कराकर सामान्य दरों पर घरेलू सिलिंडर प्राप्त किए जा सकते हैं। अन्यथा कि स्थिति में कमर्शियल सिलिंडर ही लेना होगा।
- अंजनी सिंह, डीएसओ।
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