Kanpur Cyber Fraud: ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसा 7वीं का छात्र, पिता के खाते से गंवाए 5.06 लाख रुपये
कानपुर में एक सातवीं कक्षा के छात्र ने ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में अपने पिता के बैंक खाते से 5.06 ...और पढ़ें

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
ठगों के आनलाइन गेमिंग में फंसे सातवीं के छात्र ने पिता के खाते से गंवाए 5.06 लाख रुपये
पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार, बोला- डेढ़ बीघा खेती बेच 1.20 करोड़ रुपये खाते में किए थे जमा
जागरण संवाददाता, कानपुर। साइबर ठग आनलाइन गेमिंग के जरिए बच्चों और युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। अगर आपका बच्चा मोबाइल पर आनलाइन गेम खेल रहा है तो उस पर नजर रखें। खासतौर पर उसे बैंकिंग जानकारी न बताएं। वरना आपके बैंक खाते से मोटी रकम ठगों के खाते में पहुंच जाएगी।
सचेंडी के चकरपुर गांव में 14 वर्षीय सातवीं का छात्र भी ठगों के आनलाइन गेमिंग के जाल में फंस गया और एक सप्ताह में किसान पिता के खाते से 5.06 लाख रुपये गंवा दिए। जब पिता को इसकी जानकारी हुई तो वह सचेंडी थाने और साइबर थाने के चक्कर लगाते रहे। कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने सोमवार को पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। उन्होंने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए।
सचेंडी के चकरपुर गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि पिछले साल उन्होंने अपना डेढ़ बीघा खेत 1.20 करोड़ रुपये में बेचा था। वह रकम बैंक आफ इंडिया चकरपुर शाखा के खाते में जमा कर दिया था। सातवीं में पढ़ने वाला उनका 14 वर्षीय बेटा अक्सर उनके मोबाइल फोन पर आनलाइन गेम खेलता था। राजकुमार ने बताया कि 18 सितंबर 2026 को एक महिला का फोन आया कि उनके खाते से लगातार रुपये निकल रहे हैं।
उन्होंने उस महिला के बारे में भी नहीं पूछा और हड़बड़ाहट में काल काटकर वह बैंक पहुंच गए, जहां जानकारी करने पर बताया गया कि 11 से 17 सितंबर दोपहर 12 बजे तक 5.06 लाख रुपये यूपीआइ के जरिए विभिन्न खातों में पहुंचे हैं। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर काल कर शिकायत दर्ज कराई। राजकुमार ने बताया कि वह सचेंडी थाने पहुंचे, तो उन्हें साइबर थाने भेज दिया गया।
साइबर थाने में उनका मोबाइल फोन फोन जांचा। जिस महिला का फोन आया था। उसे कई काल की गई, पर रिसीव नहीं हुई। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन से गेमिंग एप और कई नंबर नंबर डिलीट कर दिए हैं। मुकदमा न लिखे जाने पर सोमवार को पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिए गए हैं। जांच कराई जा रही है।
ऐसे करें बचाव
- बच्चों को मोबाइल फोन पर गेम खेलने के दौरान बड़ों की देखरेख में रखें और उन्हें बिना अनुमति भुगतान न करने दें।
- गेमिंग एप के चैट या फोरम पर अपना नाम, बैंक विवरण या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- वाट्सएप, फेसबुक, एसएमएस या किसी अन्य इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म पर आने वाले संदिग्ध या लुभावने लिंक को न खोलें।
- सिर्फ आधिकारिक एप स्टोर से ही गेम डाउनलोड करें, अनजान या थर्ड-पार्टी गेमिंग एप डाउनलोड करने से बचें।
- गेमिंग एप में अपने बैंक खाते या डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी सुरक्षित करके न रखें, यूपीआइ आटो-पे की नियमित जांच करें।
- बैंक या किसी भी अन्य सेवा से आए ओटीपी किसी को न बताएं।
