कानपुर में हर्ष फायरिंग से मौत, टेसू-झिंझिया विवाह कार्यक्रम में नशेबाज ने की फायरिंग, किसान के सीने में लगी गोली
कानपुर के घाटमपुर में हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से किसान की मौत हो गई। टेसू-झिंझिया के विवाह कार्यक्रम ...और पढ़ें

ये फोटो एआई जनरेटेड है।
HighLights
टेसू-झिंझिया कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग से किसान की मौत।
नशे में धुत युवक ने चलाई दोनाली बंदूक से गोली।
आरोपी और बंदूक मालिक घटना के बाद से फरार।
संवाद सहयोगी, घाटमपुर(कानपुर)। सजेती थाना क्षेत्र के मकरंदपुर गांव में टेसू-झिंझिया के विवाह कार्यक्रम के दौरान नशेबाज युवक ने दोनाली से फायर कर दिया। गोली पास में खड़े किसान के सीने में धंस और उसकी जान चली गई। घटना के बाद आरोपित युवक और बंदूक मालिक दोनों भाग निकले। पुलिस के मुताबिक उनकी तलाश की जा रही है।
गांव निवासी 55 वर्षीय रामखिलावन उर्फ सुवालाल निषाद किसानी करते थे। घर पर पत्नी जयदेवी और दो बेटे अमर व अजय हैं। दोनों बेटे सूरत में रहकर प्राईवेट नौकरी करते हैं और करीब पांच दिन पहले घर आए थे। रविवार रात को गांव में टेसू-झिंझिया का पारंपरिक पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा था। खाना-पीना के साथ नाच गाना का भी कार्यक्रम था। यहां पर गांव निवासी गुड्डू सिंह दोनाली बंदूक लेकर पहुंचे थे।
रात करीब साढ़े आठ बजे उनका पारिवारिक पौत्र 23 वर्षीय अन्नू परमार भी नशे में धुत होकर पहुंचा और उनकी दोनाली बंदूक से फायर कर दिया। गोली सीधे रामखिलावन के सीने में जा लगी। वह खून से लथपथ होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें घाटमपुर सीएचसी लाया गया। जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना के बाद गुड्डू और अन्नू भाग निकले।
एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। भागे हुए आरोपितों की तलाश की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।
बेटे के सामने से भागा आरोपित
बेटे अजय ने बताया कि कार्यक्रम में डीजे और पटाखों का शोर था। इसके चलते जब फायर हुआ तो लगा कि पटाखा ही होगा। वह घटनास्थल से कुछ दूर खड़े थे। उनके ठीक सामने से अन्नू और गुड्डू भागते हुए निकले। कुछ सेकेंड बाद देखा कि पिता खून से लथपथ जमीन पर गिरे हैं। तुरंत एंबुलेस को सूचना दी गई। लेकिन, देर होने पर उन्हें आटो से घाटमपुर सीएचसी आया गया। यहां पर डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घर बनवाने के लिए आए थे बेटे
अजय ने बताया कि वह अपने बड़े भाई अमर के साथ गुजरात के सूरत में प्राईवेट नौकरी करता है। करीब पांच दिन पहले दोनों भाई घर बनवाने के लिए घर आए थे। कालम बनने शुरू हो गए थे। पिता नए घर को लेकर प्रसन्न थे। लेकिन, नहीं पता था कि घर बनने से पहले वह दुनिया छोड़ देंगे।
सुबह से नशे में घूम रहा था अन्नू
ग्रामीणों ने बताया कि अन्नू रविवार को सुबह से नशे में धुत होकर घूम रहा था। वहीं, गुड्डू सिंह कानपुर में बिल्डर हैं। गांव में पहली बार टेसू-झिंझिया का विवाह चंदा करके धूमधाम से मनाया जा रहा था। इसमें गांव के सभी लोग शामिल हुए थे।
टेसू-झिंझिया का विवाह
टेसू-झिंझिया का प्रतीकात्मक विवाह मुख्य रूप से लोक परंपराओं से जुड़ा है। इस परंपरा का संबंध महाभारत काल से है। मान्यता है कि भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक को राक्षस पुत्री 'झिंझिया' से प्रेम हो गया था। युद्ध के दौरान वचन निभाने के चलते उनका सिर कट गया था, जिसके बाद टेसू (बर्बरीक) और झिंझिया का यह प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों विशेषकर ब्रज, कानपुर, इटावा और चंबल अंचल में शरद पूर्णिमा या कार्तिक पूर्णिमा के दिन टेसू-झिंझिया का विवाह संपन्न होने के बाद ही समाज में सामान्य विवाह और अन्य शुभ-मांगलिक कार्यों के मुहूर्त शुरू होते हैं। दशहरे के बाद से बच्चे लकड़ी/खपच्चियों से टेसू का पुतला बनाते हैं और लड़कियां छेदों वाले मटके (झिंझिया) में दीपक जलाकर गीत गाती हैं। पूर्णिमा की रात इनकी धूमधाम से बारात निकालकर और प्रतीकात्मक शादी कराकर इनका विसर्जन कर दिया जाता है।
