Kanpur के गंगा घाट पर कंटेनर मालिक के अंतिम संस्कार में दिखे शरीर पर कुछ ऐसे निशान, बॉडी लेकर घर आ गए और फिर खुला कत्ल का राज
कानपुर के गुजैनी में एक कंटेनर मालिक की कर्नाटक में हत्या कर दी गई, जिसे पहले हार्ट अटैक बताया गया ...और पढ़ें

रघुनंदन सिंह उर्फ अर्जुन की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस में बैठे स्वजन। जागरण
HighLights
कंटेनर मालिक रघुनंदन सिंह की कर्नाटक में हत्या
पहले हार्ट अटैक बताया, शरीर पर चोटों के निशान
पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई
जागरण संवाददाता, कानपुर। गुजैनी थानाक्षेत्र में कंटेनर मालिक के स्वजन ने उसके साझेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दो दिन पूर्व कर्नाटक से साझेदारों ने फोन पर सूचना दी कि हार्टअटैक से उनकी मौत हो गई वहीं जब शनिवार को एंबुलेंस से शव पहुंचा तो घाट अंतिम संस्कार से पूर्व शरीर पर चोटों के निशान देखकर स्वजन ने हत्या का आरोप लगाया और शव को घर ले आए और गुजैनी पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस ने रविवार को पैनल और वीडियोग्राफी से पोस्टमार्टम कराया तो गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई वहीं शरीर पर चोटों के निशान भी मिले। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वजन की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जायेगी।
बर्रा-आठ निवासी 42 वर्षीय रघुनंदन सिंह उर्फ अर्जुन के पास तीन कंटेनर हैं जिसे वह खुद भी चलाते हैं। परिवार में पत्नी जूली और दो मुस्कान और आदर्श हैं। चचेरे भाई बृजेंद्र सिंह ने बताया कि रघुनंदन विकास साहनी व कुछ अन्य लोगों के साथ साझेदारी में कंटेनर चलवाते थे। 17 अक्टूबर को वह माल लेकर विकास साहनी के साथ कर्नाटक गए थे।
22 अक्टूबर को विकास ने सूचना दी कि रघुनंदन को अटैक पड़ा है इसके बाद फोन काट दिया कृष्णदेव ने फोन करके कहा कि वह लोग आ रहे हैं तो कुछ देर बाद मौत की सूचना दी गई और एंबुलेंस से शव लेकर कानपुर आने को कहा। चचेरे भाई कृष्णदेव ने बताया कि शनिवार सुबह विकास एंबुलेंस से रघुनंदन का शव लेकर घर पहुंचे और कुछ देर बाद बिना बताए भाग निकले।
स्वजन का कहना है कि जब वह लोग शव लेकर अंतिम संस्कार करने के लिये महाराजपुर के ड्योढीघाट पर पहुंचे। इस दौरान सिर,सीने और हाथ में चोटों के निशान देखकर स्वजन दंग रह गये और उन्होंने विकास व साझेदारों पर हत्या का आरोप लगाया। घटना के बाद स्वजन शव लेकर घर आ गए और गुजैनी पुलिस को जानकारी दी।
रविवार को पुलिस ने पैनल और वीडियोग्राफी से शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसमें गला घोंटकर हत्या करने के साथ ही सिर व हाथ पैरों और सीने पर चोटों के करीब एक दर्जन निशान मिले हैं। गुजैनी थाना प्रभारी राजन शर्मा ने बताया कि स्वजन की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
अंतिम संस्कार कर देते तो हत्या का पता न चलता
भाई बृजेंद्र ने बताया कि एंबुलेंस से शव को घर पहुंचाने के बाद साझेदार विकास साहनी मौके से भाग निकला। अगर घाट पर वह लोग रघुनंदन के शरीर पर चोटों का निशान गंभीरता से देखे बिना अंतिम संस्कार कर देते तो हत्या का पता ही नहीं चलता। स्वजन का कहना है कि कर्नाटक से आरोपित शव लेकर कानपुर तक चले आए और किसी ने उन्हें रास्ते में रोका तक नहीं।
