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Kanpur News: 1991 की फर्जी मुठभेड़ पर 35 साल बाद बड़ा एक्शन, 12 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा, CBCID जांच में खुलासा

Published: Sun, 18 Oct 2026 03:18 PM (IST)

कानपुर के महाराजपुर में 1991 के एक फर्जी मुठभेड़ मामले में 35 साल बाद 12 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया ...और पढ़ें

इसी नर्वल मोड पर दिखाया गया था फर्जी एनकाउंटर। जागरण (फोटो एआइ से एडिट की गई है)।

इसी नर्वल मोड पर दिखाया गया था फर्जी एनकाउंटर। जागरण (फोटो एआइ से एडिट की गई है)।

HighLights

  1. महाराजपुर फर्जी मुठभेड़ मामले में 12 पुलिसकर्मी आरोपी

  2. 1991 की घटना, सीबीसीआईडी जांच में हुई पुष्टि

  3. तत्कालीन थानाध्यक्ष पर मुफ्त प्लॉट न मिलने का आरोप

जागरण संवाददाता, कानपुर। महाराजपुर में 1991 में हुई मुठभेड़ की कहानी सीबीसीआईडी की जांच में गलत निकली है और 12 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच शुरू हुई थी, इनमें छह की मौत हो चुकी है।

आरोप था कि मुफ्त में प्लाट न मिलने पर महाराजपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष विद्या सागर त्रिपाठी ने 12 लोग पकड़े और फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उनकी गिरफ्तारी कर ली।

महाराजपुर थाने में 22 अगस्त 1991 को तत्कालीन थाना प्रभारी विद्या सागर त्रिपाठी ने दर्ज मुकदमें में जिक्र किया था कि नर्वल मोड़ पर बदमाश वाहनों को रोककर लूटपाट कर रहे थे। पुलिस पहुंची तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।

बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद गांधीग्राम निवासी राकेश पाठक व उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से अवैध असलहे व विस्फोटक पदार्थ भी बरामद हुआ। मुकदमे दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया गया।

UP Police Constable Rape

मुख्य आरोपित राकेश पाठक के बड़े भाई देव प्रसाद पाठक ने मुठभेड़ को फर्जी बताया और शासन में शिकायत की। देव प्रसाद ने बताया था कि पुलिस उनके घर से पिता की लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक व लाइसेंसी रायफल ले गई। उन्हीं असलहों को मुठभेड़ में प्रयुक्त दिखा दिया। शासन ने सीबीसीआइडी को जांच सौंपी।

तत्कालीन इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने जांच शुरू की तो पुलिस ने जिस डीसीएम चालक के साथ लूट व मारपीट का घटना में जिक्र किया था, उसने चालक पुलिस की कहानी की पोल खोल दी। उसने बताया कि रामादेवी चौराहे पर एक सिपाही ने कई लोगों को गाड़ी में बैठाया।

encounter

इसके बाद महाराजपुर थाने से कुछ अन्य पुलिसकर्मी साथ में बैठ गए। नर्वल मोड़ में जाकर पुलिस ने गाड़ी खड़ी करा दी और मुठभेड़ का रूप दे दिया। 25 सितंबर 1995 को अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया था।  

 

फर्जी मुठभेड़ के सभी 12 निर्दोष

क्रम नाम व पिता का नाम निवास व थाना
1 राकेश पाठक पुत्र सतीश पाठक मकान नंबर 104, गांधीग्राम, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
2 जगदीश द्विवेदी पुत्र रामेश्वर द्विवेदी मकान नंबर 104, गांधीग्राम, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
3 राम सिंह उर्फ टेशू पुत्र हाकिम सिंह जामू, थाना बिधनू, जनपद कानपुर नगर
4 कल्लू उर्फ सुरेंद्र कुमार द्विवेदी पुत्र राम नारायण द्विवेदी मकान नंबर 341, सफीपुर, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
5 पप्पू सिंह पुत्र रामहेत कुडवाना, बहादुर नगर, थाना बिधनू, जनपद कानपुर नगर
6 शिवकुमार पुत्र देवी लाल मकान नंबर 104, गांधीग्राम, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
7 रामू पुत्र लक्ष्मी नारायण मकान नंबर 104, गांधीग्राम, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
8 महेंद्र सिंह पुत्र नंद किशोर मकान नंबर 65/23, गांधीग्राम, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
9 पप्पू सरदार उर्फ हरजेंद्र सिंह पुत्र शिव सिंह मकान नंबर 185, एन-2 रोड, रतनपुर पनकी, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
10 सरदार अजीत सिंह पुत्र अवतार सिंह मूल निवास रायपुर रसूलपुर, थाना भीमपुर, जनपद जालंधर, पंजाब। वर्तमान निवास मकान नंबर 135/ए, शास्त्री नगर, थाना काकादेव, कानपुर नगर
11 लालजी पुत्र घसीटे मकान नंबर 104, गांधीग्राम, थाना चकेरी, जनपद कानपुर नगर
12 दिनेश कुमार पुत्र बुद्ध प्रकाश मकान नंबर 476, जनता नगर, थाना नौबस्ता, जनपद कानपुर नगर। मूल निवास कस्बा व थाना डेरापुर, जनपद कानपुर देहात

मुकदमे का विवरण

पुलिस मुठभेड़ में मौके से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध असलहे व बम बरामद किए गए थे, जिसके आधार पर थानाध्यक्ष विद्यासागर त्रिपाठी द्वारा थाना महाराजपुर, जनपद कानपुर नगर में मुअसंस 275/1991 (धारा 399/402/307 भादवि) एवं मुअसंस 276/1991 से 287/1991 तक (धारा 3/25 आर्म्स एक्ट व 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम) पंजीकृत कराया गया था। इसकी विवेचना तत्कालीन उनि/थानाध्यक्ष रमेश बन्द नटोने, थाना नर्वल, जनपद कानपुर नगर द्वारा संपादित की गई थी   

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस

क्र.सं. कानून / अधिनियम धारा / संख्या
1 भा द सं 1860 194
2 भा द सं 1860 195
3 भा द सं 1860 182
4 भा द सं 1860 211
5 भा द सं 1860 218
6 भा द सं 1860 220
7 भा द सं 1860 323
8 भा द सं 1860 342
 
 

इन 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस 

नाम वर्तमान पता
उनि बीडी सारस्वत, सेवानिवृत्त निवासी एमआईजी बी-206, ट्रांस यमुना कॉलोनी, एत्माद्दौला, नगर (कमिश्नरेट आगरा), उत्तर प्रदेश
उनि योगेन्द्र नाथ सिंह, सेवानिवृत्त ग्राम मसौढ़ी, चरवा, कौशांबी, उत्तर प्रदेश
हेका हृदय नारायण तिवारी, सेवानिवृत्त ग्राम सीतामढ़ी, कोईरीना, भदोही, उत्तर प्रदेश
का तेज नारायण तिवारी, सेवानिवृत्त ग्राम सोहा, कल्यानपुर, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
का बैजनाथ, सेवानिवृत्त निवासी पसोर, चरवा, कौशांबी, उत्तर प्रदेश
का बृजेश कुमार, सेवारत ग्राम रूपचन्द्रपुर, बदलापुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश
का चन्द्रबली, सेवानिवृत्त निवासी ग्राम मवई, सराय अखिल, कौशांबी, उत्तर प्रदेश
का विद्याकान्त शुक्ला, सेवानिवृत्त ग्राम नरवर चौकठा, मांडा, यमुनानगर (कमिश्नरेट प्रयागराज), उत्तर प्रदेश
का रामआसरे, सेवानिवृत्त ग्राम बद्दूपुरी, करारी, कौशांबी, उत्तर प्रदेश
का रमेश कुमार तिवारी ग्राम कतवारीपुर, सरायइनायत, गंगानगर (कमिश्नरेट प्रयागराज), उत्तर प्रदेश
आरक्षी चालक जगेश्वर यादव, सेवानिवृत्त ग्राम गोरा, सोरांव, गंगानगर (कमिश्नरेट प्रयागराज), उत्तर प्रदेश
उनि विवेचक रमेश चन्द्र निवासी ई-2/209, केशव कॉलोनी, देह, चकेरी, उत्तर प्रदेश। 

 

 

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