कोडीनयुक्त सीरप बेचने वाली 150 फर्म मिलीं संदिग्ध, सत्यापन के लिए 30 टीमें रवाना, UP-पंजाब और हरियाणा समेत इन राज्यों की हैं कंपनियां
कानपुर में कोडीनयुक्त कफ सीरप और नशीली दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री में 150 से अधिक संदिग्ध फर्में सामने आई हैं। कलक्टरगंज और रायपुरवा थानों में दर्ज मुक ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। कोडीनयुक्त कफ सीरप व नशीली दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री मामले में 150 से अधिक संदिग्ध फर्में मिली हैं। कलक्टरगंज में चार व रायपुरवा थाने में दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान यह जानकारी मिली है। अब प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर के साथ पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड व दिल्ली में अलग-अलग जिलों में फर्मों के सत्यापन के लिए 30 पुलिस टीमें भेजी गई हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अक्टूबर में औषधि लाइसेंस की आड़ में मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) से संबंधित कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाओं को खरीदने और बेचने वाली चार फर्मों की जांच की थी। इसके बाद औषधि निरीक्षक ओमपाल सिंह ने कलक्टरगंज थाने में चार मुकदमे दर्ज कराए थे। इसमें विनोद अग्रवाल, उनका बेटा शिवम, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा, अभिषेक शर्मा व वेद प्रकाश शिवहरे आरोपित हैं, जबकि रायपुरवा थाने में दर्ज एक मुकदमे में सुमित केसरवानी को आरोपित बनाया गया था। इन मुकदमों की विवेचना के बाद पुलिस को 150 ऐसी फर्में मिली हैं, जिसमें आरोपितों ने कोडीन युक्त सीरप व नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री दिखाई है। औषधि विभाग के अनुसार जांच में इन फर्मों में आधी फर्जी निकलीं।

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