'जांच के बाद ही डॉक्टरों पर हो गैर इरादतन हत्या की FIR', कानपुर में पुलिस आयुक्त से मांग
कानपुर में पुलिस आयुक्त ने डॉक्टरों के साथ समन्वय बैठक की। डॉक्टरों ने मांग की कि गैर इरादतन हत्या के मामलों में एफआईआर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। पुलिस और डाक्टर के बीच समंव्य बनाने के लिए शनिवार को पुलिस आयुक्त रघबीर लाल ने पुलिस आफिस सभागार में गोष्ठी आयोजित की, जिसमें डाक्टरों ने अधिकारियों से संवाद किया और अपनी समस्याएं बता कई मांगें रखी।
इस दौरान आइआइएम अध्यक्ष डा. अनुराग मेहरोत्रा ने डाक्टरों पर गैर इरादतन हत्या की एफआइआर पहले सर्वोच्च न्यायालय के दिए गए निर्देशों का पालन करने व सीएमओ द्वारा गठित कमेटी की जांच के बाद ही लिखी जाए।
गोष्ठी में जीएसवीएम कालेज के प्राचार्य डा. संजय काला ने एलएलआर अस्पताल परिसर में अवैध अतिक्रमण, अवैध एंबुलेंस से मरीज ले जाने की शिकायत की। उन्होंने एलएलआर चौकी में पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाने, एक अतिरिक्त चौकी की मांगते करते हुए अस्पताल के आसपास जाम लगने की बात कही।
डा. आरती लालचंदानी ने मेडिकल उपकरण के खरीदारी में होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस के सहयोग, थाना-चौकी पुलिस द्वारा डाक्टरों से मर्यादित व्यवहार किए जाने, बिधनू सीएचसी के आसपास अवैध वाहनों के खड़े होने और झोलाछाप की सक्रियता से हो रही समस्या बताई।
डाक्टरों ने कहा कि ऐसी गोष्ठी हर जोन व थाना स्तर पर भी होनी चाहिए। इस दौरान पुलिस आयुक्त ने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बढ़ते साइबर अपराध, इसके तरीके व दुष्प्रभाव व बचाव के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस आयुक्त ने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में लापरवाही न की जाए।
गोल्डन आवर का सकुशल उपयोग हो। किसी भी मेडिको लीगल केस की स्थानीय पुलिस को सूचना दें। थानों द्वारा हास्पिटल की सही लोकेशन मैपिंग की जाए, जिससे आपातकालीन स्थिति में पास के हास्पिटल तक पहुंचा जा सके।
इसके साथ ही एमडीएमए, ब्राउन शुगर, कोकीन, चरस, ओपियम, डेरिवेटिव जैसे ड्रग्स व दवाइयों के दुरुपयोग से युवाओं पर पड़ रहे दुष्प्रभाव व नशे को रोकने के लिए भी जागरूक किया। गोष्ठी में जेसीपी कानून-व्यवस्था आशुतोष कुमार, डा. मनीष बिश्नोई, डा. जीएस कुशवाहा आदि मौजूद रहें।

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