अफसोस! DM के मुंह से निकला ये शब्द, CDO के साथ मारा छापा तो नजारा देख हुआ माथा गर्म; रोक दी कर्मियों की सैलरी
कानपुर के विकास भवन में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने औचक निरीक्षण किया और वहां गंदगी और कमियों को देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने कई कर्मचारियों को अनुपस्थित पाया और उनके वेतन रोकने के निर्देश दिए। विकास भवन के मुख्य द्वार पर समाज कल्याण और डूडा विभाग की हेल्प डेस्क में भी सिर्फ एक कर्मचारी मिला। डीएम ने सीडीओ से कहा कि इन कर्मचारियों को और भी काम दिया जाए।

जागरण संवाददाता, कानपुर। बेहद अफसोस है...ये विकास भवन है। इतनी गंदगी और कमियां हैं। विकास कार्यों से जुड़े विभाग के कार्यालयों की ऐसी स्थिति है तो दूसरों को क्या दिशा देंगे। जिला विकास अधिकारी से कहने के बावजूद सुधार नहीं हुआ।
कर्मचारी नदारद हैं। शौचालयों में ताला पड़ा है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह जब शुक्रवार सुबह मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के साथ विकास भवन पहुंचे तो उनके मुंह से ये शब्द निकले, जो स्थिति बताने के लिए काफी हैं।
उन्होंने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अधिशासी अभियंता कार्यालय का एक द्वार बंद मिलने व गंदगी देख फटकार लगाई। जिला विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी समेत कई से मांगा जवाब-तलब किया। कर्मियों का वेतन रोक दिया।
विकास भवन पहुंचे जिलाधिकारी ने कहा, सुबह 10 से 12 के बीच सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रह कर जनता की समस्याएं सुन समय से निराकरण कराएं।
गंदगी देख नाराज हुए डीएम
उन्होंने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) अधिशासी अभियंता कार्यालय, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी (डीएसटीओ) कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय व जिला कृषि अधिकारी कार्यालय देखा। डीआरडीए कार्यालय का एक द्वार बंद होने व गंदगी पर नाराज हुए।
रजिस्टर में संबंधित के हस्ताक्षर थे पर नाम नहीं दर्ज मिले। नाम व पदनाम की मुहर लगाने के निर्देश दिए। डीएसटीओ कार्यालय में लाइट ठीक नहीं मिलीं। आभा कुमारी, दो कर्मचारी जयप्रकाश यादव व प्रीति कुमारी अवकाश पर रहे। जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में दीप्ति प्रसूति अवकाश में मिलीं।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में कर्मचारी सागर चौधरी आकस्मिक अवकाश पर मिले, लेकिन मानव संपदा पोर्टल पर छुट्टी दर्ज नहीं थी। जिला कृषि अधिकारी से जवाब मांगा। विकास भवन के द्वितीय तल पर दो में एक शौचालय बंद मिला। वाशबेसिन की टोंटी टूटी मिली। जिला विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह से जवाब तलब किया। गायब कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
इन्हें और काम भी दीजिए
विकास भवन के मुख्य द्वार पर समाज कल्याण व डूडा विभाग की हेल्प डेस्क में डूडा का एक कर्मचारी मिला। समाज कल्याण के हेल्प डेस्क रजिस्टर में दिन भर में केवल पांच लोगों के ही नाम दर्ज मिले। डीएम ने सीडीओ से कहा, इन्हें और भी काम दीजिए।
ये कर्मी मिले अनुपस्थित
उद्यान विभाग के अमित कुमार, समाज कल्याण विभाग की नेहा, साक्षी वर्मा, डीएसटीओ की आभा टंडन व प्रीति, कृषि के सागर चौधरी।
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