यूपी के इस जिले में बिना रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के चल रहे 48 हजार ई-रिक्शा, अब पुलिस चेक करेगी कागजात
Kanpur News कानपुर में 48 हजार से अधिक ई-रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के चल रहे हैं जिससे शहर में जाम की समस्या बढ़ रही है। अब परिवहन आयुक्त के निर्देश पर 1 से 30 अप्रैल तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में अवैध ई-रिक्शा और बिना फैक्ट्री में निर्मित असेम्बल्ड ई-रिक्शा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जागरण संवाददाता, कानपुर। बिना पंजीयन और सत्यापन के शहर में 48 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। हर माह इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इससे शहर में जाम की समस्या से लोगों को निजात मिलती नहीं दिख रही। कानपुर नगर में 90 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा संचालित हैं। इनमें 48 हजार के करीब बिना पंजीयन चल रहे हैं। जबकि 42 हजार ई रिक्शा ही आरटीओ में पंजीकृत हैं।
वर्तमान में घंटाघर चौराहा, जरीब चौकी चौराहा, बड़ा चौराहा, परेड चौराहा, कल्याणपुर चौराहा, गोल चौराहा, रेव मोती तिराहा, रावतपुर क्रासिंग, सीटीआई, बारादेवी चौराहा सहित शहर के अन्य चौराहों पर ई-रिक्शों की अराजकता है। पुलिस कमिश्नरी, आरटीओ और यातायात विभाग इन पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर सका है।
वास्तविकता यह है कि चौराहे हों या आम सड़कें, गलियां सभी जगहों पर ई-रिक्शों का संजाल फैला हुआ है। अब मुख्यमंत्री के निर्देशों पर परिवहन आयुक्त ने अपंजीकृत व अवैध ई-रिक्शों के खिलाफ एक से 30 अप्रैल तक विशेष चेकिंग अभियान चलाने के लिए पत्र जारी किया है।
आरटीओ प्रवर्तन विदिशा सिंह ने छह जिले कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा के एआरटीओ प्रवर्तन को पुलिस विभाग से समन्वय बनाकर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही प्रत्येक शुक्रवार को तय प्रारूप में कार्यवाही का ब्योरा देने को कहा है।
आरटीओ प्रवर्तन विदिशा सिंह ने बताया कि शहर में चल रहे अवैध ई-रिक्शा और ऐसे वाहन विक्रेता जो बिना फैक्ट्री में निर्मित यानी असेम्बल्ड ई-रिक्शा बेच रहे हैं, उनके खिलाफ एक अप्रैल से संभागीय परिवहन कार्यालय और यातायात पुलिस के द्वारा एक माह तक संयुक्त जांच अभियान चलाया जाएगा। दोनों विभाग मिलकर अभियान चलाने की कार्ययोजना बना रहे हैं।
जांच के दौरान ई-रिक्शा चालक के पास सभी कागज व फिटनेस प्रमाणपत्र और चालक का वैध लाइसेंस देखा जाएगा। दस्तावेज अधूरे मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नाबालिग ई-रिक्शा चलाते मिले तो उन्हें सीज करने की कार्यवाही की जाएगी। इसलिए ई-रिक्शा चालकों को सलाह है कि वो वाहन में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, फिटनेस, पंजीयन प्रमाणपत्र, वैध लाइसेंस जरूर रखें।
ई-रिक्शा सीज करने के बाद खड़े कराने की जगह नहीं चिह्नित
विभागीय जानकार बताते हैं कि आरटीओ और यातायात पुलिस ई-रिक्शा को जब्त करने की कार्यवाही तो करे लेकिन सबसे बड़ी समस्या उन्हें खड़ा कराने की है। थानों में जगह नहीं है और शहर में कोई ऐसा स्थान चिह्नित नहीं है। जहां पर जब्त ई-रिक्शा ले जाकर खड़े कराए जा सकें। अब ऐसे में सवाल यह है कि अप्रैल में चलने वाले अभियान में सीज होने वाले ई-रिक्शा खड़े कहां कराएं जाएंगे। कहीं अभियान औपचारिकताओं में तो नहीं सिमट जाएगा। फिलहाल, आरटीओ अधिकारी इस बिंदु पर मंथन कर रहे हैं।
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