कानपुर में सड़क हादसों का कहर: मेडिकल छात्र सहित तीन की मौत, एक घायल
कानपुर में बीते 24 घंटों में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक मेडिकल छात्र समेत तीन लोगों की मौत ...और पढ़ें

शेखर, अमन और श्यामू की फाइल फोटो। स्वजन
HighLights
कल्याणपुर में मेडिकल छात्र अमन की ट्रैक्टर से मौत
पनकी में अज्ञात वाहन ने दो युवकों को कुचला
ट्रैक्टर पर मिली दूसरे वाहन की फर्जी नंबर प्लेट
संवाद सहयोगी, कल्याणपुर (कानपुर)। शहर में बीते 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में मेडिकल छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। कल्याणपुर में सवारी के इंतजार में खड़े मेडिकल छात्र को ट्रैक्टर-ट्राली ने कुचल दिया। वहीं, पनकी में भौंती बाइपास पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
मूलरूप से कानपुर देहात के रसूलाबाद थानाक्षेत्र के रामपुर निवासी 20 वर्षीय अमन कल्याणपुर के केशवपुरम में अपने भाई पवन के साथ रहते थे। वह कार्डियोलाजी से एनेस्थीसिया की पढ़ाई कर रहे थे। परिवार में अस्पताल संचालक भाई पवन, पिता देवपाल सिंह और मां किरण हैं। पवन ने बताया कि अमन सुबह कार्डियोलाजी जाने के लिए निकले थे। दलहन क्रासिंग पार कर वह आटो का इंतजार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने उन्हें कुचल दिया।
उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने दौड़ाकर ट्रैक्टर को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में ट्राली पर किसी दूसरे वाहन की नंबर प्लेट लगी मिली। पुलिस ट्रैक्टर की वास्तविक पंजीकरण संख्या, मालिक और उसके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। पनकी कला निवासी रमेश अवस्थी हलवाई का काम करते हैं। परिवार में पत्नी मीरा, दो बेटियां और दो बेटे बड़ा अरविंद और 22 वर्षीय श्यामू हैं।
रमेश के साथ उनके दोनों बेटे भी हलवाई का काम करते हैं। अरविंद ने बताया कि मंगलवार को पनकी मंदिर के पास भंडारा था। प्रसाद बनाने के बाद रात करीब 10 बजे श्यामू अपने दोस्तों, गंगागंज निवासी 24 वर्षीय शेखर और 23 वर्षीय पवन के साथ एक ही बाइक से दशहरा मेला देखने निकला था। शेखर के पिता शिव कुमार और भाई शनि ने बताया कि देर रात तीनों मेला देखकर लौट रहे थे।
भौंती बाइपास ओवरब्रिज से गुजरते समय पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। तीनों उछलकर दूर जा गिरे और बाइक काफी दूर तक घिसटती गई। तीनों के सिर समेत पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आईं। चालक वाहन समेत फरार हो गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस से तीनों को पास के अस्पताल पहुंचाया। वहां डाक्टरों ने श्यामू और शेखर को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल पवन को एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर फरार वाहन चालक की तलाश की जा रही है। दोनों हादसों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आठ माह पहले हुई थी शेखर की शादी
शेखर की मौत की खबर सुनकर मां सुमनदेवी और पत्नी नीतू बेसुध हो गईं। स्वजन ने बताया कि 25 फरवरी को उसकी शादी रामादेवी निवासी नीतू से हुई थी। नीतू गर्भवती है और उसने शेखर को दोस्तों के साथ मेला जाने से मना किया था। दोस्तों के कहने पर वह यह कहकर निकला था कि ज्यादा देर नहीं रुकेगा। भाई शनि ने कहा, “क्या पता था कि वह वापस नहीं लौटेगा।
