Ganga Bridge Close: दोपहर दो बजे डायवर्जन लागू होते ही जाम, सरैया क्रासिंग पर भी फंसे वाहन, तीन महीने बदला रहेगा रूट
जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के लिए भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है, जिससे दोपहर में डायवर्जन ...और पढ़ें

उन्नाव के गदन खेड़ा में डिवाइडर लगा कर रास्ता बंद करते एनएएचआई और उन्नाव यातायात विभाग के सिपाही। जागरण
HighLights
जाजमऊ गंगा पुल पर भारी वाहनों का डायवर्जन शुरू हुआ
पुल की 28 बेयरिंग बदलने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया
यह डायवर्जन 13 दिसंबर की रात 12 बजे तक लागू रहेगा
जागरण संवाददाता, कानपुर। करीब 70 वर्ष पुराने जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के लिए भारी वाहनों का आवागमन रविवार को बंद कर दिया गया। डायवर्जन दोपहर 12 बजे से लागू होना था, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह दोपहर करीब दो बजे लागू हो सकी।
दोपहर एक बजे तक लखनऊ-कानपुर हाईवे पर भारी वाहन निकलते रहे। हालांकि गदनखेड़ा में जैसे ही बीच हाईवे में बैरीकेट्स लगाए गए, वैसे ही हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई। उन्नाव यातायात पुलिस ने एनएचएआइ के इंजीनियरों के साथ तीन स्थानों पर बैरीकेट्स लगाकर भारी वाहनों को रोकना शुरू किया। बड़े वाहनों का रूट डायवर्ट होने के कारण छोटे वाहन चालक भी जाम में फंसे रहे।
रविवार को एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज यादव अपनी टीम के साथ ही कानपुर-उन्नाव हाईवे पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन की मदद से उन्नाव के गदनखेड़ा, आजाद मार्ग चौराहा और त्रिभुवन खेड़ा पर बैरीकेट्स लगाकर ट्रक, लोडर और अन्य भारी वाहनों को पुराने गंगा पुल की ओर जाने से रोका गया। गदनखेड़ा से वाहनों को उन्नाव-लालगंज-रायबरेली रोड होते हुए बक्सर की ओर भेजा गया।
आजाद मार्ग चौराहे से भारी वाहनों को बदरका होते हुए लालगंज-रायबरेली हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया। आजाद नगर चौराहे पर वाहनों के डायवर्जन के कारण सरैया क्रासिंग की ओर से निकले, लेकिन रेलवे फाटक बंद होने से यहां भी जाम की स्थिति बनी।
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि नवाबगंज और उन्नाव-लालगंज हाईवे के अवकाबाद टोल प्लाजा पर वाहनों की निगरानी की जा रही है। हाईवे पर जाम न लगे इसके लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग के लिए एनएचएआइ कर्मियों को लगाया गया है।
जाजमऊ पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। पुराने गंगा पुल की मरम्मत के लिए डायवर्जन 13 दिसंबर की रात 12 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान लखनऊ और उन्नाव से कानपुर आने वाले भारी वाहनों को पुराने गंगा पुल से प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
पुल की बेयरिंग बदलने का काम शुरू किया गया
एनएचएआइ ने जाजमऊ गंगा पुल की 28 बेयरिंग बदलने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्नाव की तरफर गंगा पुल के छह पिलर के नीचे प्लेटफार्म मरम्मत कार्य के लिए बनाया गया है। पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए मरम्मत कार्य लंबे समय से प्रस्तावित था। डायवर्जन की अनुमति को लेकर मामला अटका हुआ था। शनिवार को उन्नाव के जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने एसपी जयप्रकाश सिंह को पत्र भेजकर डायवर्जन की अनुमति दी थी, जिसके बाद रविवार दोपहर दो बजे से डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया।
अभी हल्के वाहनों को राहत
कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहनों के लिए नया गंगा पुल खुला रहेगा। कार, बाइक और अन्य हल्के वाहनों का आवागमन भी फिलहाल जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पुल की ऊपरी सतह पर मरम्मत का काम शुरू होने के बाद यातायात पूरी तरह बंद किए जाने की संभावना है।
सरैया आरओबी से मिलेगी राहत, तभी बंद होगा पुल
सरैया रेलवे ओवरब्रिज पर 24 गर्डर रखने का काम पूरा हो चुका है। अब उसकी अप्रोच रोड बनाने का काम शुरू किया गया है। एनएचएआइ की योजना है कि सरैया आरओबी तैयार होने के बाद जाजमऊ गंगा पुल को पूरी तरह बंद कराकर मरम्मत का काम तेजी से कराया जाए। फिलहाल रेलवे फाटक से होकर वाहनों के निकलने के कारण डायवर्जन वाले मार्ग पर जाम लग रहा है। रेलवे फाटक करीब हर आधे घंटे में 10 से 15 मिनट तक बंद होने से दिनभर जाम की समस्या बनी रही।
रोडवेज बसों का भी बदलेगा रास्ता
जाजमऊ पुराने गंगा पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से रोडवेज बसों के संचालन को लेकर भी असमंजस बना रहा। कानपुर परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि उन्हें एनएचएआइ की ओर से पुल बंद होने की आधिकारिक सूचना अभी नहीं मिली है। कानपुर से लखनऊ के बीच तीन सौ बसों का संचालन होता है।
बढ़ेगा 10 रुपये किराया
बसों को सरैया क्रासिंग होकर गुरुदेव नगर से झकरकटी बस अड्डे तक निकालने की तैयारी की गई है, जिसमें 10 रुपये अतिरिक्त किराया भी बढ़ाया जाएगा। नए रूट के संचालन के लिए उन्नाव डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं। उन्नाव के एआरएम पंकज तिवारी आजाद नगर चौराहे पर व्यवस्था देख रहे थे। उन्होंने बताया कि बसों को गंगा बैराज की ओर से निकालने की व्यवस्था की जा रही है।
बसों की दूरी 60 किमी बढ़ेगी
उन्नाव प्रशासन बक्सर मोड़ से चौड़गरा होते हुए झकरकटी तक बसों के संचालन पर भी विचार कर रहा है। हालांकि इस मार्ग से बसों की दूरी करीब 60 किलोमीटर बढ़ जाएगी। इससे यात्रियों को अधिक समय और किराया देना पड़ेगा। कानपुर से लखनऊ की सामान्य दूरी करीब 87 किलोमीटर है। बक्सर होकर बसें चलने पर कुल दूरी करीब 147 किलोमीटर हो जाएगी। दूरी बढ़ने के कारण प्रति यात्री करीब 10 रुपये किराया बढ़ने की संभावना है।
इन मार्गों से निकलेंगे वाहन
- उन्नाव से कानपुर: एनएच-31 से बक्सर मोड़, एनएच-19 होते हुए कानपुर।
- उन्नाव से औरैया-इटावा: गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे।
- बांदा-महोबा: एनएच-31 से लालगंज-फतेहपुर होकर।
- हमीरपुर-झांसी-मुंबई: एनएच-31, बक्सर मोड़, एनएच-19, चौड़गरा, एसएच-46 और घाटमपुर होते हुए एनएच-34।
