Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    IRCTC Late Train List: कोहरे के कारण वंदे भारत समेत कई ट्रेनें 20 घंटे लेट, यात्री परेशान... टाइमटेबल बनाकर ही करें सफर

    Updated: Wed, 11 Dec 2024 08:24 PM (IST)

    कोहरे और धुंध की वजह से कानपुर से ट्रेनें देरी से चल रही हैं। बुधवार को दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग लखनऊ वाया झांसी मुंबई व भोपाल कानपुर सेंट्रल वाया भीमसेन बांदा रूट की ट्रेनें सेंट्रल स्टेशन पर देरी से पहुंचीं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले दो से तीन दिनों में लगातार ट्रेनें लेट आ रही हैं।

    Hero Image
    ठंड में कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। (तस्वीर जागरण)

    जागरण संवाददाता, कानपुर। (Train Late List) कोहरे और धुंध की शुरुआत होते ही ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार होने लगी हैं। बुधवार को इसका असर साफ दिखाई पड़ा। दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग, लखनऊ वाया झांसी मुंबई व भोपाल, कानपुर सेंट्रल वाया भीमसेन बांदा रूट की ट्रेनें सेंट्रल स्टेशन पर देरी से पहुंचीं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक लगभग 100 ट्रेनें 15 मिनट से घंटों तक प्रभावित हुईं। इससे यात्रियों के साथ उनके स्वजन भी चकरघिन्नी बने रहे। हर साल कोहरा व धुंध की शुरुआत के साथ ही ट्रेनों के देरी से आने की समस्या शुरू हो जाती है। पिछले दो से तीन दिनों में लगातार ट्रेनें लेट आ रही हैं। इससे सेंट्रल स्टेशन (Central Station) के प्रतीक्षालय व प्लेटफॉर्मों पर यात्रियों की भीड़ अधिक दिख रही है।

    बुधवार को नौबस्ता के राजेश ने बताया कि उन्हें दिल्ली से आना था, लेकिन शताब्दी एक्सप्रेस के लेट होने से समस्या रही। इसी तरह बिहार जा रहे बर्रा विश्व बैंक के रामचंद्र ने बताया कि बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का काफी देर इंतजार करना पड़ा। उनके परिजन भी परेशान रहे। ऐसे ही तमाम यात्रियों को समस्या हुई। यात्रियों के साथ उनके स्वजन भी प्रतीक्षालय में घंटों तक ट्रेन का इंतजार करते रहे।

    इसे भी पढ़ें- Late Trains: देरी से चल रही बिहार-यूपी जाने वाली कई ट्रेनें, देखें प्रमुख गाड़ियों की List

    रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार, कोहरे व धुंध में ये समस्या अब दिन-प्रतिदिन और बढ़ेगी, इसलिए ट्रेनों में कवच सिस्टम के इंतजाम किए जा रहे हैं। इससे कम से कम ट्रेनों के एक ही ट्रैक पर आने, आगे-पीछे रहने पर टक्कर की संभावना नहीं रहेगी।

    बताया कि जब तक ट्रेनों में कोई सिग्नलिंग प्रणाली नहीं लगती है, तब तक ऐसे ही लेटलतीफी का क्रम चलता रहेगा। इसका कारण कोहरे में सिग्नल नहीं दिखने की समस्या होती है। सहायक वाणिज्य प्रबंधक संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अधिकांश ट्रेनें समय पर चल रही हैं। कुछ ट्रेनें ही देरी से आईं।

    वंदे भारत समेत ये ट्रेनें आईं देरी से

    विक्रमशिला एक्सप्रेस, दरभंगा क्लोन स्पेशल, बाबा वैद्यनाथ देवघर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, चित्रकूट एक्सप्रेस, गुवाहाटी एक्सप्रेस, कालिंदी एक्सप्रेस, वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express), लखनऊ एक्सप्रेस, झांसी पैसेंजर, गोमती एक्सप्रेस, इटावा-कानपुर सेंट्रल मेमू स्पेशल, ब्रह्मपुत्र मेल, भुवनेश्वर तेजस राजधानी, ऊंचाहार एक्सप्रेस व आनंद विहार टर्मिनल विशेष, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस आदि ट्रेनें 30 मिनट से 20 घंटा तक देरी से आईं।

    इसे भी पढ़ें- Indian Railways: अब कोहरे में भी नहीं लेट होंगी ट्रेनें, सरकार ने बना लिया ये प्लान

    उधर, देहरादून से वाराणसी को जाने वाली जनता एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार को निरस्त रही। इसके अलावा, कई ट्रेनें विलंबित रही। फाफामऊ में ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से लखनऊ से प्रयागराज को जाने वाली पीआरएल ट्रेन का प्रतापगढ़ तक ही संचालन हो सका। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा।

    कोहरे व ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से इन दिनों ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। बुधवार को भी यही हाल रहा। देहरादून से वाराणसी को जाने वाली जनता एक्सप्रेस ट्रेन निरस्त रही। फाफामऊ में ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से लोकमान्य तिलक टर्मिनस से अयोध्या धाम को जाने वाली तुलसी एक्सप्रेस का रूट डायवर्जन किया गया था।

    कई ट्रेनें बुधवार को निरस्त रहीं

    लखनऊ से प्रयाग को जाने वाली पीआरएल ट्रेन का संचालन मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन तक ही हुआ। कुंडा प्रतिनिधि के अनुसार प्रयागराज से कुंडा हरनाम गंज के रास्ते दिल्ली, कानपुर और लखनऊ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस, प्रयागराज लखनऊ इंटरसिटी और प्रयागराज कानपुर इंटरसिटी ट्रेनों के निरस्त हो जाने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई।

    लोग स्टेशन पहुंचे तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। वापस लौटना पड़ा। हालांकि ट्रेन क्यों निरस्त हुई इस बारे में जब स्टेशन अधीक्षक से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं सकीं।