IIT Kanpur में जल्द खुलेगा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, दो साल बाद शुरू होंगी एमबीबीएस की पढ़ाई
आईआईटी कानपुर में निर्माणाधीन गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अगले वर्ष अप्रैल में शुरू ...और पढ़ें
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HighLights
अस्पताल अगले वर्ष अप्रैल में होगा शुरू।
एमबीबीएस कक्षाएं दो साल बाद होंगी प्रारंभ।
450 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल।
जागरण संवाददाता, कानपुर। आईआईटी में निर्माणाधीन गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर लगभग तैयार है और अगले वर्ष अप्रैल माह में इसका विधिवत उद्घाटन कर दिया जाएगा। संस्थान के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में निदेशक प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने संस्थान की प्रमुख चिकित्सा और तकनीकी योजनाओं की जानकारी साझा की।
निदेशक ने स्पष्ट किया कि अस्पताल शुरू होने के दो साल बाद ही नियमों के तहत एमबीबीएस या एमडी जैसे क्लीनिकल पाठ्यक्रमों की अनुमति मिलती है। ऐसे में संस्थान में एमबीबीएस पाठ्यक्रम दो साल बाद शुरू किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2027 से संस्थान में गैर-क्लीनिकल (नॉन-क्लीनिकल) और शोध आधारित कार्यक्रम शुरू कर दिए जाएंगे, जिनमें एमटेक और पीएचडी स्तर के शोध कार्य शामिल होंगे। इसके तहत तकनीकी और चिकित्सा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान और उन्नत चिकित्सा उपकरण विकसित करने पर काम होगा।
यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल 450 बेड की क्षमता वाला होगा और इसका लाभ आम जनता को भी मिलेगा। इसमें कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी छह प्रमुख विशेषज्ञताओं से जुड़े उच्च स्तरीय इलाज की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बारिश और निर्माण कार्यों से जुड़े गतिरोधों के चलते अस्पताल के निर्माण में कुछ विलंब हुआ, लेकिन अब कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
इसके अलावा संस्थान के विस्तार के लिए 'ग्रेटर दैन अस' अभियान की रूपरेखा भी साझा की गई, जिसके तहत विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, उत्कृष्ट फैकल्टी को जोड़ना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम व मेडिकल टेक्नोलॉजी जैसे फ्रंटियर क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देना मुख्य प्राथमिकता रहेगी। साथ ही नोएडा और लखनऊ में डीप टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 'यू-हब' की स्थापना व साइबर सुरक्षा के लिए लखनऊ स्टेट डेटा सेंटर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी प्रगति जारी है।