क्यूएस एशिया रैंकिंग 2027: IIT Kanpur शीर्ष 100 में, सीएसजेएमयू और एचबीटीयू ने भी बनाई जगह
लंदन स्थित क्वाक्वेरली साइमंड्स (क्यूएस) ने एशिया यूनिवर्सिटी 2027 रैंकिंग जारी की, जिसमें कानपुर के IIT, CSJMU और HBTU ने ...और पढ़ें
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HighLights
IIT कानपुर को एशिया में 97वां, दक्षिणी एशिया में 7वां स्थान मिला
CSJMU की अकादमिक प्रतिष्ठा तीन साल में चार गुना बढ़ी
QS एशिया रैंकिंग में भारत के 325 संस्थान शामिल हुए
जागरण संवाददाता, कानपुर। लंदन स्थित क्वाक्वेरली साइमंड्स (क्यूएस) की ओर से मंगलवार शाम को क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी 2027 रैंकिंग जारी कर दी गई। शहर में संचालित आईआईटी, सीएसजेएमयू और एचबीटीयू ने नवाचार, अनुसंधान व गुणवत्तायुक्त शिक्षा के दम पर रैंकिंग में नाम दर्ज कराया।
सीएसजेएमयू को 1001-1100 बैंड और एचबीटीयू को 1301- 1400 बैंड मिला तो वहीं, आईआईटी को 97वां स्थान मिला है। वहीं, साउदर्न एशिया रैंक में आईआईटी सातवां स्थान पाने में सफल रहा। जबकि सीएसजेएमयू 324वें और एचबीटीयू 425वें स्थान पर है। वहीं, सीएसजेएमयू ने भारत में 172वां और उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में चौथा स्थान पाया।
दिल्ली स्थित आईआईटी ने एशिया रैंकिंग में भारत से सर्वोच्च स्थान पाने के साथ ही साउदर्न एशिया में भी शीर्ष स्थान हासिल किया है। देश में कानपुर स्थित आईआईटी से पहले आइआइएससी बेंगलुरु (एशिया में 79), आईआईटी बांबे (एशिया में 83), आईआईटी मद्रास (एशिया में 85) और आईआईटी खड़गपुर (एशिया में 90) को स्थान मिला है।
आईआईटी को ओवरआल स्कोर 73.1 मिला है। जबकि पहले स्थान पर आईआईटी दिल्ली का 77.9 ओवरआल स्कोर है। सीएसजेएमयू के अनुसार, क्यूएस एशिया रैंकिंग के मानक के अनुसार अकादमिक प्रतिष्ठा (एकेडमिक रेपुटेशन) में विश्वविद्यालय का वर्ष 2025 में स्कोर पांच था, जो 2026 में बढ़कर 13.4 और वर्ष 2027 में 20.6 तक पहुंच गया।
वहीं, रोजगारदाता प्रतिष्ठा के क्षेत्र में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2025 में यह स्कोर 10.4 था, जो 2026 में 13.1 और 2027 में बढ़कर 14.1 हो गया। पीएचडी धारक शिक्षकों के मानक पर विवि को 58.4 अंक मिले हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क में 25.8 और प्रति शोधपत्र उद्धरण (साइटेशन पर पेपर) के मानक पर 24.9 अंक प्राप्त हुए हैं।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए लक्ष्य निर्धारित करने की वजह से तीन वर्षों में अकादमिक प्रतिष्ठा स्कोर का पांच से बढ़कर 20.6 तक पहुंचना उत्साह का विषय है। क्यूएस एशिया रैंकिंग में यह उपलब्धि भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की दिशा में प्रेरित करेगी। साथ ही यह विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करेगी। हमारा लक्ष्य सीएसजेएमयू को शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रभावशाली शोध, नवाचार और वैश्विक सहभागिता के क्षेत्र में अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित करना है।
बता दें, विश्वविद्यालय और संस्थानों की रैंकिंग का आकलन एकेडमिक, प्लेसमेंट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट कार्यों, शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क और वैश्विक सहभागिता सहित अन्य मानकों के आधार पर किया गया। इस रैंकिंग में 26 देशों के कुल 1,722 उच्च शिक्षण संस्थान शामिल किए गए। इसमें भारत के 325 विश्वविद्यालय और संस्थान शामिल रहे।
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