विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुंबई में वायु प्रदूषण की निगरानी करेगा कानपुर आईआईटी का 'मानस', हर मिनट बताएगा हवा कितनी बेहतर

Published: Fri, 05 Dec 2025 02:37 PM (IST)

IIT Kanpur MANAS Network: कानपुर आईआईटी द्वारा विकसित 'मानस' उपकरण मुंबई में वायु प्रदूषण की निगरानी करेगा। यह हर मिनट ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. आइआइटी कानपुर का मानस बताएगा मुंबई की हवा कितनी बेहतर

  2. 105 से अधिक सेंसर करेंगे पल -पल की वायु गुणवत्ता निगरानी

जागरण संवाददाता, कानपुर। आईआईटी कानपुर ने एक और उपलब्धि हासिल की है। वायु प्रदूषण के रोकने में मदद के लिए मानस नेटवर्क तैयार किया है। वह पल-पल बताएगा कि आपके शहर की वायु कितनी बेहतर है और कितनी प्रदूषित। अभी इससे मुंबई की हवा की निगरानी की जाएगी। 

 

आइआइटी कानपुर का मानस (मुंबई एयर नेटवर्क फार एडवांस्ड साइंसेज) नेटवर्क अब मुंबई में बढ़ रहे वायु प्रदूषण के पल - पल की निगरानी करेगा और बताएगा कि हवा कितनी साफ है। कहां पर प्रदूषण बढ़ रहा है। इस नेटवर्क के तहत मुंबई में एआइ आधारित 105 से अधिक अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं ।

 

प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी की टीम ने तैयार किया प्रोजेक्ट 'मानस'


आइआइटी कानपुर के वरिष्ठ विज्ञानी व डीन , कोटक स्कूल आफ सस्टेनबिलिटी प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी की टीम ने प्रोजेक्ट मानस तैयार किया है।उन्होंने बताया कि अब तक मुंबई में हवा मापने के लिए सिर्फ कुछ बड़े सेंसर लगे थे, जिससे पूरे शहर की वास्तविक वायु गुणवत्ता का पता नहीं चल रहा था । मानस नेटवर्क में छोटे-छोटे कम कीमत वाले एयर मानीटरिंग सेंसर लगाए जा रहे हैं, जो शहर के लगभग हर इलाके से रियल-टाइम डेटा देंगे। शुरुआत में 30 सेंसर लगाए गए थे जिसमें अब 75 से ज्यादा नए सेंसर जोड़े जा रहे हैं। सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले यह सेंसर पूरे समय काम करते रहेंगे। इनकी डिजाइन भी माड्यूलर है जिससे इन्हें कही भी आसानी से लगाया जा सकता है।

 

25-25 किमी की दूरी पर लगे सेंसर

उन्होंने बताया कि अभी मुंबई में 25-25 किलोमीटर के अंतर पर एक सेंसर लगे थे। मानस नेटवर्क से हर जगह की ताज़ा जानकारी मिलेगी। इससे किसी भी क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ने की तत्काल जानकारी मिलेगी और कारणों की पहचान कर रोक-थाम के उपाय किए जा सकेंगे। इस निगरानी के आधार पर प्रदूषण की समस्या को बढ़ने से पहले ही नियंत्रित करना संभव होगा। मुंबई नगर निगम के अधिकारियो ने भी इसकी सराहना की है। इस माडल के सफल होने पर देश के दूसरे हिस्सों में भी इसे लागू किया जा सकेगा।