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हाई-वोल्टेज से घर के उपकरणों को बचाएगा IIT Kanpur का स्मार्ट पावर प्लग, मोबाइल पर मिलेगा अलर्ट

Published: Sat, 07 Nov 2026 10:22 PM (IST)

आइआइटी कानपुर के शोधकर्ताओं ने एक स्मार्ट पावर प्लग विकसित किया है जो हाई-वोल्टेज से उपकरणों को बचाता है। यह ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हाई-वोल्टेज से महंगे बिजली उपकरणों को स्वचालित सुरक्षा प्रदान करता है।

  2. बिजली की खपत और लोड को स्मार्ट तरीके से नियंत्रित करता है।

  3. मोबाइल ऐप से घर के उपकरणों को दूर से नियंत्रित करें।

अखिलेश तिवारी, कानपुर। घरों में अचानक हाई-वोल्टेज आने से एसी, फ्रिज, गीजर और वाशिंग मशीन जैसे महंगे बिजली उपकरणों के खराब होने का खतरा रहता है। वहीं, एक साथ कई उपकरण चलने से बिजली का लोड बढ़ने और बिल में इजाफा होने की समस्या भी आम है। इन दोनों समस्याओं का समाधान अब एक स्मार्ट डिवाइस से संभव हो सकेगा। आइआइटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में शोधकर्ताओं ने इंटरनेट आफ थिंग्स आधारित स्मार्ट पावर प्लग विकसित किया है। यह न सिर्फ हाई-वोल्टेज की स्थिति में बिजली आपूर्ति स्वत: बंद कर उपकरणों को सुरक्षा देगा, बल्कि बिजली की खपत और लोड को भी स्मार्ट तरीके से नियंत्रित करेगा।

आइआइटी प्रोफेसर अंकुश शर्मा और शोधार्थी ऋतिक राजपूत के इस नवाचार को भारतीय पेटेंट भी मिल चुका है। ''''ए डिवाइस फार आर्केस्ट्रेटिंग एन इलेक्ट्रिकल अप्लायंस एंड ए मेथड देयर आफ'''' नाम वाली इस डिवाइस को पेटेंट मिल चुका है और यह टेक्नोलाजी का प्रयोग कर सीधे उत्पादन शुरू किया जा सकता है। मल्टीपरपज प्लग की तरह दिखने वाले इस स्मार्ट प्लग की खासियत यह है कि यह सामान्य एमसीबी से आगे बढ़कर हाई-वोल्टेज की स्थिति को भी पहचान सकता है।

सामान्य एमसीबी मुख्य रूप से ओवरलोड और शार्ट सर्किट जैसी स्थितियों में सुरक्षा देती है, जबकि यह डिवाइस वोल्टेज में असामान्य वृद्धि होने पर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर देगा। इससे इससे जुड़े महंगे उपकरणों को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। बिजली सप्लाई बंद होने का कारण भी मोबाइल फोन अलर्ट के रूप में उपभोक्ता तक पहुंच जाएगा।

लोड बढ़ा तो उपकरण खुद हो जाएंगे नियंत्रित

ऋतिक के अनुसार इसमें स्मार्ट लोड मैनेजमेंट की सुविधा भी दी गई है। उपयोगकर्ता मोबाइल एप के जरिये अपने घर या संस्थान के लिए बिजली खपत की अधिकतम सीमा, जैसे तीन या पांच किलोवाट, तय कर सकते हैं। यदि एसी, वाशिंग मशीन और अन्य उपकरण एक साथ चलने से निर्धारित सीमा पार होने की स्थिति बनती है तो सिस्टम प्राथमिकता के अनुसार किसी उपकरण को स्वत: बंद कर सकता है। लोड कम होने पर उसे दोबारा चालू भी किया जा सकेगा। यह स्मार्ट प्लग वाइ-फाइ तकनीक पर कम्यूनिकेशन करता है। बड़े घरों या बहुमंजिला इमारतों में एक स्मार्ट प्लग दूसरे प्लग तक डाटा पहुंच जाएगा। इससे दूर स्थित कमरों में लगे उपकरणों की जानकारी भी एक ही एप या वेब पेज पर मिल सकेगी।

उपयोगकर्ता दूसरे शहर में रहते हुए भी इंटरनेट के जरिये घर के उपकरणों को चालू या बंद कर सकते हैं। 230 वोल्ट एसी सिंगल फेज पर काम करने वाला यह डिवाइस 3.3 किलोवाट तक का लोड संभाल सकता है। इसमें मापन की त्रुटि 0.5 प्रतिशत से कम और स्वयं की बिजली खपत एक वाट से भी कम है। बाइनरी आन-आफ कंट्रोल यानी चालू या बंद नियंत्रण के साथ ही कमरों के तापमान नियंत्रण, वायस कंट्रोल इंटीग्रेशन और बाईपास मोड जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।


इस प्लग का इस्तेमाल केवल घरों तक सीमित नहीं रहेगा। औद्योगिक इकाइयों में एक स्थान से कई मशीनों की निगरानी और नियंत्रण करने के साथ ही कार्यालयों, वेयरहाउस और व्यावसायिक भवनों में ऊर्जा प्रबंधन तथा पीक डिमांड नियंत्रित करने में भी मददगार बनेगा। भविष्य में इसके चिप और कंट्रोल सिस्टम को सीधे स्विचबोर्ड या दीवार के साकेट में लगाने की योजना है, जिससे अलग से स्मार्ट प्लग लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- प्रो. अंकुश शर्मा - आइआइटी

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