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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IIT Kanpur Convocation: आइआइटी में पदक व डिग्री मिलते ही झूम उठे विद्यार्थी, शाश्वत बने सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी

By Abhishek VermaEdited By:
Published: Wed, 29 Jun 2022 05:24 PM (IST)

आइआइटी कानपुर के दीक्षा समारोह में 1360 छात्रों को डिग्री और 51 श्रेणियों में पदक दिए गए। 21 छात्रों को ...और पढ़ें

आइआइटी का 55वां दीक्षा समारोह बुधवार को धूमधाम से आयोजित हुआ।
आइआइटी का 55वां दीक्षा समारोह बुधवार को धूमधाम से आयोजित हुआ।

कानपुर, जागरण संवाददाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) का 55वां दीक्षा समारोह बुधवार को धूमधाम से आयोजित हुआ। 1360 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। 51 श्रेणियों में विभिन्न पुरस्कार और 21 विद्यार्थियों को उत्कृष्ट पीएचडी थीसिस अवार्ड प्रदान किया गया। इस वर्ष संस्थान के स्नातक कोर्सों में सर्वश्रेष्ठ छात्र कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के बीटेक छात्र शाश्वत गुप्ता को चुना गया। समारोह के मुख्य अतिथि नारायण ह्रदयालय के संस्थापक अध्यक्ष डा. देवी प्रसाद शेट्टी थे, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्होंने आनलाइन शुभकामना संदेश दिया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे आइआइटी बोर्ड आफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डा. राधाकृष्णन के कोप्पिल ने विद्यार्थियों को सम्मानित किया और ब्लाकचेन तकनीक आधारित डिजिटल डिग्रियां जारी कीं।

आइआइटी के पिछले वर्ष दीक्षा समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे। इस वर्ष नारायण ह्रदयालय व हेल्थ के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री व पद्मभूषण जैसे पुरस्कारों से सम्मानित मशहूर ह्रदय शल्य चिकित्सक डा. देवी प्रसाद शेट्टी बतौर मुख्य अतिथि आनलाइन मौजूद रहे। उन्होंने कर्नाटक में यशस्विनी नाम से सस्ती सूक्ष्म स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू कराई थी, जिससे 34 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए। निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने संस्थान की उपलब्धियां बताईं और डिग्री व मेडल पाने वाले सभी विद्यार्थियों से समाज के लिए उपयोगी बनने और देश के लिए कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह खुद को नौकरी खोजने वाले की बजाय नौकरी देने वाला बनाएं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व छात्र दुनिया भर में नाम रोशन कर रहे हैं, साथ ही संस्थान के हितों के लिए सहयोग कर रहे हैं। पूर्व छात्रों की मदद से गंगवाल स्कूल आफ मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलाजी की स्थापना की जा रही है, जिससे आने वाले वक्त में सस्ते चिकित्सा उपकरणों को विकसित करके स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। 

डा. राधाकृष्णन ने कहा कि यह अवसर है, जब हमें संस्थापकों के दृष्टिकोण को दोहराने का मौका मिलता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि संस्थान के संस्थापक निदेशक प्रो. पीके केलकर के आदर्शों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। आप सीखने का जश्न मनाने के साथ जीवन में आगे बढ़ें। सामाजिक मूल्यों को बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि संस्थान का स्थान पिछले कुछ वर्षों में पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ा है। इसके लिए उन्होंने निदेशक को बधाई दी। 

हर क्षेत्र में तकनीक की जरूरत, विश्व को आपकी जरूरत : डा. शेट्टी

हर क्षेत्र में तकनीक की जरूरत है, इसके बिना दुनिया में रहना अब नामुमकिन है। इसलिए विद्यार्थी आगे आएं और विश्व को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश करें...। मुख्य अतिथि के रूप में आनलाइन उपस्थित होकर डा. देवी प्रसाद शेट्टी ने संस्थान के विद्यार्थियों से यह बात कही। उन्होंने शुभकामना देते हुए कहा कि आप दुनिया में बदलाव करने वाले हैं और आपकी सोच ही आगे चलकर समाज को नई दिशा देगी। उन्होंने आइआइटी में जीवन रक्षक चिकित्सा नवाचारों की भी सराहना की और कहा कि डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्र यहां के आदर्शों को प्रतिबिंबित करें।

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