Home Remedies: ये घरेलू नुस्खे आएंगे काम, इन बीमारियों पर खास असरदार
Home Remedies दादी-नानी के नुस्खे पहले काफी कारगर होते थे। धीरे-धीरे ये घरेलू चिकित्सकीय परंपरा खत्म सी होती जा रही है। इस खबर के जरिए घर बैठे घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक नुस्खों के लाभ से छोटी-मोटी बीमारियां सही कर सकते हैं। विशेषज्ञों की राय पर आधारित इस लेख में बताए गए उपाय से बीमारियों को घर में ही ठीक कर सकते हैं।

जागरण संवाददाता, कानपुर। Home Remedies: हर कोई अपनी सेहत और बीमारियों को लेकर चिंतित रहता है। आए दिन घर में बच्चों से लेकर बड़ों को छोटी-मोटी बीमारी लगी रहती है। ऐसे में देसी या घरेलू नुस्खे काफी फायदेमंद साबित होते हैं। विभिन्न विशेषज्ञों की राय लेकर तैयार यह आलेख आपको घर बैठे घरेलू उपचार का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से आप बहुत सारे प्राकृतिक घरेलू उपचार से सेहत को सरलता से बेहतर बना सकते हैं।
सरसों का तेल और मेथी से दूर होगा दर्द
संतुलित होती दिनचर्या और गलत पाश्चर के कारण जोड़ों और कमर का दर्द हर उम्र के लिए समस्या बन गया है। इससे निजात के लिए सरसों के तेल में मेथी को डालकर गर्म करके लगाने से जकड़न और दर्द से राहत मिलती है। मेथी और सरसों का तेल जोड़ों के दर्द में दर्द निवारक और सूजन को कम करने में उपयोगी साबित होता है।
- डा. पुनीत कुमार मिश्र, पंडित जवाहरलाल नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कालेज कानपुर।
खून की अशुद्धियां दूर करता ये चूर्ण
चिरायता, कुटकी और नीम की गुठली तीनों को समान मात्रा में पंसारी के यहां से ले आएं। इन्हें ग्राइंडर में डालकर खूब महीन कर लें और कांच की सीसी में भर लें। सुबह और शाम पांच-पांच ग्राम इसका पानी के साथ सेवन करें। करीब 40 दिन तक इसका सेवन करने से खून की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं। ज्वर भी जड़ से समाप्त हो जाता है।
-योग ऋषि ओम प्रकाश 'आनंद' आयुर्वेदाचार्य
जोड़ों के दर्द में आराम दिला सकता ये चूर्ण
अलसी, अजवाइन, मेथी, सौंफ का चूर्ण बनाकर खाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। 100 ग्राम भुनी अलसी, 200 ग्राम अजवाइन, 25 ग्राम मेथी, 50 ग्राम मोटी सौंफ का पाउडर बनाकर प्रात: काल खाली पेट एक चम्मच सुबह गुनगुने पानी से खाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
वैद्य डा. निरंकार गोयल
नींद न आने पर सोने पहले शहद और केला खाएं
रात को सोने से पहले केला और शहद को मिलकर खाएं। इसके खाने के बाद कुछ नहीं खाना होगा। लगातार 30 दिन तक इसके प्रयोग से अनिद्रा में आराम मिल जाता है। इसके अलावा भुना जीरा पीसकर केले के अंदर भरकर खाने से नींद आने लगती है।
वैद्य लक्ष्मी अवस्थी
छोटी हरड़ से साफ होगा पेट और मरोड़ में आराम
छोटी हरड़ को अंडी के तेल में भून लें, इसके बाद हरड़ को सुखाकर पीस लें । जितनी हरड़ हो उसका आधा काला नमक मिला लें और इस चूर्ण को रात को एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से पेट साफ होगा और मरोड़ नहीं होगी ।
राजेश शुक्ला, वैद्य
नीम, गिलोय और तुलसी से फेफड़ों के संक्रमण में राहत
मौसम परिवर्तन के साथ ही फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और सांस लेने में दिक्कत होती है। इससे बचाव के लिए नीम, गिलोय, तुलसी, सोंठ, मुलेठी, दाल चीनी, काली मिर्च, हरिद्रा, नागरमोथा, अश्वगंधा को बराबर मात्रा में कूटकर पीस लें। तीन ग्राम पाउडर को 60 एमएल पानी में खौलाकर चाय की तरह सेवन करें।
डा. आर राव, वैद्य
सोंठ, अदरक और शहद से सांस रोग में राहत
दो कप पानी में आधा चम्मच पिसी सोंठ डालकर तब तक पकाएं जब तक पानी आधा न हो जाए। इसे छानकर ठंडा कर लें। सुबह शाम इसे पीने से श्वांस रोग में लाभ मिलता है। इसके अलावा अदरक का रस और शहद मिलाकर लेने से भी आराम मिलता है।
वैद्य पूनम रानी
इलायची का काढ़ा हिचकी रोकने में कारगर
हिचकी ज्यादा आने पर पांच बड़ी इलायची को 250 एमएल पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे एक कप में छानकर पिएं। इससे हिचकी में राहत मिलेगी। इसके अलावा एक ग्राम सोंठ में आधा ग्राम मिश्री मिलाकर सुंघाने से भी हिचकी में लाभ मिलता है ।
डा. निरंकार गोयल, आयुर्वेदाचार्य
चेहरे के दाग-धब्बों को ऐसे करें साफ
चार बादाम को दूध में घिसकर लेप बना लें। फिर रात में इस लेप को लगाकर सो जाएं। सुबह ठंडे पानी से चेहरे को धुलें। ऐसा एक महीने तक करने के बाद चेहरे की रंगत बढ़ जाएगी और निखार आएगा ।
डा. गोविंद सिंह रघुवंशी, बीएएमएस
जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिलाएगा चूना
असंतुलित खानपान और जीवनशैली के कारण ज्यादातर लोग जोड़ों के दर्द से जूझ रहे हैं। इससे राहत के लिए दिन में एक बार गेहूं के दाने के बराबर चूना खाएं। साथ ही अजवाइन, मेथी दाना, जीरा, काला नमक, हल्दी की सीमित मात्रा गुनगुने पानी में डालकर पीने से जोड़ों के दर्द से मुक्ति मिलती है।
- डा. सर्वेश भारती, प्रभारी चिकित्साधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मुंशीपुरवा
पिप्पली के चूर्ण से दांतों के दर्द में मिलेगा छुटकारा
पिप्पली यानी लांग पाइपर किचन में प्रयोग होने वाला औषधियुक्त मसाला है। जो खांसी, बुखार, हिचकी आना, सांस की बीमारी, अनिद्रा, मोटापा, कोलेस्ट्राल की बीमारी की रोकथाम में लाभकारी होता है। पिप्पली के चूर्ण को हल्दी और सरसों के तेल के साथ मिलाकर दांतों में लगाने से दर्द से छुटकारा मिलता है।
- डा. रेनू यादव, प्रभारी चिकित्साधिकारी, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बैरी बिठूर, कल्याणपुर।
नीम की पत्तियां फैटी लीवर में देगीं राहत
सुबह खाली पेट पांच नीम की पत्तियां और पांच दाने काली मिर्च एक साथ मिलाकर खा लें। इसको खाने के आधे घंटे बाद तक कुछ न खाएं। तीस दिन तक लगातार खाने से फैटी लीवर की समस्या दूर हो जाती है।
रिंपी मल्होत्रा, आयुर्वेदाचार्य
धनिया का पानी पीने से नहीं बढ़ेंगा थाइरायड
एक चम्मच धनिया के दाने को रात में पानी में भिंगो दें। सुबह इन दानों को मसलकर पानी को छान लें। इस पेय को पीन से थाइराइड नहीं बढ़ता है। इसके अलावा लौकी के जूस में काली मिर्च, तुलसी और एलोवेरा मिलाकर पी लें, इससे थाइराइड में आराम मिलता है।
हेमंत सिंघल, आर्युर्वेदाचार्य
अलसी और अजवाइन से जोड़ो के दर्द में मिलेगी राहत
सौ ग्राम अलसी भुनी, 25 ग्राम अजवायन, 50 ग्राम मेथी और 50 ग्राम सौंफ का पाउडर बनाकर सुबह खाली पेट एक चम्मच गुनगुने पानी से लेने से जोड़ो के दर्द में आराम आ जाता है। त्रिफला काढ़ा ( आंवला, हरड़, बहेड़ा) 15 मिली लीटर एक गिलास गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इससे भी राहत मिलेगी।
डा. निरंकार गोयल, वरिष्ठ आयुर्वेद वाचस्पति
प्रदर रोग में राहत
सुबह खाली पेट एक केला खाने के बाद ऊपर से दूध पी लें प्रदर रोग में आराम मिलता है। इसके अलावा आंवले को सुखाकर अच्छी तरह से पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें, इस चूर्ण को 3 ग्राम मात्रा को लगभग 1 महीने तक रोज सुबह-शाम को पीने से स्त्रियों को होने वाला श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) खत्म हो जाता है।
वैद्य लक्ष्मी अवस्थी
जोड़ो के दर्द का घरेलू इलाज
अलसी भुनी 100 ग्राम , अजवायन 25 ग्राम, मेथी 50 ग्राम, मोटी सौंफ 50 ग्राम का पाउडर बनाकर सुबह खाली पेट एक चम्मच गुनगुने पानी से लेने से जोड़ो के दर्द में आराम आ जाता है। त्रिफला काढ़ा ( आंवला, हरड़, बहेड़ा ) 15 मिली लीटर एक गिलास गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। सौ मिली तिल का तेल गुनगना कर उसमें पांच ग्राम अजवायन, दो लहसुन गिरी कुचलकर और आधा चम्मच सेंधा नमक डालकर पका कर ठंडा होने पर छानकर रख लें। बाद में इसे गुनगुना करके लगाएं।
डा. निरंकार गोयल, वरिष्ठ आयुर्वेद वाचस्पति
अखरोट खाने से दिमाग होगा तेज
रोज रात में दो अखरोट पानी में भिगो दें। इसके बाद सुबह स्नान, व्यायाम, ध्यान के पश्चात इसके चबाकर खाने से याददाश्त शक्ति बढ़ती है। इसके अलावा दो अखरोट की गिरी और 20 किशमिश प्रतिदिन सुबह खाली पेट बच्चों को खिलाने से उनके बिस्तर पर पेशाब करने की शिकायत दूर हो जाती है।
ओमप्रकाश आनंद, आयुर्वेदाचार्य
गिलोय का काढ़ा यूरिक एसिड में दिलाएगा राहत
अदरक को खाली पेट चबाने से यूरिक एसिड में राहत मिलती है। इसके अलावा गिलोय के दो अंगुली के बाराबर टुकड़े को काटकर पानी में पका ले। अब इस काढ़े को सुबह खाली पेट पिए। इससे शरीर में यूरिक एसिड नहीं बनेगा। इसके अलावा खीरा खाने से भी यूरिक एसिड कम होता है।
-गोविंद सिंह रघुवंशी, आयुर्वेदाचार्य
मेंहदी की पत्ती लगाने से नहीं झड़ेंगे बाल
मेंहदी की पत्ती को पानी में डालकर पका लें। इसके बाद उसे अच्छे से छान लें। अब इसी मेहंदी के सूप को सुबह-शाम आधा-आधा कप पीने से पीलिया में राहत मिलती है। यही नहीं नारियल के तेल में मेहंदी के पत्तों को पकाकर लगाने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है।
वैद्य पूनम रानी
सरसों का तेल व कपूर बदन दर्द को दूर करेंगा
200 ग्राम सरसों के तेल में 10 ग्राम कपूर को मिलाकर एक सीसी में भरें और इसे धूप में रख दें। जब कपूर तेल के साथ मिल जाए, तब इस तेल के मालिश करें। इससे नसों का दर्द, पीठ और कमर का दर्द व मांसपेशियों के दर्द में शीघ्र ही आराम मिलता है।
-लक्ष्मी, आयुर्वेदाचार्य
पेट की गैस से राहत में हींग का लेप कारगर
नाभि के नीचे हींग का लेप लगाने से पेट की गैस से राहत मिलती है। इसके अलावा हींग को घी में भूनकर खाने से भी यह समस्या खत्म हो जाती है। नीबूं को काटकर उसके चार भाग कर लें। एक भाग में हींग, दूसरे में काला नमक, तीसरे भाग में पिसी अजवाइन और चौथे भाग में पिसी मेथी लगा दें। बारी-बारी से चारों को चूसें। इससे गैस में आराम मिलेगा।
-हेमंत सिंघल, वैद्य
आंवला बालों को झड़ने से रोकेगा
नारियल तेल में आंवला पाउडर मिलाकर गर्म करें। ठंडा होने पर इस मिश्रण को बालों पर लगाने से जड़ें मजबूत होती है। सप्ताह में दो बार इससे बालों की मालिश करें। इसके अलावा रात भर भीगे हुए मेथी दानों का पेस्ट बना लें। इसे आधा घंटा बालों में लगाएं। इससे भी बालों की जड़ो में मजबूती आती है।
डा. आर राव , आयुर्वेदाचार्य
खुजली से राहत में कपूर कारगर
नरियल तेल में कपूर मिलाकर त्वचा में लगाने से खुजली में राहत मिलती है। वर्षा के दिनों में दादा, खाज, खुजली से बचने के लिए नीम के पत्ते जल में डालकर स्नान करें। इसके अलावा नीम की छाल को घिस कर दानों पर एवं खुजली की जगह लगाने से लाभ मिलता है।
-आयुर्वेदाचार्य निरंकार गोयल
नीम की पत्तियां और घी से फोड़े में आराम
नीम की पत्तियों को पीसकर गाय के घी में पका लें। जब ये मरहम हल्का ठंडा हो जाए तो उसे फोड़े वाली जगह पर लगा दें। फिर इसे हल्के कपड़े की मदद से बांध दें। इससे चाहे जैसा फोड़ा हो सही हो जाता है।
नीलम चतुर्वेदी निराला नगर
इसबगोल की भूसी पेट के लिए फायदेमेंद
इस मौसम में दस्त और पेट न साफ होने की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में इसबगोल की भूसी को रात को पानी में भींगो दें और सुबह दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद दही के साथ मिलाकर लेने से दस्त में आराम मिलता हैं। वहीं इसी को दूध के साथ लेने से पेट साफ होता है।
डा.ओमप्रकाश आनन्द, आयुर्वेदाचार्य, गीतानगर
Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डाक्टर से सलाह लें। उपरोक्त सलाह विशेषज्ञों की ओर से दी गई है। पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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