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    दुर्गम इलाकों में सेना तक हथियार पहुंचाएगा हैवी ड्राप पैराशूट, देखें- सैन्य उपकरणों की खास तस्वीरें

    By Abhishek AgnihotriEdited By:
    Updated: Thu, 16 Dec 2021 05:36 PM (IST)

    ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड की इकाई आर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री में स्वदेशी सैन्य उत्पाद तैयार हो रहे हैं। लैडिंग के दौरान लड़ाकू विमान सुखोई की गति धीमी क ...और पढ़ें

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    सेना के लिए तैयार हो रहे खास उपकरण।

    कानपुर, जागरण संवाददाता। युद्ध के दौरान दुर्गम इलाकों में अब भारतीय सेना को टैंक, हथियार, युद्धक उपकरण कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। 300 किमी प्रति घंटे की तेजी से चलने वाले लड़ाकू विमान सुखोई की रफ्तार धीमी हो सकेगी। आपात स्थिति में लैंडिंग के दौरान पायलट पैराशूट के जरिए कूदने में सक्षम होगा।

    ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी की इकाई आर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री, कानपुर में इन खूबियों वाले पैराशूट का निर्माण किया जा रहा है। पैराशूट फैक्ट्री में स्वदेशी सैन्य रक्षा उत्पाद तैयार होने से वायु सेना अब विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। ओपीएफ में बनने वाले मैन ड्राप, ब्रेक, सप्लाई ड्राप, हैवी ड्राप, पायलट पैराशूट आदि और रबर के बने आइटम फ्लोट व विभिन्न प्रकार के बोट आदि रक्षा सामग्रियां संस्थान की उपलब्धियों में शामिल है। ओपीएफ अधिकारी ज्ञानेंद्र पांडेय ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत ग्लाइडर्स इंडिया कंपनी की ओर से शांति नगर कालोनी के खेल मैदान पर पैराशूट की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसे देखने के लिए युवा, स्कूली बच्चे, महिलाएं पहुंच रहे हैं।

    विदेशों तक बनी पहचान : द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पैराशूट की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए अक्टूबर 1941 में आयुध पैराशूट फैक्ट्री (ओपीएफ) की स्थापना हुई। वर्तमान समय में आयुध पैराशूट निर्माणी, रक्षा मंत्रालय की नवीनतम डीपीएसयू ग्लाइडर्स इण्डिया लिमिटेड की इकाई है। जिसके अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वीके तिवारी और महाप्रबंधक अपूर्व मजुमदार हैं। नवीन पैराशूट उत्पादों की पहचान विदेशों तक बनी है।

    लड़ाकू विमान क्रैश होने से बचाएगा ब्रेक पैराशूट : आर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री में स्वदेशी ब्रेक पैराशूट तैयार किया गया है। हाक एयरक्राफ्ट के लिए यह ब्रेक पैराशूट एयर क्राफ्ट के स्पीड को रोकने में सहयोग प्रदान करेगा। 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उडऩे वाले सुखोई विमान को आपात स्थिति में यह पैराशूट दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाएगा। इस पैराशूट का उत्पादन कार्य जारी है।

    आपात लैडिंग में पायलट की जान बचाएगा पैराशूट : एसयू-30 एयर क्राफ्ट के लिए पायलट पैराशूट इमरजेंसी लैंडिग के समय एयर क्राफ्ट से कूदने के लिए पायलट की ओर से प्रयोग किया जाता है। कानपुर में तैयार स्वदेशी पैराशूट पायलट की जीवन रक्षा करेगा। एसयू-30 एयर क्राफ्ट का ट्रायल आगरा में हो चुका है। इस पैराशूट का उत्पादन कार्य जारी है।

    सारंग धनुष, पिनाक राकेट देखने पहुंचे स्कूली बच्चे : अरमापुर स्टेट आरमारीना स्टेडियम में लगाई गई साप्ताहिक हथियारों की प्रदर्शनी में स्कूली बच्चों ने सारंग, धनुष, एलएफजी तोप, पिनाका राकेट एवं स्माल आम्र्स, स्टैंड गन, कार्बाइन, रिवाल्वर हथियारों को नजदीक से देखा। विशेषज्ञों से हथियारों की खूबियों के बारे में जाना। इस मौके पर उप निदेशक अरुण कस्तवार, कार्य प्रबंधक अनुज तिवारी, विनय अवस्थी, जेके पांडेय, छुन्ना कश्य उपस्थित रहे।