कानपुर, जेएनएन। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की एंटी रैगिंग हेल्प लाइन पर जीएसवीएम मेडिकल कालेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र (पैरा ओटू) ने एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र आशीष यादव के खिलाफ रविवार रात को अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाया। उसके बाद मेडिकल कालेज प्रशासन में खलबली मच गई।

जीएसवीएम मेडिकल कालेज में सीनियर से अभद्र शब्द सुनकर जूनियर छात्र मानसिक तनाव में आ गया और अपने छात्रावास (बीएच-5) में जाने के बाद देर रात तक परेशान रहा। उलझन बढऩे पर उसने देर रात 12.30 बजे एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर मोबाइल से शिकायत कर दी। यूजीसी हेल्प लाइन ने, उसकी शिकायत यूपी-6695 नंबर से रजिस्टर्ड करते हुए, तत्काल महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा, डीएम, एसएसपी एवं कालेज प्रशासन को मामले से अवगत कराया।

बीएच-5 के वार्डन एवं प्राक्टर तत्काल वहां पहुंचे। पता चला कि सीनियर छात्र बीएच-1 में रहता है। वहां भी गए। सोमवार दोपहर एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक प्राचार्य प्रो. संजय काला एवं प्राक्टर प्रो. यशवंत राव की अध्यक्षता में हुई। इसमें कमेटी के सदस्यों के समक्ष दोनों छात्रों को बुलाया गया। जूनियर एवं सीनियर छात्र ने अपने-अपने पक्ष कमेटी के समक्ष रखे। कमेटी ने सीनियर छात्र को जांच पूरी होने तक एमबीबीएस की क्लास एवं हास्टल से निलंबित कर दिया है। प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि कमेटी को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देनी है।

पहले भी हो चुकी रैगिंग : जीएसवीएम मेडिकल कालेज में रैगिंग कोई नई बात नहीं है, इससे पहले भी रैगिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं। बीते वर्षों में जूनियर छात्रों का सिर मुंडवाने की बात सामने आई थी, जिसपर भी जांच कमेटी गठित की गई थी।

Edited By: Abhishek Agnihotri