कानपुर, जेएनएन। दिल्ली हावड़ा रूट के पनकी पूर्वी छोर पर स्थित बैट्री केबिन में गुरुवार की दोपहर शार्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते बैट्री केबिन आग की लपटों में बदल गई। जिसके चलते यहां सिग्नल प्रणाली भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। इस दौरान जोधपुर हावड़ा समेत चार यात्री ट्रेनें और 22 अप डाउन की मालगाडिय़ां प्रभावित रहीं। करीब डेढ़ घंटे बाद दूसरी लाइन से सिग्नल प्रणाली को शुरू कर ट्रेनों को गुजारा गया।

पनकी के पूर्वी छोर पर सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग द्वारा स्थापित बैट्री केबिन से ट्रेनों को सिग्नल देने का काम किया जाता है।

गुरुवार की दोपहर 2.25 बजे बैट्री केबिन में आग लग गई। जिसके बाद परिचालन विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए तो आग की जानकारी हुई। मौके पर फायर बिग्रेड पहुंचती इससे पहले ही बैट्री केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। बैट्री केबिन में आग लगने से पनकी और जीएमसी के बीच सभी प्रकार के सिग्नल जिसमें आटोमैटिक सिग्नल भी शामिल था, फेल हो गया। सिग्नल फेल होने से अहमदाबाद पटना, नई दिल्ली बौद्धगया, नई दिल्ली दरभंगा और हावड़ा जोधपुर को रोक दिया गया। अप और डाउन की 22 मालगाडिय़ां भी खड़ी हो गईं। चूंकि यहां इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग है ऐसे में सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग के अधिकारियों ने दूसरी सिग्नल लाइन को सक्रिय कर रूट को सामान्य किया। दोपहर 3.54 बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन से पहली ट्रेन हावड़ा जोधपुर को अप लाइन पर रवाना किया गया। इसके साथ ही ट्रेनों का सामान्य संचालन शुरू करा दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है। आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

उप मुख्य यातायात प्रबंधक हिमांशु शेखर उपाध्याय का कहना है कि शुरुआती पड़ताल में शार्ट सर्किट से आग लगने की संभावना लग रही है। सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग के अधिकारी आग के कारणों का पता लगा रहे हैं। ट्रेनें ज्यादा प्रभावित नहीं हुईं। करीब चार बजे लाइन बहाल करा दी गई थी।  

Edited By: Sarash Bajpai