कानपुर: प्रॉक्सी सर्वर से लाखों फर्जी ईमेल बेचने वाला अंकित शंखवार गिरफ्तार, पाकिस्तान समेत 5 देशों में फैला नेटवर्क
अंकित शंखवार को फर्जी ईमेल आईडी बनाकर पाकिस्तान समेत पांच देशों में देश विरोधी तत्वों को बेचने के आरोप में ...और पढ़ें

आरोपित अंकित शंखवार।
HighLights
अंकित शंखवार ने लाखों फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बेचे
पाकिस्तान सहित पांच देशों में फैला था उसका साइबर नेटवर्क
एटीएस, एनआईए और विदेशी एजेंसियां अब आतंकी कनेक्शन खंगाल रही हैं
जागरण संवाददाता, कानपुर। स्कूलों और अमिताभ बच्चन के घर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले मामले में चौंकाने वाला राजफाश हुआ है। पांच लाख फर्जी ईमेल आइडी बनाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की समेत पांच देशों में बैठे देश विरोधी तत्वों को बेचने के आरोपित अंकित शंखवार का नेटवर्क देश के उत्तराखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, बंगाल समेत कई राज्यों में फैला है।
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के सूत्रों ने बताया कि नेटवर्क के और विस्तार के लिए वह अपने दो दोस्तों के साथ स्क्रिप्ट एक्सेस साफ्टवेयर पर प्राक्सी सर्वर के जरिये फर्जी नाम-पते के ई-मेल आइडी बनाकर विदेशियों को बेचने लगा था। स्क्रिप्ट एक्सेस में एक्सेल या सीएसवी फाइल से नाम, यूजरनेम व पासवर्ड की जानकारी खुद ही आ जाती है।
ये स्क्रिप्ट ऐसे आटोमेशन टूल्स होते हैं, जिनका उपयोग एक बार में स्वचलित तरीके से कई इंटरनेट मीडिया, ईमेल या अन्य प्लेटफार्म पर अकाउंट बनाने के लिए किया जाता है। इसमें स्वचलित प्राक्सी चेंजर्स का प्रयोग किया जाता है।
एटीएस करीब 11 माह से उस पर नजर रखे था। उसकी देशी विरोधी गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही थी। इस बीच आरोपित ने कई बार विदेशी नागरिकों से संपर्क भी किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और विदेशी एजेंसियां भी अब उसका आतंकी नेटवर्क खंगाल रही हैं।
एटीएस की टीम उसके आतंकी कनेक्शन तलाशने के लिए जल्द शहर आ सकती है। मूलरूप से घाटमपुर के अनोइया गांव व वर्तमान में देहली सुजानपुर के सकरापुर निवासी इंटरमीडिएट पास अंकित शंखवार को एटीएस ने बुधवार को पकड़ा था। आरोपित वर्ष 2021 से फर्जी पहचान के आधार पर ईमेल आइडी बनाकर उन्हें विदेश में बैठे देश विरोधी तत्वों को बेचकर क्रिप्टो करेंसी के रूप में भुगतान लेता था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि अंकित के फोन व लैपटाप पर पाकिस्तान समेत कई देशों के नंबरों से जुड़े संपर्क और यूएसडीटी ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले हैं। अब लैपटाप व फोन से मिले डाटा को फिल्टर कर संदिग्ध नंबरों को एटीएस की टीम निकाल रही है। उनसे संपर्क कर जानकारी मांगी जाएगी तो उन्हें उपलब्ध कराएंगे।
बताया कि अंकित ने जिस ई-मेल आइडी को बांग्लादेश के अलामीन को बेचा था, उससे ही 23 अक्टूबर को मुंबई के महापौर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। अब अंकित व दोनों सहयोगियों के हैंडलर का पता लगाया जा रहा है। एटीएस के कानपुर टीम के अधिकारियों ने बताया कि जल्द पुलिस से भी संपर्क किया जाएगा।
अंकित ने जिस युवक के साथ शेयर मार्केट में निवेश करने की बात कही थी पर अब तक उसकी संलिप्तता नहीं मिली है। फेसबुक पर मिले बाय एंड सेल नाम से बने ग्रुप पर जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी की जा रही है।
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