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पहले प्रेम विवाह, फिर सामूहिक विवाह सम्मेलन में रस्म अदायगी; जींस टॉप में पहुंचीं दुल्हनें, 7 फेरों के बाद भी नहीं भरी मांग

Published: Fri, 30 Oct 2026 09:32 PM (IST)

कानपुर के बिधनू में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अनियमितताएं सामने आईं, जहाँ कई दुल्हनें जींस-टॉप में दिखीं और सिंदूर ...और पढ़ें

प्रेम विवाह होने के बाद जीन्स-कुर्ता पहनकर शादी की रश्म अदायगी करती चांदनी-शैलेन्द्र व जीन्स-टाप पहनकर रश्म अदा करती राधिका। जागरण

प्रेम विवाह होने के बाद जीन्स-कुर्ता पहनकर शादी की रश्म अदायगी करती चांदनी-शैलेन्द्र व जीन्स-टाप पहनकर रश्म अदा करती राधिका। जागरण

HighLights

  1. दुल्हनें जींस-टॉप में दिखीं, दूल्हे भी जींस में

  2. मांग में सिंदूर नहीं, केवल माथे पर टीका

  3. प्रेम विवाह के बाद योजना लाभ हेतु दोबारा विवाह

संवाद सहयोगी, बिधनू(कानपुर)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सरकारी योजना के लाभ के नाम पर औपचारिकता देखने को मिली। हद तो तब हो गई जब सात फेरों की रस्म अदायगी तो कर दी गई, लेकिन दुल्हन की मांग में सिंदूर तक नहीं भरा गया। कई दुल्हनें जींस टॉप में ही विवाह करने पहुंच गईं।

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जींस पहनकर निकाह पढ़ते दूल्हे। जागरण

93 जोड़ों का विवाह, 8 का निकाह

बिधनू में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह में 93 जोड़ों का विवाह कराया गया। इनमें आठ मुस्लिम जोड़ों का मौलवी ने निकाह पढ़ाया। समारोह में कुछ दुल्हनों के जींस-टॉप पहनकर सात फेरे लेने और सिंदूर की रस्म नहीं निभाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई। योजना के लाभ को लेकर भी सवाल उठे।

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प्रेम विवाह करने के बाद योजना का लाभ लेने के लिए फिर से  रश्म अदायगी करते सधाना और रौनक। जागरण

कई युगल जींस टाप और जींस कुर्ते में आए

गरीब परिवारों की बेटियों को सम्मान के साथ विदा करने और आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का बिधनू में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह सवालों के घेरे में आ गया। यहां कई युगल जीन्स-टाप व जीन्स-कुर्ते पहनकर पहुंचे। जहां उन्होंने सिर पर केवल लाल चुनरी डालकर सात फेरे लिए।

सिंदूर भरने की जगह माथे पर टीका लगाया

दुल्हनों ने मांग में सिंदूर भरने की जगह केवल माथे पर टीका लगवाकर विवाह की रस्म पूरी कर ली। स्थानीय लोगो में चर्चा रही कि इनमें कुछ जोड़ों ने पहले से ही प्रेम विवाह करके केवल योजना का लाभ उठाने के लिए दिखावटी विवाह किया।

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सलवार कुर्ता पहनकर पहुंची नौरंगा की अंजलि और दिल्ली के राहुल ने केवल टीका लगवाकर रश्म अदा की।

चार दिवसीय सामूहिक विवाह समारोह

बिधनू कठेरूवा गांव स्थित गेस्ट हाउस में गुरुवार को चार दिवसीय सामूहिक विवाह आयोजन का शुभारंभ हुआ। पहले दिन भीतरगांव विकास खंड के कुल 108 जोड़ों का पंजीकरण हुआ था। जिसमे से कुल 93 जोड़ों का विवाह कराया गया। इनमें से 85 हिंदू जोड़ों का विवाह हुआ, जबकि आठ मुस्लिम जोड़ों का मौलवी बिलाल काजी ने निकाह कराया।

हिंदू रीति रिवाजों का बनाया मजाक

समारोह में हिंदू विवाह की परंपराओं से अलग कई तस्वीरें सामने आईं। चतुरीखेड़ा की राधिका ने भी जीन्स-टाप पहनकर सात फेरे लिए राधिका ने मांग में सिंदूर भरवाने से इंकार करते हुए माथे पर टीका लगवाया। इसी तरह नौरंगा निवासी अंजली और मोहम्मदपुर की लक्ष्मी के विवाह में भी मांग भरने की रस्म के स्थान पर केवल माथे पर टीका लगाया गया।

पहले प्रेम विवाह, फिर रस्म अदायगी

इसी बीच बरईगढ़ निवासी छंगू सोनकर की बेटी चांदनी जीन्स-टाप पहनकर शैलेंद्र के साथ सात फेरे लेकर विवाह किया। दोनों का पहले से प्रेम विवाह होने की बात सामने आई। ऐसे ही भीतरगांव के शाहपुर निवासी साधना देवी और मुरादाबाद निवासी रौनक पहुंचे। जिन्होंने पहले से ही प्रेम विवाह कर रखा है। योजना का लाभ लेने के लिए दोनों ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में दोबारा विवाह की रस्में निभाईं। ऐसे जोड़ों के सम्पन्न हुए विवाह लाभार्थियों की पात्रता और उनके वैवाहिक स्थिति के सत्यापन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

बारिश में भीगते हुए जोड़ों ने लिए उपहार

समारोह में विवाह की रस्में तिरपाल से बने पंडाल में हुई। जबकि उपहार वितरण का कार्यक्रम खुले आसमान में हुआ। जिससे रिमझिम बारिश में जोड़े भीगते रहे। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गौतम, भीतरगांव बीडीओ गिरीश कुमार मिश्रा, एडीओ समाज कल्याण अधिकारी अभिषेक यादव, एडीओ पंचायत मनोज कुमार उमराव मौजूद रहे।

 

प्रेम विवाह कर चुके युगलों का दोबारा शादी करने जैसा कुछ नहीं है और न ही ऐसी कोई सूचना है। अगर कोई लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा है तो लिव इन शादी का प्रमाण नहीं है। वह जोड़े सामूहिक विवाह में शामिल हो सकते हैं। फिर यदि किसी को अपात्रों के शामिल होने की आशंका है तो प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
- शैलेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।

 

 

 

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