नहीं बचेंगे मिलावटखोर, 103 को जुर्माना वसूली की आरसी जारी; पहले का ब्योरा भी खंगाल रहा प्रशासन
मिलावट संबंधी वादों को सुनने के बाद दिसंबर में अपर जिलाधिकारी नगर डा. राजेश कुमार ने 103 मिलावटखोर कारोबारियों को 82 लाख 65 हजार रुपये जुर्माने की आरसी जारी की है। जुर्माना राशि देने में आनाकानी या देरी करने पर कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। इसकी आनलाइन निगरानी भी होगी। पहले जारी की गई आरसी का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। शहर के 103 मिलावटखोरों को जुर्माना वसूली की आरसी जारी होने के बाद कारोबारियों में हलचल मची हुई है। अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन पहले जारी की गई आरसी का ब्योरा भी खंगाल रहा है।
साथ ही तहसीलदार अमीनों के माध्यम से जुर्माना वसूली के लिए सक्रिय हो गए हैं। सप्ताह भीतर संबंधित कारोबारियों को नोटिस तामील कराकर अमीन वसूली करेंगे। जुर्माना राशि देने में आनाकानी या देरी करने पर कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। इसकी आनलाइन निगरानी भी होगी।
82 लाख, 65 हजार रुपये जुर्माने की आरसी जारी
अपर जिलाधिकारी नगर डा. राजेश कुमार ने मिलावट संबंधी वादों को सुनने के बाद दिसंबर में 103 मिलावटखोर कारोबारियों को 82 लाख, 65 हजार रुपये जुर्माने की आरसी जारी की है। सहायक आयुक्त खाद्य-2 विजय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से आरसी आनलाइन कर सप्ताह भीतर अमीनों के माध्यम से संबंधित के पास भेज दी जाएंगी।
जनवरी के आखिर तक ही धनराशि जमा कराने का प्रयास रहेगा। मिलावट संबंधित पुराने वादों में निर्णय के बाद जुर्माना वसूली को लेकर पहले जारी की गई आरसी के लिए रजिस्टर देखे जा रहे हैं। चारों तहसील क्षेत्रों में सदर, नर्वल, घाटमपुर व बिल्हौर के तहसीलदार के माध्यम से वसूली प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।
खाद्य सामग्री में मिलावट संबंधित वादों की सुनवाई तेज की गई है। पुराने मामलों का निर्णय कर वसूली नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मिलावट करने वालों के विरुद्ध और सख्ती बढ़ाई जाएगी - डा. राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर।
जाजमऊ में 11 जगह जांच, छह में रंग अधिक
फूड सेफ्टी आन व्हील्स टीम ने शनिवार को जाजमऊ क्षेत्र में अलग-अलग 11 दुकानों में जांच की। यहां 48 खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांचें गए, जिनमें छह में रंग की उपस्थिति अधिक मिली। सहायक आयुक्त खाद्य-2 विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जाजमऊ चुंगी के पास स्थित दुकानों में जांच की गई तो पिसा मिर्च, हरी चटनी, सास, लाल मिर्च पिसी व काली मिर्च में रंग की अधिकता पाई गई।
सभी दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्होंने बताया कि सचल दल टीम जांच के बाद चेतावनी देती है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम औचक निरीक्षण करती है। इस दौरान गड़बड़ी मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। वाद की सुनवाई के बाद जुर्माना लगाने व वसूली को लेकर निर्णय लेते हैं।
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