कानपुर, जागरण संवाददाता: 'निर्भीक' दुश्मन से खुलकर मोर्चा लेगा क्योंकि सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही इस रिवाल्वर को निर्मित किया गया है। यह बात आयुध निर्माणी बोर्ड अध्यक्ष व महानिदेशक एमसी बंसल ने कही। वह फील्ड गन फैक्ट्री में रिवाल्वर के लांचिंग अवसर पर मंगलवार को आयोजित समारोह मे बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2009-10 में कुल उत्पादन 121 करोड़ रुपये था, वह वर्ष 2013-14 में 250 करोड़ रुपये होने की आशा है। महाप्रबंधक अब्दुल हमीद ने कहा कि यह रिवाल्वर 10 से 15 मीटर तक मार करने की क्षमता रखता है। इसकी चर्चा देश ही नहीं विदेशों में भी खूब है। वरिष्ठ महाप्रबंधक आयुध निर्माणी वीरेंद्र गांधी और अपर महानिदेशक सुधाकर अस्थाना ने भी अपने विचार रखे। बाद में मुख्य अतिथि ने बुकिंग कराने वाले शिवकरन दीक्षित, कल्पना पांडेय, सीमा खरबंदा, मोहम्मद वासे, आमिर, कमल अग्रवाल, दुर्गेश सक्सेना, हर्ष मिगलानी व शशिदेव शर्मा को रिवाल्वर दिया।

महिला सुरक्षा के रिवाल्वर जरूरी

देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, ऐसे में उनको रिवाल्वर रखना जरूरी है। यह कहना है दिल्ली से आई सीमा खरबंदा की। उन्होंने कहा कि असुरक्षा की भावना के कारण ही उन्होंने 'निर्भीक' लेने का फैसला लिया। बाराबंकी की कल्पना पांडेय कहती हैं कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म की घटनाएं आम हो गई हैं, ऐसे में असलहा पास में होना आवश्यक है।

लाइसेंस हासिल करना बहुत कठिन

लाइसेंस मिलने में आवेदक को काफी पापड़ बेलने पड़ते हैं। मौजूदा समय में कोई भी असलहा हासिल करना बहुत टेढ़ी खीर हो गया है। यह कहना है फील्ड गन फैक्ट्री के महाप्रबंधक का। बोले कि यदि असलहा लेने की प्रक्रिया जिला प्रशासन थोड़ी सरल कर दे तो यकीनन बहुत सारी महिलाओं के पास यह हो जाएगा।

आर्मी के साथ बढ़ाए हैं संसाधन

आर्मी के साथ चलकर फील्ड गन फैक्ट्री ने संसाधन बढ़ाए हैं। यह बात आयुध निर्माणी बोर्ड अध्यक्ष ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही। बोले कि हमने स्वयं को काफी अपडेट किया है। आए दिन नए असलहे लांच किए जा रहे हैं।

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