जागरण संवाददाता, कन्नौज: वर्तमान में कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक पर यात्री गाड़ी से अधिक मालगाड़ियां हैं। ट्रैक पर साप्ताहिक व स्पेशल गाड़ियों को छोड़ दें तो प्रतिदिन आठ यात्री गाड़ी चलती है जबकि मालगाड़ी अप-डाउन में मिलाकर 20 से अधिक हैं। इससे सवारी गाड़ियां प्रभावित रहती है। लेटलतीफी की वजह से यात्रियों को ट्रेन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।

कन्नौज से अप-डाउन में कुल 16 ट्रेनें हैं। इसके अलावा साप्ताहिक व दिन के हिसाब से कई ट्रेनें हैं जो यहां तो बहुत जल्दी निकल जाती हैं और देर रात आती हैं। इन ट्रेंनों का सिर्फ कन्नौज रेलवे स्टेशन पर ठहराव हैं अन्य स्टेशनों पर इनका ठहराव नहीं हुआ है। इसमें सोमवार, शुक्रवार शनिवार अनवरगंज से लालकुआं तक जाती है। इसी तरह बुधवार को लखनऊ से अहमदाबाद, शनिवार को कमाख्या से जयपुर, रविवार को कानपुर सेंट्रल से आनंद बिहार, शुक्रवार को कोलकाता से आगरा केंट, शनिवार व रविवार को गोरखपुर से अहमदाबाद, बुधवार व शनिवार को लखनऊ से जयपुर, बुधवार व शुक्रवार को छपरा से मथुरा, बुधवार को कानपुर सेंट्रल से बांद्रा गाड़ियां चलती है। इसी तरह डाउन में अलग-अलग ट्रेनें हैं।

पल-पल में मालगाड़ियां

रेलवे की मानें तो सवारियां गाड़ियों से अधिक मालगाड़ियों की संख्या अधिक हैं। प्रतिदिन अप-डाउन में 20 से अधिक ट्रेनें हैं। कभी-कभी इनकी संख्या अधिक हो जाती है। कई दफा गुरसहायगंज, जसोदा व कन्नौज रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी खड़ी रहती है।

अप-डाउन में प्रतिदिन ट्रेनें

-कानपुर-फर्रुखाबाद, पैसेंजर।

-लखनऊ-कासगंज, पैसेंजर।

-छपरा-फर्रुखाबाद, एक्सप्रेस।

-कानपुर-कासगंज, एक्सप्रेस।

-इलाहाबाद-फर्रुखाबाद, पैसेंजर।

-कानपुर अनवरगंज-कासगंज, एक्सप्रेस।

-कानपुर-भिवानी, एक्सप्रेस।

-कानपुर-फर्रुखाबाद, पैसेंजर।

नोट-यही ट्रेनें डाउन में भी चलती हैं।

'यात्री गाड़ियों के साथ मालगाड़ी चलना जरूरी है। ईंधन का खर्चा इसी से निकलता है। आने वाले समय में यात्री गाड़ी बढ़ाई जाएगी।' -राजेंद्र ¨सह, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे इज्जत नगर मंडल।

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