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    जौनपुर में आवास का सत्यापन कराने गई टीम के साथ दुर्व्यवहार, पूर्व जिपं सदस्य सहित आठ पर मुकदमा

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 05:31 PM (IST)

    जौनपुर में आवास सत्यापन करने गई टीम के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुंशीराम और अग्निकेतु सहित आठ लोगों पर सरकारी का ...और पढ़ें

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     पुलिस ने ग्राम पंचायत अधिकारी सारिका मौर्या की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जागरण संवाददाता, जौनपुर। आवास का सत्यापन कराने गई टीम के साथ दुर्व्यवहार के मामले में पूर्व जिपं सदस्य सहित आठ पर मुकदमा दर्ज क‍िया गया है। जौनपुर में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां आवास का सत्यापन करने गई जांच टीम के साथ बदसलूकी की गई। महिला सचिव को गाली-गलौज देकर एससी, एसटी एक्ट लगाने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित दो नामजद और पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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    ब्लाक मुख्यालय में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी सारिका मौर्या ने थाना पर दी गई तहरीर में बताया कि बुधवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय के पत्र के अनुसार सहायक विकास अधिकारी कृषि सकल नारायण पटेल, जेई आरईडी सत्यम सिंह और तकनीकी सहायक मानिक चंद के साथ भुवाखुर्द गांव में सुबह लगभग 11 बजे आवास का सत्यापन करने पहुंची थीं।

    सारिका मौर्या ने आरोप लगाया कि सत्यापन के दौरान गांव के पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुंशीराम और अग्निकेतु सहित अन्य पांच-छह लोग मौके पर पहुंचे और जांच टीम को गालियां देने लगे। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। महिला सचिव ने कहा कि उन लोगों ने उन्हें लक्ष्य बनाकर गालियां दीं और एससी-एसटी एक्ट लगाने की धमकी भी दी।

    आरोप है कि जब जांच टीम आगे बढ़ी, तो इन लोगों ने सरकारी कागजात छीनकर फाड़ दिए। ब्लाक कर्मियों ने कहा कि ये लोग अनावश्यक रूप से बिना काम के शिकायतें करते रहते हैं, जिससे सरकारी कार्य में रुकावट आती है।

    पुलिस ने महिला सचिव की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है। इस घटना ने सरकारी कार्यों में बाधा डालने और अधिकारियों के प्रति असम्मान की गंभीरता को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं सरकारी कार्यों में बाधा डालती हैं और विकास कार्यों को प्रभावित करती हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

    इस घटना ने जौनपुर में प्रशासनिक कार्यों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं और यह दर्शाता है कि सरकारी अधिकारियों को अपने कार्यों के दौरान किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और अधिक सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।