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    जौनपुर में टोटल 8.11 लाख किसान, 31 दिसंबर तक सिर्फ 17,713 का हुआ फसल बीमा

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 08:19 PM (IST)

    जौनपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों की लापरवाही का शिकार हो रही है। जिले के 8.11 लाख किसानों में से 31 दिसंबर तक केवल 17,713 ने ही अपनी फसल ...और पढ़ें

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    जनपद में 17713 किसानों की फसलों का हुआ बीमा।

    जागरण संवाददाता, जौनपुर। प्रकृति की मार से बर्बाद हो रहे किसानों को बचाने के लिए चल रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। निर्धारित तिथि 31 दिसंबर तक सिर्फ 17713 किसानों ने ही फसलों का बीमा कराया है, जबकि जिले में 8.11 लाख किसान हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना से अधिक से अधिक किसान लाभांवित हों, इस मंशा से सरकार ने 15 दिन की अवधि और बढ़ा दी है।

    जनपद में अवर्षण, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं। इन आपदाओं के चलते कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की लागत भी नहीं निकल पाती है, जिससे वे आर्थिक बर्बादी के कगार पर पहुंच जाते हैं।

    ऐसे किसानों को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। किसान डेढ़ प्रतिशत मामूली प्रीमियम देकर फसलों का सुरक्षा कवच प्राप्त कर सकते हैं।

    प्रीमियम की बाकी की बड़ी धनराशि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार जमा करेगी। इस मामूली प्रीमियम के बदले किसान अपनी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं।

    जनपद जौनपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को क्रियान्वित करने और किसानों को बीमा कवर प्रदान करने की जिम्मेदारी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दी गई है। यह कंपनी प्राकृतिक आपदाओं से फसलें नष्ट होने पर किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करेगी।

    योजना का लाभ लेने में पिछड़ रहा जौनपुर

    भले ही यह योजना किसानों को बर्बादी से बचाने के लिए वरदान साबित हो सकती है, लेकिन जौनपुर जिले के अधिकांश किसान अभी तक इसका उचित लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। विगत कई वर्षों से जिले में केवल उन्हीं फसलों का बीमा हो पा रहा है, जिनकी बोआई ऋण लेकर की गई है। ऐसे में जो किसान अपनी पूंजी लगाकर खेती करते हैं, वे इस सुरक्षा कवच से वंचित रह जाते हैं।

    बीमित राशि पर किसानों को देना है प्रीमियम

    रबी फसलों में गेहूं की बीमित राशि रुपये 78800 प्रति हेक्टेयर तथा कृषक द्वारा देय प्रीमियम रुपये 1182 प्रति हेक्टेयर, चना की बीमित राशि रुपये 105800 तथा कृषक द्वारा देय प्रीमियम 1587 रुपये, मटर की बीमित राशि रुपये 95500 जिसका कृषक द्वारा देय प्रीमियम 1432.50 रुपये और सरसों की बीमित राशि 58300 रुपये है। इसमें किसानों को 874.50 रुपये प्रीमियम देना है।

    15 जनवरी तक बढ़ी तिथि, किसान उठाएं लाभ

    फसलों का बीमा कराने की तिथि 15 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। किसान इस बढ़ी अवधि का लाभ लें। गैर ऋणी किसान अपनी खतौनी, आधार कार्ड के साथ बीमित फसल के क्षेत्रफल का घोषणा पत्र भरकर नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र से मात्र डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम पर निर्धारित तिथि तक कर सकते हैं। -राकेश कुमार गुप्त, जिला कोऑडिनेटर, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस।

    जनपद में किसानों की संख्या

    • 8,11000 फसल बीमा कराने वाले कुल किसान-17713
    • बीमा कराने वाले ऋणी किसान- 17413
    • बीमा कराने वाले गैर ऋणी किसान-300
    • किसानों द्वारा दिया गया प्रीमियम- 87.93 लाख।